3 जनवरी 2026,

शनिवार

Patrika LogoSwitch to English
home_icon

मेरी खबर

icon

प्लस

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

हैदराबाद के अस्पतालों ने दी गर्भवती महिलाओं को बड़ी राहत, लेबर पेन को दूर करने के लिए अपनाई ये खास तकनीक

हैदराबाद में लाफिंग गैस और ऑक्सीजन का 50-50 प्रतिशत मिलाकर एक गैस का मिश्रण तैयार किया गया जिससे बिना दर्द के महिलाओं की डिलीवरी करवाई जा रही है।

2 min read
Google source verification
हैदराबाद के अस्पतालों ने दी गर्भवती महिलाओं को बड़ी राहत, लेबर पेन को दूर करने के लिए अपनाई ये खास तकनीक

हैदराबाद के अस्पतालों ने दी गर्भवती महिलाओं को बड़ी राहत, लेबर पेन को दूर करने के लिए अपनाई ये खास तकनीक

प्रसव के दौरान महिलाओं के दर्द और पीड़ा को कम करने के लिए, हैदराबाद के सरकारी किंग कोटि जिला अस्पताल ने बच्चों को जन्म देने की प्रक्रिया के दौरान एंटोनॉक्स (एक गैस जो नाइट्रस ऑक्साइड और ऑक्सीजन का मिश्रण है) का उपयोग करना शुरू कर दिया है। जिला अस्पताल किंग कोटि में स्त्री रोग विभाग की प्रमुख डॉ जलजा वेरोनिका ने कहा कि लेबर पेन से गर्भवती महिलाओं को अब कुछ राहत मिलेगी। उन्होंने कहा, "हैदराबाद के सरकारी अस्पताल में तैनात होने वाला यह अपनी तरह का पहला उपकरण है। इस उपकरण की मदद से प्रसव पीड़ा से गुजर रही महिलाओं को ऑक्सीजन और लाफिंग गैस के इस मिश्रण को सांस लेने से उनका दर्द कम हो सकता है।"

डॉक्टर जलजा वेरोनिका ने यह भी बताया कि अब तक यह प्रयोग सफल रहा है और इसके जरिए करीब 13 गर्भवती महिलाओं की सही से बिन लेबर पेन की डिलीवरी हो पाई है। वहीं अस्पताल के डॉक्टर ने बताया,"यह गैस गर्भवती महिलाओं को हो रहे दर्द के दौरान करीब 15-20 सेकेन्ड में काम करना शरू करता है जो लेबर पेन से परेशान महिलाओं को एक से दो मिनट तक आराम देता है।"

डॉक्टर ने आगे कहा, "जब गर्भवती महिलाएं डिलीवरी के समय लेबर पेन सह नहीं पाती तोब उन्हें एक मॉस्क लगा देते हैं जो पाइप के जरिए एंटोनॉक्स के एक सिलेंडर से जुड़ा होता है। जब महिलाएं लंबी सांस लेती है तो यह गैस उनके शरीर में जाती है जिससे उनके लेबर पेन को कम करने में मदद मिलती है।"

आपको बता दें, पहली बार भारत में इस तकनीक प्रयोग कोलकाता मेडिकल कॉलेज में किया गया था, इस तकनीक के जरिए 25 सफल डिलीवरी कराई गई थी। पश्चिम बंगाल के कोलकाता मेडिकल कॉलेज के प्रसूति विभाग के प्रधान पार्थ मुखोपाध्याय ने इस मामले में फैसला लिया था और कॉलेज के अधिकारियों और स्वास्थ्य विभाग की अनुमति के लिए आवेदन भेजी थी। साथ ही इस बारे में एक से अधिक बार इस विषय में चिकित्सक और विशेषज्ञों ने सेमिनार का आयोजन भी किया था।

यह भी पढ़ें: सिस्टर अभया मर्डर केसः केरल हाईकोर्ट ने दोषी पादरी और नन को दी जमानत

अब हैदराबाद के अस्पताल भी इस तकनीक को अपनाने लगे हैं। इसकी सफलता को देखते हुए किंग कोटि जिला अस्पताल के अधीक्षक ने कहा कि स्वास्थ्य विभाग इस प्रयोग को लेकर काफी सीरियस है और इसे राज्य भर के हर सरकारी अस्पताल में इसे लागू करने की योजना बना रहा है।

यह भी पढ़ें: पीएम मोदी ने 'वाणिज्य भवन' का किया उद्धाटन, कहा-'वोकल फॉर लोकल' जैसी पहल से देश के निर्यात में आई तेजी


बड़ी खबरें

View All

नई दिल्ली

दिल्ली न्यूज़

ट्रेंडिंग