
मकान मालिक की बेटी भगाने के चक्कर में किराएदार को 20 साल की सजा।
Crime: प्यार में लोग सभी सीमाएं पार कर जाते हैं, फिर चाहे उन्हें जेल ही क्यों न जाना पड़े। ऐसा ही एक मामला राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र से सामने आया है, जहां उत्तर प्रदेश के मेरठ निवासी लड़का देहरादून से एक 17 साल की नाबालिग लड़की को बहला-फुसलाकर भगा लाया। यह लड़की कोई और नहीं, बल्कि देहरादून में युवक जिस घर में किराए पर कमरा लेकर रहता था, उस मकान मालिक की बेटी थी। युवक लड़की को लेकर अपने घर यानी मेरठ नहीं गया, बल्कि गाजियाबाद में एक किराए का कमरा लेकर रहने लगा। इस दौरान उसने मकान मालिक से लड़की का परिचय अपनी पत्नी के रूप में कराया। यहां तक तो सब ठीक था, लेकिन आगे जो हुआ उसने इतना भयानक रूप लिया कि लड़के को अदालत ने 20 साल की सश्रम कारावास की सजा सुना दी।
दरअसल, 17 अप्रैल 2019 को उत्तराखंड की राजधानी देहरादून से एक 17 साल की लड़की अचानक अपने घर से गायब हो गई। मकान मालिक ने जब लड़की की खोजबीन शुरू की तो पता चला कि उनके घर पर कुछ दिन पहले ही किराएदार बनकर रहने आया लड़का भी गायब है। जिस समय लड़की गायब हुई, उस समय वह घर से कुछ सामान लेने के निकली थी। इसके बाद नहीं लौटी। मकान मालिक को जब पता चला कि उसका किराएदार भी उसी समय पर घर से निकला था तो उनका माथा ठनका और वह पुलिस के पास पहुंच गए।
घटना देहरादून के पटेलनगर थानाक्षेत्र की है। पटेलनगर पुलिस ने मुकदमा दर्ज किया और लड़की के साथ ही किराएदार की भी खोजबीन शुरू की। पीड़ित मकान मालिक ने किराएदार का आधार कार्ड पुलिस को दिया, जिसमें किराएदार का नाम सोनू उर्फ सन्नी निवासी हस्तिनापुर मेरठ लिखा था। इसके साथ ही पुलिस ने दोनों के मोबाइल नंबर सर्विलांस पर डाले और विभिन्न एंगल्स पर जांच शुरू की। इस बीच करीब 38 दिन बीत गए, लेकिन दोनों का ही कुछ पता न चल सका। इसी बीच किराएदार का मोबाइल फोन गाजियाबाद में एक्टिव हो गया। यह पुलिस के बड़ी लीड थी। पुलिस ने तुरंत गाजियाबाद में छापेमारी के लिए एक टीम बनाई।
पुलिस ने जब किराएदार सोनू को पकड़ा तो लड़की भी उसी के कमरे पर बरामद हो गई। इस दौरान पुलिस ने उस मकान मालिक को भी पूछताछ के लिए हिरासत में ले लिया, जिसने सोनू को लड़की समेत कमरा किराए पर दिया था। मकान मालिक ने बताया कि सोनू ने लड़की को अपनी पत्नी बताकर कमरा लिया था। इसके बाद लड़की से पूछताछ शुरू हुई तो पहले उसने कहा कि अपनी मर्जी से आई थी, लेकिन बाद में उसने भी लड़के पर दुष्कर्म का आरोप लगा दिया। इसके बाद पुलिस दोनों को देहरादून लेकर चली गई।
देहरादून में लड़की जब अपने माता-पिता से मिली तो कहानी ने नया रूप लिया। पुलिस जांच में ये भी सामने आया कि घर से भागने के बाद किराएदार ने गाजियाबाद के ही एक मंदिर में लड़की से झूठी शादी की थी। इसके बाद उसने लड़की को सुनहरे सपने दिखाकर अपने साथ रख लिया। पुलिस ने मामले में चार्जशीट बनाई और कोर्ट में फाइल की। बीती पांच जनवरी को देहरादून की पॉक्सो कोर्ट ने इस मामले में बड़ा निर्णय सुनाते हुए मकान मालिक की लड़की भगाने वाले किराएदार को 20 साल की सश्रम कारावास की सजा सुनाई।
अदालत में लड़की और लड़के के बयान दर्ज करने के बाद विशेष न्यायाधीश (पॉक्सो) अर्चना सागर ने कहा कि 17 साल की नाबालिग को बहला-फुसलाकर भगाना पॉक्सो के तहत अपराध है। घटना के समय स्कूल के रिकॉर्ड और मेडिकल साक्ष्यों के आधार पर लड़की उम्र 17 साल साबित हुई। इसलिए भले ही दोनों एक-दूसरे से प्यार करते रहे हों, लेकिन नाबालिग लड़की को पत्नी की तरह रखना अपराध ही माना जाएगा। इस मामले में आरोपी ने पीड़िता से शारीरिक संबंध भी बनाए हैं। इसलिए उसे दुष्कर्म माना जाएगा। कोर्ट में लड़की ने बयान दिया कि वह किराएदार के साथ अपनी मर्जी से गई थी। हालांकि बाद में वह अपने बयान से मुकर गई। इसपर अदालत ने इसे अपहरण और दुष्कर्म का मामला मानते हुए युवक को सजा सुनाई और 20 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया। साथ ही राज्य सरकार को आदेश दिया कि पीड़िता को एक लाख रुपये बतौर प्रतिकर दिया जाए।
पुलिस जांच में ये भी सामने आया कि आरोपी सोनू लड़की को पहले हरिद्वार ले गया। फिर वहां से मेरठ अपने घर पहुंचा, जहां उसके परिजनों ने लड़की को रखने से इनकार कर दिया। इसपर वह लड़की को लेकर गाजियाबाद पहुंचा और एक मंदिर में फर्जी शादी रचाकर लड़की का भरोसा जीता और इंदिरापुरम क्षेत्र में किराए का कमरा लेकर बतौर पति-पत्नी रहने लगा। मकान मालिक ने कोर्ट को बताया कि सोनू ने लड़की को अपनी पत्नी बताया था। इस दौरान वह 40 दिन उस कमरे में रहा, लेकिन इसके बाद पुलिस ने उसे लड़की समेत उठा लिया।
Published on:
07 Jan 2026 04:30 pm
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