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लॉकडाउन 4.0: सरकारी दफ्तरों में बदलेगा कामकाज का तरीका, ड्राफ्ट प्लान तैयार

ई-आफिस कार्यप्रणाली पर सरकार की ओर से दिया जा रहा है जोर, वर्क फ्रॉम होम में काम की गुणवत्ता को बेहतर बनाने पर होगा फोकससरकारी फाइलों की गोपनीयता को लीक होने से बचाने के लिए एनआईसी को सौंपी जा सकती है जिम्मेदारी

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नई दिल्ली। लॉकडाउन 4.0 (Lockdown 4.0) के लिए राज्य सरकारें जहां कई प्लान तैयार कर रही है। वहीं केंद्र सरकार भी सरकारी दफ्तरों के कामकाज का पैटर्न बदलने पर विचार-विमर्श कर रही है। व्यवस्थाओं को दुरुस्त करने और संक्रमण से बचाव को ध्यान में रखते हुए एक ड्राफ्ट प्लान (Draft Plan) तैयार किया गया है। मिनिस्ट्री ऑफ पर्सनल पब्लिक ग्रीवेंसिज एंड पेंशंस डिपार्टमेंट ऑफ एडमिनिस्ट्रेटिव रिफॉम्र्स एंड पब्लिक ग्रीवेंसिंग की ओर से एक खाका तैयार किया गया है। जिसे सभी मंत्रालयों और विभागों को भेज गया है।

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बीएसएनएल, डाकघर, रेलवे, एयरफोर्स, सेना आदि सरकारी दफ्तरों में लॉकडाउन के आगे बढ़ाए जाने पर कैसे अच्छे से कामकाज हो इसके लिए केंद्र सरकार ने राज्यों से सुझाव मांगे हैं। साथ ही एक ड्राफ्ट तैयार किया गया है जिसमें ई-आफिस पर जोर दिया गया। ड्राफ्ट के अनुसार देश के 75 मंत्रालय व विभाग ई-आफिस कार्यप्रणाली अपना रहे हैं। इनमें से करीब 57 विभागों ने अभी तक वर्क फ्रॉम होम के जरिए 80 प्रतिशत तक लक्ष्य हासिल किया है। इसलिए लॉकडाउन के बढ़ाए जाने पर भी यही व्यवस्था और प्रभावी तरीके से लागू हो सकती है।

सरकारी कामकाज की गोपनीयता को बरकरार रखने के लिए ड्राफ्ट में सुझाव दिया गया है कि कुछ खास फाइलों को ई-आफिस के दौरान प्रोसेस न किया जाए। इसके लिए एनआइसी सुरक्षात्मक बंदोबस्त करेगी। इसके अलावा एसएमएस व ईमेल अलर्ट जारी रहेगा, ताकि महत्वपूर्ण फाइलों पर तुरंत ध्यान दिया जा सके। मंत्रालयों के बीच फाइलों के आदान प्रदान कैसे बेहतर बनाया जाए और महत्वपूर्ण ईमेल को र्ई-फाइल का हिस्सा कैसे बनाए जिससे भविष्य के लिए रिकॉर्ड के तौर पर रखा जाए इस बारे में भी प्लान तैयार किया गया है।

इन बिंदुओं पर भी है फोकस
1.मंत्रालयों व विभागों के बीच हेल्प डेस्क बनाया जाए। इसमें टेक्नीशियन्स को शामिल किया जाए। जिससे तकनीकी दिक्कत दूर हो सके।

2.जो अधिकारी अपने पर्सनल लैपटॉप पर सरकारी काम करते हैं, एनआइसी डेटा की सुरक्षा पर काम करेगी।

3.घर से काम करने वाले अफसर हमेशा फोन पर उपलब्ध रहना होगा।

4.समय-समय पर एनआइसी वीडियो कान्फ्रेंसिंग की व्यवस्था करेगी।

5.सेंट्रल रजिस्ट्री यूनिट काम करेगी और आने वाली डाक को स्कैन का इसे संबंधित अधिकारी को ईमेल करेगी।