
तुर्कमान गेट पर पथराव के केस में सामने आया यूट्यूबर सलमान का नाम
Turkman Gate protest: दिल्ली के तुर्कमान गेट इलाके में फैज-ए-इलाही मस्जिद के पास हुई बुलडोजर कार्रवाई के दौरान हुए पथराव के मामले में पुलिस टीम लगातार जांच करने में लगी है। पुलिस पथराव जैसी हिंसक गतिविधि में शामिल लोगों को ढूंढने में लगी हुई है। इस दौरान पांच पुलिसकर्मी घायल हो गए थे। अब तक इस मामले में 12 लोग गिरफ्तार किए जा चुके हैं। अचानक इस मामले में तुर्कमान गेट पर भीड़ को उकसाने में अब एक लोकल यूट्यूबर का नाम सामने आया है। अब पुलिस की टीमें इस यूट्यूबर को ढूंढने में लगी हैं।
यूट्यूबर सलमान उस इलाके का रहने वाला है और वह सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर काफी एक्टिव रहता है। इस मामले पर उस पर गंभीर आरोप लगे हैं कि उसने सोशल मीडिया के जरिए गलत सूचना फैलाने का प्रयास किया। उसने सोशल मीडिया पर लोगों को बोला कि मस्जिद गिराई जा रही है और इसी सूचना के साथ उसने लोगों को वहां इकट्ठा होने के लिए बोला। पुलिस कई टीमों के साथ अब उसकी तलाश में लगी हुई है। सलमान पर इस मामले में बहुत गंभीर आरोप लगाए गए हैं। उस पर सोशल मीडिया के जरिए गलत सूचना फैलाना, लोगों को भड़काना और शांति भंग करने जैसे आरोप हैं।
पुलिस को अब शक है कि यह हिंसा एक सोची-समझी साजिश है और पूरी प्लानिंग के साथ की गई है। सलमान के अलावा और भी कुछ लोकल इन्फ्लुएंसर्स अब पुलिस के रडार पर हैं, क्योंकि उन लोगों ने भी व्हाट्सएप ग्रुप्स में मैसेज करके भीड़ इकट्ठी करने में सलमान की मदद की। इस तरह से पुलिस ने जांच के लिए 10 सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर्स की लिस्ट तैयार की है और अब उनकी ऑनलाइन एक्टिविटी और पोस्ट्स स्कैन किए जा रहे हैं।
बुलडोजर कार्रवाई के बाद से पुलिस लगातार इस मामले की जांच में जुटी हुई है। अब तक पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज और सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो से इस घटना में शामिल 30 संदिग्धों की पहचान कर ली है और 12 लोगों को गिरफ्तार कर लिया है। साथ ही इस मामले की पूछताछ के लिए सपा के सांसद मोहिब्बुल्लाह नदवी को समन भी भेजा जाएगा। उन पर आरोप है कि घटना के समय वह वहां पर मौजूद थे और अधिकारियों के आग्रह करने के बाद भी नहीं हटे।
दरअसल दिल्ली हाईकोर्ट के आदेश के बाद बुधवार रात दिल्ली पुलिस और नगर निगम के कर्मचारियों ने बुलडोजर से दिल्ली के तुर्कमान गेट इलाके में फैज-ए-इलाही मस्जिद के पास अवैध संरचनाओं को गिराने की कार्रवाई की। उस समय वहां लोगों ने इसका विरोध किया। देखते ही देखते हालात गंभीर हो गए और वहां मौजूद लोगों ने पुलिस और नगर निगम कर्मचारियों पर पत्थर मारने शुरू कर दिए। इस स्थिति पर काबू पाने के लिए पुलिस ने आंसू गैस का इस्तेमाल किया और उसके बाद पूरे इलाके में फोर्स तैनात कर दिया।
Published on:
09 Jan 2026 04:10 pm
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