
बर्न (स्विट्जरलैंड). अब तक वैज्ञानिकों की धारणा थी कि जलवायु परिवर्तन के कारण हजारों साल पहले पृथ्वी से विशालकाय प्राचीन हाथी (मैमथ) विलुप्त हुए। स्विट्जरलैंड के वैज्ञानिकों के नए शोध का निष्कर्ष है कि तापमान बढऩा मैमथ के खत्म होने का मुख्य कारण नहीं था। होमो सेपियंस (आधुनिक मानव) के उदय ने इनकी विलुप्ति की दर को तेज किया।साइंस अलर्ट की रिपोर्ट के मुताबिक ‘साइंस एडवांसेज' जर्नल में छपे स्विट्जरलैंड की फ्राइबर्ग यूनिवर्सिटी के वैज्ञानिकों के शोध में बताया गया कि करीब 20,000 साल पहले पृथ्वी पर मैमथ और उनके रिश्तेदार काफी बड़ी संख्या में मौजूद थे। करीब 10,000 साल पहले ये पूरी तरह विलुप्त हो गए। फर वाले मैमथ और लंबी नाक वाले उनके रिश्तेदारों की विलुप्ति का संबंध आधुनिक इंसानों के आने और बढऩे से है। इसके पीछे क्षेत्रीय जलवायु का असर कम था। पृथ्वी पर हिमयुग करीब 11,000 साल पहले खत्म हो गया था। शोधकर्ताओं का कहना है कि उनका मॉडल पृथ्वी पर जीवन की विविधता को समझने का नया दृष्टिकोण देता है।
असहज वातावरण और शिकार बड़े कारक
शोध के मुख्य लेखक टॉस्र्टन हॉफे का कहना है कि किसी प्रजाति के विलुप्त होने के पीछे एक ही कारण नहीं होता। कई परिस्थितियों का क्रम किसी विशिष्ट प्रजाति के जीवित रहने में बाधा डालता है। इसकी विलुप्ति के पीछे असहज वातावरण, भोजन की कमी, प्रतिस्पर्धा और अन्य प्रजातियों द्वारा शिकार जैसे बड़े कारक होते हैं। संभवत: होमो सेपियंस के शिकार के कारण मैमथ घटते चले गए।
मॉडल में 2,118 जीवाश्मों का डेटा शामिल
शोध के लिए न्यूरल (तंत्रिका) नेटवर्क का इस्तेमाल किया गया। वैज्ञानिकों ने एक एल्गोरिदम विकसित किया। इसके जरिए जीवाश्म रिकॉर्ड को स्कैन करने के साथ उन्होंने प्राचीन हाथियों की प्रजातियों की घटती संख्या को मापा और इस संख्या का पर्यावरणीय कारकों से मिलान किया। मॉडल में 2,118 जीवाश्मों का डेटा शामिल किया गया, जो 3.5 करोड़ से 10,000 साल पहले तक जीवित थे।
Published on:
22 Aug 2024 01:04 am
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