
E20 पेट्रोल को लेकर नितिन गडकरी पर लगाए थे आरोप, 4 इंफ्लुएंसर पर केस दर्ज। फोटो सोर्स-ANI
E20 Fuel Controversy: E20 पेट्रोल को लेकर सोशल मीडिया पर चल रही बहस अब कानूनी कार्रवाई तक पहुंच गई है। केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी को लेकर कथित रूप से भ्रामक और आपत्तिजनक सामग्री प्रसारित करने के आरोप में नागपुर साइबर पुलिस ने चार सोशल मीडिया क्रिएटर्स के खिलाफ मामला दर्ज किया है। इनमें बिहार के चर्चित यूट्यूबर मनीष कश्यप समेत देसी बॉयज NCR, हर्षित राठी और अंकलेश इनवाटे के नाम शामिल हैं।
यह शिकायत भाजपा नागपुर शहर सोशल मीडिया सेल के प्रमुख शिशिर त्रिपाठी की ओर से दर्ज कराई गई है। शिकायत में आरोप लगाया गया है कि इन सोशल मीडिया अकाउंट्स से E20 पेट्रोल को लेकर ऐसे वीडियो और पोस्ट शेयर किए गए, जिनसे लोगों के बीच भ्रम फैल सकता है और केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी की छवि को नुकसान पहुंच सकता है।
पुलिस के मुताबिक, शिकायत के साथ कुछ डिजिटल साक्ष्य भी दिए गए हैं। इन्हीं के आधार पर भारतीय न्याय संहिता की विभिन्न धाराओं और सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम के तहत FIR दर्ज की गई है। फिलहाल मामले की जांच जारी है।
शिकायत में आरोप लगाया गया है कि कुछ वीडियो में E20 पेट्रोल को लेकर वाहन खराब होने, इंजन पर असर पड़ने और दूसरे नुकसान से जुड़े दावे किए गए। आरोप लगाने वालों का कहना है कि इन वीडियो में सरकार की इथेनॉल नीति को गलत तरीके से पेश किया गया और गडकरी का नाम जोड़कर कंटेंट को ज्यादा चर्चा दिलाने की कोशिश की गई।
वहीं, इस पूरे विवाद की जड़ E20 ईंधन है। केंद्र सरकार पेट्रोल में 20 प्रतिशत तक इथेनॉल मिलाने की योजना को बढ़ावा दे रही है। सरकार का तर्क है कि इससे पेट्रोलियम आयात पर निर्भरता कम होगी, प्रदूषण घटेगा और किसानों को भी फायदा मिलेगा।हालांकि, E20 को लेकर कई वाहन मालिक सोशल मीडिया पर अपनी चिंताएं भी जाहिर कर रहे हैं। कुछ लोगों का दावा है कि पुराने वाहनों में इसका असर माइलेज और इंजन की कार्यक्षमता पर पड़ सकता है। इसी मुद्दे को लेकर विपक्षी दलों की ओर से भी सरकार से सवाल पूछे गए हैं।
आम आदमी पार्टी के संयोजक अरविंद केजरीवाल ने भी E20 पेट्रोल को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर पुराने वाहनों के लिए विकल्प देने की मांग की है। उन्होंने उपभोक्ताओं को सामान्य पेट्रोल और E20 के बीच विकल्प उपलब्ध कराने की बात कही है।
फिलहाल नागपुर साइबर पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है। जांच के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि सोशल मीडिया पर किए गए दावे कितने सही थे और कानूनी कार्रवाई आगे किस दिशा में जाएगी।
Updated on:
15 Jul 2026 09:42 am
Published on:
15 Jul 2026 09:42 am
