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‘भैया खाना खा लिया?’, दिल्ली रोहिणी बिल्डिंग हादसे में मरे राम के जुड़वां भाई श्याम ने सुनाई आखिरी बातचीत

Delhi Rohini Building Collapse: रोहिणी सेक्टर-16 में इमारत गिरने के हादसे में जान गंवाने वाले राम के जुड़वां भाई ने उनकी आखिरी फोन कॉल की बातचीत शेयर की। हादसे में राम की मौत हो गई, जबकि उनके परिवार और पूरे इलाके में मातम का माहौल है।
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Delhi Rohini Building Collapse

दिल्ली रोहिणी बिल्डिंग हादसे में मृतक राम के भाई ने सुनाई दर्दनाक कहानी (Photo-IANS/ANI)

Building Collapse Victim: दिल्ली के रोहिणी सेक्टर-16 में बुघवार शाम को पांच मंजिला इमारत गिरने पर अब तक चार लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है। जानकारी के अनुसार उन चार लोगों में राम नाम का व्यक्ति भी शामिल है। उनके जुड़वां भाई श्याम ने बताया कि हादसे के एक घंटे पहले राम ने उनको कॉल किया था। श्याम ने मीडिया को राम के साथ हुई आखिरा बताचीत के बारे में बताया। श्याम ने बताया कि राम ने करॉल कर इतना पूछा था कि भैया खाना खा लिया? इसके बाद उसने कहा कि वह कुछ सामान लेने बाहर जा रहा है। किसी को अंदाजा नहीं था कि यह उनकी आखिरी बातचीत साबित होगी।

बाइक से सामान लेने निकले थे राम

श्याम ने बताया कि राम बाइक मैकेनिक का काम करते थे और अपने साथी रवि के साथ बाइक पर कुछ सामान खरीदने निकले थे। इसी दौरान वे निर्माणाधीन इमारत के पास से गुजर रहे थे। अचानक पूरी इमारत भरभराकर गिर गई। हादसा इतना अचानक हुआ कि किसी को संभलने का मौका नहीं मिला। रवि किसी तरह बच निकले, लेकिन राम मलबे के नीचे दब गए और गंभीर रूप से घायल हो गए।

'ऐसा लगा जैसे भूकंप आ गया हो'- श्याम

इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के अनुसार, श्याम ने बताया कि करीब चार बजे इलाके में अचानक तेज धमाके की आवाज गूंजी। उन्हें लगा जैसे भूकंप आ गया हो। जब वे बाहर निकले तो देखा कि इमारत पूरी तरह मलबे में बदल चुकी थी और राम की बाइक भी उसके नीचे दबी हुई थी। यह देखकर उनके होश उड़ गए। आसपास के लोग, उनका दूसरा भाई नवीन और कई दोस्त तुरंत मौके पर पहुंचे और अपने स्तर पर लोगों को निकालने की कोशिश शुरू कर दी।

अस्पताल पहुंचते-पहुंचते हुई मौत

स्थानीय लोगों और बचाव दल ने काफी कोशिशों के बाद राम को मलबे से बाहर निकाल लिया था। उस समय उनकी सांसें चल रही थीं, जिससे परिवार को उम्मीद थी कि वह बच जाएंगे। पड़ोसी विकास अपनी कार से उन्हें अस्पताल लेकर गए। रास्ते में राम ने एक गहरी सांस ली, लेकिन उसके बाद उनकी हालत बिगड़ गई। अस्पताल पहुंचने पर डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।

पत्नी और दो बेटों को छोड़ गए राम

राम अपने पीछे पत्नी रेनू और दो छोटे बेटों को छोड़ गए हैं, जिनकी उम्र 8 और 12 साल है। हादसे के बाद पूरे परिवार का रो-रोकर बुरा हाल है। आसपास के लोग रेनू का साहस जुटाने के लिए गए, लेकिन वह सदमे में चुपचाप बैठी रही। आसपास लोगों के बोलते रहनेके बावजूद उनकी आंखें जमीन रप टिकी हुई थी। उन्हें देखकर ऐसा लग रहा था जैसे उन्हें आवाजा सुनाई ही नहीं दे रही हो।

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