
दिल्ली में सनातन हिंदू एकता पदयात्रा 2025 के शुभारंभ में शामिल रहीं सीएम रेखा गुप्ता।
Sanatan Hindu Ekta Padyatra 2025: राजधानी दिल्ली के पवित्र छतरपुर मंदिर परिसर से शुक्रवार 7 नवंबर 2025 को भव्य धार्मिक माहौल में ‘सनातन हिंदू एकता पदयात्रा 2025’ का शुभारंभ हुआ। वैदिक मंत्रोच्चारण, हवन और पूजा-अर्चना के बीच आरंभ हुई यह यात्रा धर्म, संस्कृति और एकता का संदेश जन-जन तक पहुंचाने का उद्देश्य लेकर निकली है। इस अवसर पर छतरपुर मंदिर परिसर में सुबह से ही भक्तों का सैलाब उमड़ पड़ा। हजारों श्रद्धालु, संत, सामाजिक कार्यकर्ता और विभिन्न धार्मिक संगठनों के प्रतिनिधि पदयात्रा में शामिल हुए। पूरी यात्रा का वातावरण भक्ति और उत्साह से सराबोर रहा। इस दौरान हजारों सनातनियों से भरी दिल्ली की सड़कें भी रंग-बिरंगी नजर आने लगीं।
यह पदयात्रा दिल्ली से वृंदावन तक लगभग 160 किलोमीटर की दूरी तय करेगी। दिल्ली से प्रारंभ होकर यह यात्रा मथुरा, गोवर्धन जैसे पवित्र स्थलों से गुजरते हुए अंत में वृंदावन धाम पहुंचेगी। रास्ते में यात्रा के प्रत्येक पड़ाव पर श्रद्धालुओं के लिए भोजन, विश्राम और भक्ति कार्यक्रमों की विशेष व्यवस्था की गई है। यात्रा के दौरान विभिन्न स्थानों पर संतों के प्रवचन, सांस्कृतिक प्रस्तुतियां, भजन संध्या, कीर्तन और समाज जागरण सभाओं का आयोजन होगा। आयोजकों के अनुसार, यह पदयात्रा केवल धार्मिक अनुष्ठान नहीं, बल्कि सनातन संस्कृति की अखंडता और एकजुटता का प्रतीक है।
दिल्ली के छतरपुर स्थित कात्यायनी शक्ति पीठ में आयोजित सनातन हिंदू एकता पदयात्रा 2025 में सीएम रेखा गुप्ता मंत्रियों समेत शामिल हुईं। उन्होंने अपने सोशल मीडिया 'X' अकाउंट पर लिखा "छतरपुर स्थित कात्यायनी शक्ति पीठ में आयोजित सनातन हिंदू एकता पदयात्रा 2025 “श्री बागेश्वर बालाजी का श्री बांके बिहारी से मिलन” में सम्मिलित होना एक अत्यंत अलौकिक और भावनात्मक अनुभव रहा। बागेश्वर धाम पीठाधीश्वर श्री धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री जी द्वारा प्रारंभ यह दिव्य पदयात्रा छतरपुर के कात्यायनी शक्ति पीठ मंदिर से आरंभ होकर वृंदावन स्थित श्री बांके बिहारी मंदिर तक पहुंचेगी।"
सीएम रेखा गुप्ता ने आगे लिखा "यह यात्रा सनातन संस्कृति की आत्मा को पुनः जाग्रत करते हुए पूरे देश में एकता, श्रद्धा और आध्यात्मिक चेतना का संदेश दे रही है। इस आध्यात्मिक यात्रा के माध्यम से हमारे आस्था और एकत्व के संस्कार पुनः पुष्ट हो रहे हैं। इस पावन अवसर पर दिल्ली सरकार के मंत्री श्री कपिल मिश्रा जी सहित अनेक श्रद्धालु उपस्थित रहे।"
पदयात्रा का समापन 16 नवंबर 2025 को वृंदावन धाम में होगा। समापन अवसर पर एक विशाल ‘सनातन धर्म एकता सम्मेलन’ आयोजित किया जाएगा, जिसमें देशभर से प्रमुख संत-महात्मा, विद्वान, धार्मिक संगठन और हजारों धर्मप्रेमी भाग लेंगे। इस सम्मेलन में सनातन धर्म की रक्षा, सांस्कृतिक विरासत के संवर्धन और समाज में एकता बनाए रखने जैसे विषयों पर विचार-विमर्श किया जाएगा। आयोजकों का कहना है कि इस पदयात्रा का उद्देश्य समाज में धार्मिक जागरण, आपसी सद्भाव और सनातन मूल्यों की पुनर्स्थापना करना है।
बागेश्वर पीठाधीश्वर आचार्य धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि दिल्ली, हरियाणा और उत्तर प्रदेश की इस पदयात्रा का उद्देश्य जाति आधारित भेदभाव मिटाकर शांति और राष्ट्रवादी भावनाओं के माध्यम से हिंदुओं में एकता बढ़ाना है। उन्होंने कहा कि यह उनकी दूसरी पदयात्रा है और उनका लक्ष्य जागरूकता फैलाना तथा जातिवाद को जड़ से खत्म करना है। ताकि बच्चे सुरक्षित रहें और देश में किसी तरह की धार्मिक विभाजन की प्रवृत्ति न फैले। पदयात्रा की शुरुआत राष्ट्रगान व हनुमान चालीसा से होगी और बताया गया कि लगभग 40,000 लोगों ने रजिस्ट्रेशन कराया है।
बागेश्वर धाम के प्रतिनिधि ने कहा कि यह 160 किलोमीटर लंबी यात्रा रोज सात कसमें लेकर चलेगी और देश के कोने-कोने से लोग इसमें शामिल हो रहे हैं। उनका कहना था कि यह मार्च हिंदुओं के समर्थन में है। किसी के खिलाफ नहीं और इसका मकसद सनातन एकता तथा तिरंगे से प्यार रखने वालों को जोड़ना है। उन्होंने सभी राजनीतिक दलों को आमंत्रित किया है और कहा कि जिन्हें हिंदुत्व या सनातन विचारधारा से लगाव है, वे इसमें शामिल हो सकते हैं। उन्होंने कहा कि कुछ लोग तिरंगे पर चांद देखना चाहते हैं और हम चांद पर तिरंगा देखना चाहते हैं।
Updated on:
07 Nov 2025 03:50 pm
Published on:
07 Nov 2025 03:50 pm
