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दोस्त और उसकी पत्नी ने मेरा…पति की बातें सुनकर पत्नी के होश उड़े, पुलिस जांच में झूठा निकला मामला

Fake Kidnapping: फोन पर पति की बातें सुनकर पत्नी के होश उड़ गए। उसने आनन-फानन में पुलिस को मामले की जानकारी दी और अपने पति की सलामती की दुआएं मांगने लगी, लेकिन जब पुलिस ने जांच शुरू की तो मामला कुछ और ही निकला।

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Fake kidnapping drama to trap friend and his wife in Noida exposed

दोस्त और उसकी पत्नी को फंसाने के लिए युवक ने रचा फर्जी अपहरण का ड्रामा। (प्रतीकात्मक तस्‍वीर)

Fake Kidnapping: कहते हैं दोस्त से दुश्मनी बड़ी महंगी पड़ती है। ऐसा ही एक मामला दिल्ली से सटे नोएडा में सामने आया, जहां एक युवक और उसकी पत्नी को फंसाने के लिए उसके दोस्त ने खतरनाक चाल चल दी। हालांकि जब पुलिस ने मामले की जांच शुरू की तो दूध का दूध और पानी का पानी सामने आ गया। इसके बाद पुलिस ने आरोपी को मथुरा से गिरफ्तार किया है। दरअसल, नोएडा फेज-3 थाना क्षेत्र के गढ़ी चौखंडी निवासी दशरथ साहू 29 सितंबर की रात अचानक लापता हो गया। इसके दूसरे दिन उसने अपनी पत्नी को व्हाट्सएप पर भावुक अंदाज में खुद के अपहृत होने की सूचना दी। दशरथ ने पत्नी को बताया कि उसके दोस्त काशी रैकवार और उसकी पत्नी ने उसे बंधक बना लिया है। छोड़ने के एवज में पांच लाख रुपये की मांग कर रहे हैं।

व्हाट्सएप पर संदेश के साथ भेजी फोटो

एसीपी वर्णिका सिंह ने HT को बताया कि व्हाट्सएप पर आरोपी दशरथ ने अपनी पत्नी को एक फोटो भी भेजा, ताकि अपहरण की कहानी सच्ची लगे। उसने पत्नी को बताया कि कुसुम और उसका पति रुपये न मिलने की स्थिति में उसे जान से मार देंगे। पति की बातें सुनकर घबराई पत्नी ने तुरंत पुलिस को मामले की सूचना दी। सूचना मिलते ही पुलिस हरकत में आई, लेकिन जब जांच की गई तो मामला संदिग्ध लगा। बकौल एसीपी वर्णिका सिंह "शुरुआती जांच में ही मामला गड़बड़ लगने लगा। पत्नी के बयानों में भी कई झोल मिले। इसके बाद पुलिस ने तकनीकी निगरानी शुरू की और दशरथ के मोबाइल की लोकेशन ट्रेस की। लोकेशन नासिक (महाराष्ट्र) की मिली, जिससे पुलिस का शक और गहरा गया। एक टीम को तुरंत नासिक रवाना किया गया, वहीं दूसरी टीम ने अपहरण के आरोप झेल रहे दंपति से पूछताछ शुरू की।"

घटना से पांच दिन पहले काशी से हुआ था झगड़ा

एसीपी वर्णिका सिंह ने बताया कि कुसुम और काशी रैकवार ने बताया कि 24 सितंबर की शाम दशरथ ने काशी से झगड़ा किया था। विवाद के दौरान दशरथ ने धमकी दी थी कि अगर उसे पांच लाख रुपये नहीं मिले तो वह दोनों पर फिरौती और जान से मारने की धमकी का झूठा मुकदमा दर्ज करवा देगा। दंपति ने पैसे देने से इनकार कर दिया। इसके बाद 29 सितंबर को दशरथ अचानक घर से गायब हो गया और कुछ समय बाद अपनी पत्नी को व्हाट्सऐप पर अपहरण का मैसेज भेज दिया। पुलिस ने जब मोबाइल लोकेशन का पीछा किया तो दशरथ को भनक लग गई। वह लगातार अपना फोन बंद और चालू करता रहा ताकि पुलिस को भ्रमित कर सके। हालांकि, जब वह घर लौटने की कोशिश कर रहा था, तभी पुलिस ने उसे मथुरा से गिरफ्तार कर लिया।

दशरथ ने स्वीकार किया अपराध

पूछताछ में दशरथ ने अपना अपराध कबूल कर लिया। उसने बताया कि वह कुत्ते घुमाने का काम करता है और उसी इलाके में काशी और कुसुम भी रहते हैं। दोनों परिवारों के बीच पहले से ही आपसी रंजिश चल रही थी। कुछ दिन पहले गांव के ही एक व्यक्ति ने दशरथ से कहा था कि काशी और उसकी पत्नी उसकी आर्थिक स्थिति पर टिप्पणी कर रहे थे। इसी बात से नाराज होकर दशरथ ने उन्हें सबक सिखाने की ठानी और झूठा अपहरण का नाटक रच डाला। फिलहाल पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर धोखाधड़ी और झूठा मुकदमा दर्ज करने के आरोप में कार्रवाई शुरू कर दी है। पुलिस यह भी जांच कर रही है कि कहीं इस साजिश में और कोई व्यक्ति शामिल तो नहीं था।