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दिल्ली: सिगरेट पीने से मना किया तो गला घोंटकर ले ली छोटे भाई की जान

सत्यदेव कुमार ने अपने बड़े भाई शिशुपाल को सिगरेट पीने से मना किया तो उसने उन्हें मौत के घाट उतार दिया। हालांकि पुलिस ने उन्हें गिरफ्तार कर लिया है।

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बड़े भाई ने छोटे भाई की ली जान

दिल्ली: सिगरेट पीने से मना किया तो गला घोंटकर ले ली छोटे भाई की जान

नई दिल्ली। 'धुम्रपान करना स्वास्थ्य के लिए हानिकारक है' यह वाक्य हर किसी नशीले पदार्थ के पैकेट में लिखा होता है। लेकिन इसके बावजूद भी दुनिया में करोड़ों लोग ऐसे हैं जो धुम्रपान करते हैं। संभवतः हर को पहली बार शौक के लिए धुम्रपान करता है लेकन यही शौक बाद में लत बन जाती है और इससे पीछा छुड़ाना आसान नहीं होता है। नशे की लत की वजह से कई लोग अपना आपा खो बैठते हैं। ऐसी ही एक घटना राजधानी दिल्ली में घटी है। दिल्ली के रहने वाले सत्यदेव कुमार चाहते थे कि उनका बड़ा भाई शिशुपाल सिगरेट पीना छोड़ दें, क्योंकि सिगरेट पीने के कारण लगातार उनका स्वास्थ्य खराब होते जा रहा था। साथ ही इसका असर उनके पूर परिवार पर पड़ रहा था। लेकिन बड़े भाई ने सिगरेट छोड़ने की बात नहीं मानी और अपने छोटे भाई सत्यदेव कुमार की जान ले ली।

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क्या है पूरा मामला

आपको बता दें सत्यदेव कुमार ने अपने बड़े भाई शिशुपाल को सिगरेट पीने से मना किया तो उसने उन्हें मौत के घाट उतार दिया। हालांकि पुलिस ने उन्हें गिरफ्तार कर लिया है। जब पुलिस ने शिशुपाल से पूछताछ की तो सारा घटनाक्रम सामने आ गया। शुरुआती जांच में पुलिस को पता चला है कि बुधवार की शाम सत्यदेव लिविंग रूम में काफी देर तक शिशुपाल का इंतजार करता रहा ताकि वह उन्हें समझा सके और इस मामले को खत्म कर सके। तकरीबन आधे घंटे बाद जब शिशुपाल कमरे में आया तो वह नशे की हालत में था और इस स्थिति में नहीं था कि सत्यदेव उनसे बात कर सके। हालांकि करीब 2.20 में शिशुपाल हाथ में सिगरेट लेकर कमरे में घुसा तो सत्यदेव ने उन्हें बुलाया। जैसे ही सत्यदेव ने बोलना शुरु किया तो शिशुपाल को लगा कि एक बार फिर से वही पुरानी बातें होगी तो कि रोज करता है। इस बात को लेकर दोनों के बीच जमकर नोंकझोंक हुई। दोनों के बीच मारपीट की नौबत आ गई। इस बीच शिशुपाल ने घर में कुछ ढूंढना शुरू कर दिया जिससे कि सत्यदेव को मार सके। इस दौरान शिशुपाल के हाथ में जूते का फीता लग गया और उसी से सत्यदेव का गला घोंटकर हत्या कर दी। जब सत्यदेव बेहोंश हो गया तो शिशुपाल ने उन्हें होश में लाने की कोशिश की। जब सत्यदेव होश में नहीं आया तो उन्हें फौरन अस्पताल ले जाया गया लेकिन डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। इस मामले की जानकारी पुलिस को दोपहj 3.05 में मिली, जिसके बाद डीसीपी मंदीप सिंह रंधावा ने इस मामले की जांच के लिए पटेल नगर के एसीपी रोहित सिंह राजबीर को नियुक्त किया गया है।

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