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तीन करोड़ लखपति दीदी बनाना सपने की तरह, जिसे तीन साल में करेंगे पूरा-चौहान

-मोदी की गारंटी को पूरा करने के लिए केंद्रीय मंत्री की अधिकारियों के साथ बैठकों का दौर जारी

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नई दिल्ली. केंद्रीय कृषि व ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि तीन करोड़ लखपति दीदी का लक्ष्य उनके लिए एक सपने की तरह है। इसे हम तीन वर्ष की समय सीमा में पूरा करके दिखाएंगे। इसको लेकर जल्द ही राज्यों के ग्रामीण विकास मंत्रियों के साथ बैठक की जाएगी, जिससे यदि कोई मुद्दा हैं, तो उन्हें हल करने के लिए मुख्यमंत्रियों के साथ चर्चा करेंगे।

चौहान ने कार्यभार संभालने के बाद लगागार तीसरे दिन अधिकारियों के साथ बैठकें की। चौहान ने दीनदयाल अन्त्योदय योजना-राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (डी. ए. वाई.-एन. आर. एल. एम.) के तहत किए प्रयासों की सराहना की और महिला स्वयं सहायता समूहों (एस. एच. जी.) की ओर से बनाए गए उत्पादों की बिक्री के लिए ब्रांडिंग और विपणन प्रयासों को मजबूत करने की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि कभी बैंकों की पहुंच से वंचित मानी जाने वाली ये महिलाएं भविष्य की लखपति दीदी हैं। अधिकारियों ने मंत्री को बताया कि वित्त वर्ष 2023-24 के दौरान बैंकों ने 56 लाख से अधिक महिला एसएचजी को 2,06,636 करोड़ रुपए के ऋण का वितरण किया है।

विकसित भारत के लिए पीएमजीएसवाई को आगे बढ़ाने की जरूरत

चौहान ने प्रधानमंत्री ग्राम सडक़ योजना (पीएमजीएसवाई) की समीक्षा करते हुए कहा कि यह योजना ग्रामीण भारत की तस्वीर बदलने में सहायक रही है। इसे विकसित भारत की प्राप्ति को सुगम बनाने के लिए इस योजना को आगे बढ़ाने की जरूरत है। उन्होंने निर्देश दिया कि शत-प्रतिशत ग्रामीण बस्तियों को हर मौसम में उपयोग में आने वाली सडक़ से जोडऩे की दिशा में प्रयास किए जाने चाहिए। बैठक में ग्रामीण विकास राज्य मंत्री कमलेश पासवान, सचिव शैलेश कुमार सिंह और अन्य वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे।

किसानों की आय बढ़ाने पर जोर

केन्द्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कृषि अनुसंधान एवं शिक्षा विभाग व कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ कृषि अनुसंधान योजना के संबंध में विस्तार से चर्चा की। 113 अनुसंधान संस्थानों के बारे में केंद्रीय मंत्री ने कहा कि हमें यह आकलन करना चाहिए कि यह कार्य महत्वपूर्ण है। इसे जिस उद्देश्य के लिए बनाया गया था और अगर इसमें कोई कमी है तो उसकी विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत की जाए। केंद्रीय मंत्री ने कहा कि झारखंड में सिंचित और असिंचित क्षेत्रों में उत्पादकता देश के बाकी हिस्सों की तुलना में कम है, इस पर काम करने की जरूरत है। उत्पादकता में संतुलन के लिए अभियान चलाया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि किसानों की उत्पादकता और आय बढ़ाने व उत्पादन लागत को कम करने वाले अनुसंधानों पर ध्यान केंद्रित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि किसानों के विभिन्न वर्गों में फसलों के बीजों की बायोफोर्टिफाइड किस्मों को बढ़ावा देने के लिए प्रयास किए जाने चाहिए। मंत्री ने कहा कि सभी क्षेत्रों में फसलों की उत्पादकता में संतुलन बनाने के लिए प्रयास किए जाने चाहिए।