
गोवा में दिल्ली-गाजियाबाद निवासी चार लोगों की मौत।
Goa Nightclub Fire Accident: गोवा में भीषण अग्निकांड ने जहां पूरे देश को झकझोर कर रख दिया, वहीं गाजियाबाद निवासी विनोद की मां अपने छोटे बेटे और बड़ी बहू का उसी दरवाजे पर इंतजार कर रही है, जहां से कुछ दिन पहले उन्हें मुस्कुराते हुए विदा किया था। विनोद की मां को नहीं पता कि जिस बेटे-बहू को वह दरवाजे पर टकटकी लगाकर देख रही हैं, वे अब कभी घर वापस नहीं आएंगे। गोवा जाने से पहले विनोद कुमार, उसकी पत्नी भावना, भाभी कमला और दो सालियां अनीता और सरोज एक हफ्ते तक जिन खुशियों की प्लानिंग कर रही थीं, वह उन्हें नसीब ही नहीं हो सकीं। गोवा पहुंचने के बाद नाइट क्लब में मस्ती करने पहुंचे गाजियाबाद निवासी विनोद कुमार, उनकी भाभी कमला, सालियां सरोज और अनीता काल के गाल में समा गईं, जबकि विनोद की पत्नी भावना गंभीर रूप से घायल है।
शनिवार की देर रात गोवा के अरपोरा स्थित एक नाइट क्लब में अचानक लगी भीषण आग ने इन सबकी खुशियों को राख कर दिया। इस हादसे में 25 लोग मारे गए, जिनमें दिल्ली-गाजियाबाद निवासी चार लोग भी शामिल थे। जिस समय क्लब में भीषण आग लगी, उस समय विनोद अपनी पत्नी भावना के साथ था। इसलिए उसने भावना को जोर का धक्का देकर दरवाजे से बाहर कर दिया। इसके बाद वह अपनी भाभी कमला और सालियों सरोज, अनीता को बचाने के लिए वापस क्लब के अंदर चला गया। जहां से फिर कभी नहीं लौटा। यह वाकया याद कर जहां विनोद की पत्नी भावना बेसुध हो जाती है, वहीं विनोद की मां को अभी तक इसकी जानकारी ही नहीं है। इसके साथ ही परिवार और पड़ोसियों के लिए यह घटना किसी भयंकर सदमे से कम नहीं है।
करावल नगर में उनके करीब 40 साल पुराने पड़ोसी महिपाल सिंह भंडारी ने HT से बातचीत में कहा “इतने बड़े हादसे में एक ही परिवार के चार लोगों की मौत से पूरा परिवार टूट सा गया है। यह बात हमारी समझ से बाहर है कि किसी अन्य इंसान की लापरवाही से भारी जनहानि हो गई। इस मामले में सख्त कार्रवाई होनी चाहिए।” एक अन्य पड़ोसी हरीश कहते हैं कि दिल्ली निवासी तीन सगी बहनों की मौत से पूरा मोहल्ला सदमे में है। हरीश ने कहा “ऐसी घटनाओं को पहले ही रोकने की जरूरत है। जहां भीड़ हो, वहां सेफ्टी के नियमों का पूरा पालन होना चाहिए। सुना है कि इस क्लब को बंद करने के आदेश दिए गए थे, फिर भी यह चल रहा था। अगर जांच में लापरवाही साबित होती है तो दोषियों पर कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए।”
करावल नगर स्थित घर में विनोद के दोनों छोटे बच्चे 11 साल का बेटा और 6 साल की बेटी अभी पूरी सच्चाई से दूर हैं। रिश्तेदारों और पड़ोसियों को डर है कि बच्चे यह खबर सुनकर खुद को कैसे संभालेंगे। इसी तरह कमला की 18 साल की बेटी और 14 साल का बेटा भी सदमे में हैं। दोनों अपनी मां के लौटने और गोवा से कुछ यादगार गिफ्ट लेकर आने का इंतजार कर रहे थे। हादसे में उनकी मां की मौत के बाद अब वह दोनों बोल भी नहीं पा रहे हैं। सबसे ज्यादा मार विनोद की बुजुर्ग मां पर पड़ी है। उन्हें अभी तक नहीं बताया गया कि उनके बेटे और बहू की उस यात्रा से वापसी अब कभी नहीं होगी। परिवार वाले डरते हैं कि सच बताने पर उनका दिल कैसे इसे सह पाएगा। वे लगातार दरवाजे की ओर देखती रहती हैं, जैसे किसी पल उनका बेटा बैग लेकर अंदर आता ही होगा।
गोवा में हुए इस हादसे ने एक ही परिवार की खुशियों को हमेशा के लिए खत्म कर दिया। पांच लोग छुट्टियां मनाने गए थे, जिनमें से चार की मौत हो गई। दरअसल, छह दिसंबर यानी शनिवार की रात गोवा के अरपोरा स्थित एक नाइट क्लब में भीषण आग लग गई। इस अग्निकांड में 25 लोगों की मौत हो गई और कई घायल हुए। बताया जा रहा है कि क्लब बंद करने के आदेश और कई नोटिसों के बावजूद अवैध रूप से चलता रहा। मौके पर पर्याप्त फायर सेफ्टी इंतजाम भी नहीं थे, जिससे जान बचाना मुश्किल हो गया। हादसे के बाद सरकार और प्रशासन की लापरवाही पर सवाल उठ रहे हैं।
Updated on:
08 Dec 2025 06:53 pm
Published on:
08 Dec 2025 06:53 pm
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