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खतरे के निशान से ऊपर यमुना, केजरीवाल सरकार ने की आपात बैठक

शनिवार को हरियाणा के हथिनीकुंड बैराज से शाम 5 बजे तक 5,03,935 क्यूसेक पानी छोड़े जाने के बाद दिल्ली के निचले इलाके में बाढ़ का खतरा बढ़ गया है।
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नई दिल्ली

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Anil Kumar

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Updated: 28 Jul 2018, 10:03 PM IST

खतरे के निशान से ऊपर यमुना, केजरीवाल सरकार ने बुलाई आपात बैठक

खतरे के निशान से ऊपर यमुना, केजरीवाल सरकार ने बुलाई आपात बैठक

नई दिल्ली। राजधानी दिल्ली और आस-पास के इलाकों में बीते तीन दिनों से हो रही भारी बारिश के कारण दिल्ली में बाढ़ का खतरा मंडराने लगा है। शनिवार को हरियाणा के हथिनीकुंड बैराज से शाम 5 बजे तक 5,03,935 क्यूसेक पानी छोड़े जाने के बाद दिल्ली के निचले इलाके में बाढ़ का खतरा बढ़ गया है। इसी के मद्देनजर दिल्ली सरकार ने शनिवार को आपातकालीन बैठक की। इस बीच अधिकारी अब निचले इलाकों से लोगों को निकालकर सुरक्षित जगहों पर पहुंचाने के काम में जुट गए हैं। इसके अलावे हरियाणा सरकार ने यमुनानगर जिले में भी हाई अलर्ट जारी कर दिया गया है।

सीएम केजरीवाल ने ट्वीट कर दी जानकारी

आपको बता दें कि आपातकालीन बैठक के बाद मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने ट्वीट करते हुए जानकारी दी कि हरियाणा ने 5 लाख क्यूसेक पानी छोड़ा है। सीएम केजरीवाल ने एक दूसरे ट्वीट में कहा कि 'यह पानी कल शाम तक दिल्ली पहुंचेगी'। इससे पहले दिल्ली प्रशासन ने लोगों को सुरक्षित स्थानों तक ले पहुंचाने की मुहिम शुरू कर दी है और आम लोगों से सहयोग की अपील की है। दिल्ली सरकार ने सभी विभागों को अलर्ट पर रखा है। प्रशासन ने कहा है कि किसी भी तरह के बाढ़ से जुड़ी आपात स्थिति के लिए कंट्रोल रूम 1077 पर संपर्क करें।

Video: लगातार बरसात के बाद उफनती यमुना के चलते खतरे में दिल्ली!

शुक्रवार को जारी की गई थी चेतावनी

आपको बता दें कि शनिवार की सुबह 9 बजे हरियाणा के हथिनीकुंड बैराज पर यमुना नदी का जलस्तर 90,000 क्यूसेक के खतरे के निशान को पार कर 2.11 लाख क्यूसेक तक पहुंच गया था। इसी को ध्यान में रखते हुए पूर्वी दिल्ली जिला प्रशासन की ओर से जारी बयान में कहा गया था कि दिल्ली रेलवे पुल पर यमुना नदी का जल स्तर आज रात 9 बजे से 11 बजे तक बढ़कर 205.40 मीटर तक पहुंचने की संभावना है। इधर एक अधिकारी ने बताया कि यमुना नदी के खतरे के निशान को पार करने के बाद शुक्रवार को चेतावनी जारी की गई थी, जिसके बाद सुरक्षा व्यवस्था को सुदृढ़ करने और बचाव कार्य में सहयोग के लिए तत्पर रहने की अपील लोगों से की गई थी।