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शर्मनाक: आठ वर्ष की बच्ची से करवाता था घर के काम, तंग आकर मालिक के चंगुल से भाग निकली

राजधानी के जामिया नगर के एक घर में आठ वर्ष की नाबालिग बच्ची को एक शख्स ने बंधुआ मजदूर बनकर रखा था। उससे घर के काम करवाए जाते थे और जब काम करने से मना करती तो पीटा भी जाता था।

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आठ वर्ष की बच्ची से एक शख्स करवाता था घर के काम

शर्मनाक: आठ वर्ष की बच्ची से एक शख्स करवाता था घर के काम, तंग आकर मालिक के चंगुल से भाग निकली

नई दिल्ली। राजधानी दिल्ली से दिल को कचौटने वाली एक घटना सामने आई है। जिस उम्र में बच्चों को खेलना-कूदना चाहिए उस उम्र में एक बच्ची को हजारों सितम झेलने पड़े। राजधानी के जामिया नगर के एक घर में आठ वर्ष की नाबालिग बच्ची को एक शख्स ने बंधुआ मजदूर बनकर रखा था। उससे घर के काम करवाए जाते थे और जब काम करने से मना करती तो पीटा भी जाता था। लेकिन अब बच्ची को जब मौका मिला तो वह किसी तरह से अपने मालिक के घर से भागकर आजाद होने में कामयाबी पाई। बच्ची जब कैद से आजाद होकर भागी तो सबसे अपने एक रिश्तेदार से संपर्क किया, जिसके बाद सारा मामला खुलकर सामने आया।

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मालिक के खिलाफ केस दर्ज करने के निर्देश

आपको बता दें कि मिली जानकारी के मुताबिक कुछ वर्ष पहले बच्ची को तस्करी करके दिल्ली लाया गया था। बच्ची को चार वर्ष के बच्चे की बेबीसिटिंग करने का काम करती थी। जब बच्ची दिए गए काम को ठीक से नहीं कर पाती तो उसकी पिटाई की जाती थी। जब यह मामला सामने आया तो एसडीएम ने जामिया नगर के एसएचओ को बच्ची के मालिक के खिलाफ केस दर्ज करने के लिए कहा है। इधर इस मामले को लेकर नैशनल कैंपेन कमिटी फॉर इरैडिकेशन ऑफ बॉन्डेड लेबर यानी NCCEBL के निर्मल गोराना ने कहा कि बच्ची जामिया नगर में रहती है और उसे शाहीन बाग के एक घर में घरेलू सहायक के रूप में काम करने के लिए मजबूर किया गया। बच्ची जब भाग कर वहां से निकली तो वह अपने एक रिश्तेदार के पास पहुंची। बाद में उसकी काउंसलिंग कराया गया। बच्ची ने काउंसलर्स को बताया कि उसकी मां को लालच देकर कहा गया था कि मालिक उसे अपने बच्चे की तरह रखेगा और उसे स्कूल भी भेजा जाएगा, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। उसने बताया कि कुछ दिन बाद मालकिन ने उसके साथ बुरा बर्ताव करना शुरू कर दिया। काम न करने पर मार-पीट की जाती थी। आगे बच्ची ने यह भी बताया कि मालकिन उसे घर में बंद कर देती थी और छुट्टियों में जब वह अपने माता-पिता से मिलने जाती थी तो साथ में मालिक-मालकिन भी जाते थे और कुछ हीं घंटे घर मे रहने देते थे। जिससे वह अपने माता-पिता को बता नहीं पाते थे।

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भागकर बहन के घर पहुंची बच्ची

बता दें कि बताया जा रहा है कि जब बच्ची मालिक-मालकिन के व्यवहार से परेशान हो गई तो मौका मिलते ही वहां से फरार होकर अपनी बहन के घर पहुंच गई। फिर बहन को सारी बातें विस्तार से बताई। बाद में बहन ने अपने माता-पिता को बताई। फिर माता-पिता ने एसडीएम से इसकी शिकायत की, जहां पर बच्ची को काउंसलिंग के लिए भेजा गया। काउंसलिंग के बाद बहुत जल्द ही बच्ची को माता-पिता के पास भेज दिया जाएगा साथ ही उसे 20 हजार रुपए मुआवजा दिया जाएगा।

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