
दिल्ली में पुलिस की बड़ी कार्रवाई
Delhi: राष्ट्रीय राजधानी में अवैध घुसपैठियों को लेकर गृह मंत्रालय के एक्शन से पूरे साल खलबली मची रही। इस दौरान दिल्ली पुलिस ने करीब 2200 घुसपैठियों की पहचान की, जिन्हें तुरंत डिपोर्ट करने की कार्रवाई भी की गई। ये सभी घुसपैठिए बांग्लादेशी हैं, जिन्होंने अवैध तरीकों से जाली दस्तावेजों के सहारे भारत में प्रवेश किया और राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में बसे थे। दिल्ली पुलिस के अनुसार, यह आंकड़ा पिछले कई सालों का रिकॉर्ड तोड़ने वाला है। हालांकि राष्ट्रीय राजधानी में अवैध घुसपैठियों के खिलाफ कार्रवाई अभी भी जारी है।
दरअसल, यह कार्रवाई गृह मंत्रालय के स्पष्ट आदेश के बाद शुरू हुई। इस दौरान दिल्ली पुलिस ने घर-घर जाकर सत्यापन शुरू किया। इसमें एक साल में करीब 2200 लोग अवैध रूप से दिल्ली में रहते पाए गए। पूछताछ और जांच-पड़ताल के दौरान पता चला कि ये सभी लोग बांगलादेश के रहने वाले हैं, जो अवैध तरीके से भारत में घुसे थे। जांच के दौरान ये भी पता चला कि भारत में बैठे कुछ लोगों ने इनके जाली दस्तावेज भी तैयार कर दिए। हालांकि सत्यापन के दौरान जाली दस्तावेज पकड़ में आ गए और पुलिस ने डिपोर्ट कार्रवाई की।
दिल्ली पुलिस के आंकड़ों की मानें तो साल 2024 में मात्र 14 घुसपैठिए पकड़े गए, जबकि साल 2023 में यह आंकड़ा और कम रहा। इस दौरान दिल्ली में मात्र पांच लोग ही अवैध रूप से रहते पाए गए। बात अगर साल 2022 की करें तो उस दौरान पुलिस ने करीब 50 घुसपैठियों की पहचान की थी, जिन्हें बांग्लादेश डिपोर्ट किया गया था। अब साल 2025 में यह आंकड़ा सबसे ज्यादा सामने आया, जब करीब 2200 घुसपैठियों को दिल्ली से डिपोर्ट किया गया। पिछले तीन सालों में यह संख्या सबसे ज्यादा है।
दिल्ली पुलिस सूत्रों का कहना है कि पहले के सालों में मुहिम चलाने में बहुत गंभीरता नहीं दिखाई गई। इसके पीछे शायद राजनीतिक कारण थे, लेकिन दिल्ली में जब भाजपा सरकार का गठन हुआ और गृह मंत्रालय ने राष्ट्रीय सुरक्षा को मजबूत बनाने के आदेश दिए तो पुलिस ने अवैध घुसपैठियों का सत्यापन शुरू किया। लगातार कई महीनों तक चले अभियान के दौरान ऐसे 2200 लोगों को खोज निकाला गया, जो अवैध रूप से भारत में बसे थे। यह सभी लोग बांग्लादेशी थे, जिन्हें भारत में बैठे सहयोगियों की मदद से जाली दस्तावेजों के सहारे राष्ट्रीय राजधानी में पनाह दी गई थी।
दिल्ली पुलिस सूत्रों की मानें तो घुसपैठियों की धरपकड़ के लिए अभियान अभी भी जारी है। दिल्ली की सीमाएं और आंतरिक सुरक्षा के लिहाज से यह महत्वपूर्ण मुहिम साल 2026 में जारी रहेगा। दिल्ली पुलिस के अनुसार, ये सभी घुसपैठिए दिल्ली के अलग-अलग इलाकों में छिपकर रहते पाए गए। इसमें सबसे हैरानी वाली बात ये है कि उनके पास नकली आधार कार्ड, वोटर आईडी और दूसरे सरकारी कागजात भी पाए गए, लेकिन जांच के दौरान ये सभी दस्तावेज फर्जी पाए गए। इन फर्जी दस्तावेजों के सहारे ये सभी घुसपैठिए आसानी से पड़ोसियों और स्थानीय समुदाय के लोगों के बीच घुल-मिल जाते थे।
दिल्ली पुलिस सूत्रों का ये भी कहना है कि यह सभी घुसपैठिए जाली दस्तावेजों के सहारे सरकारी सुविधाओं में भी सेंध लगा रहे थे। जाली दस्तावेजों का सहारा लेकर वह सरकारी सुविधाओं में पात्रता का दावा करते रहे। इसके चलते मूल पात्रों को सुविधाओं से वंचित होना पड़ा। यानी पिछले एक साल से ये सभी लोग दिल्ली में गरीब नागरिक बनकर रह रहे थे। हालांकि सत्यापन के दौरान इनकी पोल खुल गई। यह कार्रवाई दिल्ली पुलिस और इंटेलिजेंस एजेंसियों ने संयुक्त रूप से की। इसके तहत दिल्ली के सभी जिलों में लगातार छापेमारी और सत्यापन प्रक्रिया शुरू की गई। दिल्ली पुलिस का कहना है कि साल 2026 में घुसपैठिया गिरोह पूरी तरह नेस्तनाबूत किया जाएगा। अब पुलिस का फोकस उन लोगों पर है, जो अवैध प्रवासियों के लिए जाली दस्तावेज तैयार करते हैं और उन्हें फर्जी पहचान के सहारे भारतीय इलाकों में बसने में मदद करते हैं।
Published on:
26 Dec 2025 01:25 pm
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