7 मई 2026,

गुरुवार

Patrika Logo
Switch to English
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

मेक्सिकोः सभी एग्जिट पोल में लोपेज ओब्राडोर का राष्ट्रपति बनना तय, सत्तारूढ़ पार्टी ने मानी हार

मेक्सिको के राष्ट्रपति चुनाव में वामपंथी एंड्रेस मैनुअल लोपेज ओब्राडोर को बढ़त मिलती नजर आ रही है।

2 min read
Google source verification
file pic

लोपेज ओब्राडोर होंगे मेक्सिको के अगले राष्ट्रपति, सत्तारूढ़ पार्टी को हराया

मेक्सिको सिटीः एग्जिट पोल की मानें तो मेक्सिको के राष्ट्रपति चुनाव में वामपंथी एंड्रेस मैनुअल लोपेज ओब्राडोर को बढ़त मिलती नजर आ रही है। चुनाव के आधिकारिक नतीजे जल्द ही घोषित किए जा सकते हैं। परामेट्रिया के सर्वेक्षण के मुताबिक, मेक्सिको सिटी के पूर्व मेयर को 53 फीसदी वोट मिलने का अनुमान है। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, सभी एग्जिट पोल में ओबराडोर को बढ़त मिलती दिखाई गई है। अगर एग्जिट पोल की मानें तो वामपंथी एंड्रेस मैनुअल लोपेज ओब्राडोर का राष्ट्रपति बनना लगभय तय है।

ये भी पढ़ेंः ट्रंप की अप्रवासी नीति के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन
सत्तारूढ़ पार्टी ने मानी हार
देश में सत्तारूढ़ पार्टी के उम्मीदवार जोस एंटोनियो मेडे ने इस एग्जिट पोल के बाद अपनी हार स्वीकार कर ली है। उन्होंने कहा है कि वे स्वीकार करते हैं कि लोपेज ओब्राडोर चुनाव जीत गए हैं। मेडे की इंस्टीट्यूशनल रिवोल्यूशनरी पार्टी (पीआरआई) देश में कई वर्षों से सत्ता में है। माना जा रहा है कि मेडे को सत्ता विरोधी लहर का भी सामना करना पड़ा। बताया जा रहा है कि देश में बढ़ती महंगाई और भ्रष्टाचार से लोग परेशान थे जिसकी वजह से एंड्रेस मैनुअल लोपेज ओब्राडोर चुनाव जीत रहे हैं।

ये भी पढ़ेंः अमरीका में ट्रंप की अप्रवासी नीति के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन, कानून रद्द करने की मांग
रविवार को मेक्सिको में हुए थे चुनाव
बता दें कि मेक्सिको में रविवार को राष्ट्रपति पद के लिए चुनाव हुए थे। देश में रविवार को हुए चुनावों का प्रचार कई दशकों में अब तक का प्रतिस्पर्धी प्रचार रहा। इस दौरान 130 राजनीतिक उम्मीदवारों की हत्या हो गई जबकि कई पार्टी कार्यकर्ता मारे गए। राष्ट्रपति चुनाव में देश के करीब 8.9 करोड़ लोगों के अपने मताधिकार का प्रयोग किया। 64 वर्षीय ओब्राडोर अगर सत्तारूढ़ पार्टी पीआरआई को हराने में सफल रहते हैं तो वह देश के पहले वामपंथी नेता होंगे। 2006 और 2012 के चुनाव में ओब्राडोर की पार्टी दूसरे स्थान पर रही थी।