
नई दिल्ली। राजधानी दिल्ली के मंडावली इलाके में एक ही परिवार के तीन बच्चियों के मौत के बाद नींद से जागी केजरीवाल सरकार ने अब कड़ा कदम उठाया है। दिल्ली सरकार ने राज्य में 2 लाख 93 हजार राशन कार्ड को निरस्त करने के आदेश जारी कर दिए हैं। इसके लिए खाद्य एवं आपूर्ति विभाग के विशेष आयुक्त एसके सिंह ने सभी जिला खाद्य आपूर्ति अधिकारियों से 31 जुलाई तक इस बारे में रिपोर्ट तलब की है। बता दें कि इससे मामले मामला सामने आने के बाद केजरीवाल सरकार ने फौरन जांच के आदेश दिए थे। गौरतलब है कि खाद्य एवं आपूर्ति विभाग ने करीब 2400 राशन दुकानों में ई-पॉस प्रणाली लागू की थी। इसके तहत सरकारी राशन लेने के लिए आधार कार्ड को अनिवार्य बना दिया गया था। इस नई योजना के मुताबिक राशन कार्ड धारक को फिंगर प्रिंट के आधार पर ही राशन दिए जाने का प्रावधान किया गया था।
जनवरी से मार्च तक 2 लाख 93 हजार कार्डधारक राशन लेने नहीं आए
आपको बता दें कि खाद्य एवं आपूर्ति विभाग की ओर से इसी वर्ष एक जनवरी को यह योजना लागू की गई थी। जिसके बाद मार्च तक 2 लाख 93 हजार कार्डधारक राशन लेने नहीं आए। बता दें कि राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम, 2013 में यह प्रावधान है कि यदि को भी राशन कार्ड धारक तीन महीने तक अपना राशन लेने नहीं आता है तो उसका राशन कार्ड को निरस्त कर दिया जाएगा। लेकिन सबसे चौंकने वाली बात सामने आई है कि दिल्ली सरकार के मंत्री इमरान हुसैन ने आदेश जारी करते हुए कहा था जब तक वह खुद कोई निर्देश नहीं देते हैं तब तक राशन कार्ड को निरस्त नहीं किया जाएगा। इसके बाद विभाग ने संदिग्ध राशन कार्ड धारकों को एक पत्र जारी करते हुए जवाब मांगा था। अब जवाब आने के बाद विभाग उसका अध्ययन कर रहा है कि क्या कार्रवाई की जा सकती है।
भाजपा नेता ने उठाया था राशन कार्ड का मुद्दा
आपको बता दें कि राज्य में राशन वितरण में धांधली का मुद्दा भाजपा विधायक और दिल्ली विधानसभा के नेता प्रतिपक्ष विजेंद्र गुप्ता शुक्रवार को उठाया था। उन्होंने शुक्रवार को राजनिवास जाकर उपराज्यपाल से मुलाकात की और फर्जी राशन कार्ड रद करने की मांग की। विजेद्र गुप्ता ने आरोप लगया था कि केजरीवाल सरकार राशन वितरण व्यवस्था को उचित प्रकार से नहीं चला पा रही है और नए राशन कार्ड नहीं जारी करने के कारण गरीबों को भोजन नहीं मिल रहा है। गुप्ता ने कहा कि यही कारण है कि मंडावली इलाके में एक ही परिवार के तीन बच्चियों की मौैत भूख के कारण हो गई। भूख की वजह से किसी की मौत दुखद है। इसलिए दिल्ली सरकार यह सुनिश्चिकरे कि अब किसी गरीब की मौत भूख के कारण न हो। गुप्ता ने आरोप लगाया कि दिल्ली में चार लाख से अधिक राशन कार्डधारक राशन पाने के हकदार नहीं है। लेकिन दिल्ली सरकार इनके राशन कार्ड निरस्त करने के बजाय गरीबों का हक छीनकर इन्हें दिया जा रहा है। इसलिए उपराज्यपाल दिल्ली सरकार को तुरंत फर्जी राशन कार्ड रद करने और जरूरतमंद लोगों को राशन देने का निर्देश दें।
Published on:
28 Jul 2018, 6:29 PM IST
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