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हनीट्रैप में फंसे वायुसेना के विंग कमांडर गिरफ्तार, पाकिस्तान को गोपनीय दस्तावेज भेजने के आरोप में चार्जशीट दाखिल

IAF Wing Commander Honeytrap Arrest: पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी के हनीट्रैप में फंसकर खुफिया जानकारी लीक करने के आरोप में भारतीय वायुसेना के विंग कमांडर गिरफ्तार। दिल्ली पुलिस ने दर्ज की चार्जशीट।
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IAF Wing Commander Honeytrap Arrest

हनीट्रैप में फंसे वायुसेना के विंग कमांडर गिरफ्तार, फोटो सोर्स- AI

Delhi Police Chargesheet IAF Officer: रक्षा संबंधी अति-संवेदनशील और गोपनीय जानकारियां सीमा पार लीक करने के गंभीर आरोप में दिल्ली पुलिस ने भारतीय वायुसेना (IAF) के एक विंग कमांडर को गिरफ्तार किया है। पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी (PIO) के हनीट्रैप चक्रव्यूह में फंसे इस सैन्य अधिकारी पर ऑफिशियल सीक्रेट्स एक्ट (OSA) के तहत मुकदमा दर्ज कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है।

डिजिटल प्लेटफॉर्म से भेजे गोपनीय दस्तावेज

मामले की जांच से जुड़े सूत्रों के अनुसार, फील्ड यूनिट में कार्यरत अधिकारी को सोशल मीडिया के जरिए एक फर्जी महिला प्रोफाइल से फंसाया गया था। वीडियो कॉल और चैट के माध्यम से संपर्क बढ़ाकर महिला हैंडलर ने सैन्य आवाजाही, सैनिकों की तैनाती, रणनीतिक फोटो और वीडियो जैसी संवेदनशील जानकारियां मांगीं। आरोपी अधिकारी ने ये डेटा डिजिटल माध्यमों से भेजा। इसके अलावा, आरोपी पर अपने ही एक साथी अधिकारी के मोबाइल में जासूसी सॉफ्टवेयर (स्पायवेयर) डालकर उसका डेटा चोरी करने का भी आरोप है।

IAF के अलर्ट से पकड़ा गया अफसर, दाखिल हुई चार्जशीट

वायुसेना की अपनी इंटेलिजेंस विंग अधिकारी की संदिग्ध गतिविधियों पर लगातार निगरानी रख रही थी। ठोस सुराग मिलने के बाद वायुसेना ने दिल्ली पुलिस के साथ जानकारी साझा की, जिसके आधार पर 31 मई की रात अधिकारी को हिरासत में लिया गया। जांच पूरी करते हुए जांच एजेंसी ने 30 जुलाई को संबंधित अदालत में चार्जशीट पेश कर दी है, जहां मामला अभी विचाराधीन है।

जीरो टॉलरेंस नीति पर कायम वायुसेना

मामले पर बयान जारी करते हुए भारतीय वायुसेना ने स्पष्ट किया कि राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ी ऐसी गतिविधियों के खिलाफ 'जीरो टॉलरेंस' (शून्य सहनशीलता) की नीति अपनाई जाती है। अधिकारियों ने बताया कि आंतरिक निगरानी प्रणाली की सतर्कता और त्वरित कार्रवाई के कारण ही इस पूरे मामले का समय रहते भंडाफोड़ हो सका।

अलवर में भी सामने आया था ISI हनीट्रैप का मामला

पाकिस्तानी जासूसी एजेंसियों द्वारा भारतीय रक्षाकर्मियों और नागरिकों को फंसाने का यह पहला मामला नहीं है। इससे पहले राजस्थान के अलवर से मंगत सिंह नाम के व्यक्ति को गिरफ्तार किया गया था। 'ऑपरेशन सिंदूर' के तहत चलाए जा रहे निगरानी अभियान में पाया गया था कि वह 'इशा शर्मा' नाम की फर्जी पाकिस्तानी हैंडलर के संपर्क में था और पैसों के लालच में पिछले दो सालों से सैन्य क्षेत्र की जानकारियां साझा कर रहा था।