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दिल्ली: सड़क किनारे बने नाले में गिरा युवक, चार दिन बाद इलाज के दौरान हुई मौत

दिल्ली के मायापुरी औद्योगिक क्षेत्र में एक खुले नाले में 29 वर्षीय युवक फिसल कर गिर गया। नाले में गिरने के कारण युवक बुरी तरह से घायल हो गया। उन्हे कई जगह गंभीर चोटें भी आई। चार दिन बाद युवक की मौत हो गई।

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दिल्ली: सड़क किनारे बने नाले में गिरा युवक, चार दिन बाद इलाज के दौरान हुई मौत

दिल्ली: सड़क किनारे बने नाले में गिरा युवक, चार दिन बाद इलाज के दौरान हुई मौत

नई दिल्ली। राजधानी दिल्ली और आस-पास के इलाकों में हो रही भारी बारिश के कारण जहां आम लोगों को काफी परेशानी हो रही है वहीं इस बारिश ने प्रशासन की पोल भी खोल दी है। प्रशासन की लापरवाही के कारण सड़कों पर बने बड़े-बड़े गढ्ढे और नालियों की सफाई नहीं होने के कारण यह लोगों की मौत का कारण बन रहा है। सड़क किनारे खुले नालों में डूबने से अबतक कई लोगों की जानें जा चुकी है। ताजा मामला राजधानी दिल्ली में घटी है जहां पर नाले में गिरने से मौत हो गई।

अस्पताल में चल रहा था इलाज

आपको बता दें कि बीते 25 जुलाई को दिल्ली के मायापुरी औद्योगिक क्षेत्र में एक खुले नाले में 29 वर्षीय युवक फिसल कर गिर गया। नाले में गिरने के कारण युवक बुरी तरह से घायल हो गया। उन्हे कई जगह गंभीर चोटें भी आई। चार दिन बाद युवक की मौत हो गई। बता दें कि युवक की पहचान अर्जुन के रूप में हुई है। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक 25 जुलाई को अर्जुन अपने घर लौट रहा था कि तभी सड़क पर अंधेरा होने और नाले में पानी भरने के कारण उसे अहसास नहीं हुआ कि आगे गड्ढा है और वह फिसलकर गड्ढे में जा गिरा। गड्ढे में गिरने से अर्जुन को काफी चोटें आई। आस-पास इलाके से गुजरने वाले लोगों ने उसे बाहर खींचा और सफदरजंग अस्पताल में भर्ती कराया जहां इलाज के दौरान रविवार को उसकी मौत हो गई।

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पांच वर्ष पहले आया था दिल्ली

आपको बता दें कि अर्जुन उत्तर प्रदेश का रहने वाला था जो पांच वर्ष पहले ही दिल्ली आया था। वह अपनी पत्नी और बच्चे के साथ जेजे कालोनी में किराए पर रहता था। वह खाने पीने की चीजों की एक रेहड़ी लगाकर गुजारा कर रहा था। अर्जुन के पड़ोसी राजेश का कहना है कि यह पहली बार नहीं है जब कोई इस गड्ढे में गिरा है। जब भी यहां सफाई अभियान चलता है तो हम इंजीनियरों को स्लैब ठीक करने को कहते हैं। लेकिन वो सिर्फ नाले की गंदगी निकालते हैं और चले जाते हैं। राजेश ने ये भी बताया कि यहां कोई स्ट्रीट लाइट भी नहीं है जिससे अंधेरे में कुछ भी दिखाई नहीं देता। बता दें कि अर्जुन के परिवार वालों ने मायापुरी पुलिस स्टेशन में एफआईआर दर्ज कराई है। सोमवार को अर्जुन के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। अब पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही यह साफ हो पाएगा कि अर्जुन की मौत का कारण अंदरुनी चोट है या फिर किसी अन्य कारण से हुई है।