
Monsoon 2025: भीषण आंधी-बारिश के साथ होगी मानसून की एंट्री, मौसम विभाग ने बता दी तारीख
Monsoon 2025: भीषण गर्मी से परेशान जनमानस के लिए अच्छी खबर है। मौसम विभाग ने अपने पूर्वानुमान में इस साल मानसून समय से पहले आने की संभावना जताई है। इसके साथ ही इस बार मानसून की अच्छी बारिश के भी संकेत मिले हैं। मौसम विभाग के प्रमुख डॉ. मृत्युंजय महापात्र ने कहा है कि 2025 में देश में सामान्य से ज्यादा बारिश होने की संभावना है। अगर यह अनुमान सही निकलता है तो 2025 लगातार दसवां साल होगा। जब मानसून के दौरान सामान्य से ज्यादा बारिश होगी। खास बात यह भी है कि इस बार मानसून देश में तय समय से पहले पहुंच सकता है। आमतौर पर मानसून 1 जून से शुरू होकर 30 सितंबर तक रहता है।
भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने 2025 के दक्षिण-पश्चिम मानसून को लेकर बड़ी भविष्यवाणी की है। मौसम विभाग के अनुसार, इस बार दिल्ली, उत्तर प्रदेश, पंजाब, राजस्थान, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, गुजरात, ओडिशा, छत्तीसगढ़ और पश्चिम बंगाल जैसे राज्यों में सामान्य से अधिक या सामान्य बारिश होने की संभावना है। हालांकि, मौसम विभाग ने ये भी बताया है कि कुछ हिस्सों में इस बार भी मानसून कमजोर रह सकता है। IMD के पूर्वानुमान के मुताबिक केरल, आंध्र प्रदेश, तमिलनाडु, बिहार, कर्नाटक, जम्मू-कश्मीर, लद्दाख और पूर्वोत्तर के सभी आठ राज्यों में सामान्य से कम बारिश हो सकती है।
मौसम विशेषज्ञों की मानें तो इस बार मानसून की अच्छी बारिश के संकेत मिल रहे हैं। इसके पीछे कई अहम कारण हैं। इसमें सबसे पहला और महत्वपूर्ण अल नीनो प्रभाव कमजोर पड़ना है। मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि इस साल अल नीनो की स्थिति काफी कमजोर है या ऐसा कहें कि मौजूद ही नहीं है। अल नीनो अक्सर सूखे की स्थिति पैदा करता है, लेकिन इस बार इसका प्रभाव न के बराबर होने के चलते अच्छी बारिश के संकेत मिल रहे हैं।
दूसरा इस बार हिंद महासागर डायपोल (IOD) की स्थिति इस बार संतुलित है। जो मानसून को मजबूत बनाने में मदद करता है। तीसरा और आखिरी कारण ये है कि इस बार यूरेशिया और उत्तरी गोलार्ध में जनवरी से मार्च के बीच सामान्य से कम बर्फबारी हुई है। इससे मानसून को गति और ताकत मिलने की संभावना प्रबल हो गई है।
मौसम विभाग के पूर्वानुमान के मुताबिक इस बार जून में लगभग 165.3 मिमी बारिश (96%) की संभावना है। हालांकि केरल, कर्नाटक, कोंकण और गोवा जैसे तटीय इलाकों में औसत से ज्यादा बारिश की संभावना जताई गई है। साथ ही उत्तर भारत में मानसून के लेट होने की बात कही गई है। वहीं जुलाई में 280.5 मिमी (102%) बारिश का अनुमान लगाया गया है। इस दौरान पश्चिम भारत में अच्छी बारिश के आसार हैं।
बात अगर अगस्त की करें तो इस दौरान लगभग 254.9 मिमी (108%) बारिश का पूर्वानुमान है। हालांकि अगस्त में मध्य भारत और पूर्वोत्तर राज्यों में बारिश का आंकड़ा औसत से कम रह सकता है। जबकि उत्तर और दक्षिण भारत में सामान्य बारिश के आसार हैं। वहीं सितंबर में लगभग 167.9 मिमी (104%) बारिश के आसार हैं। इस दौरान खासकर पश्चिम और मध्य भारत में भारी बारिश का पूर्वानुमान बताया गया है।
कर्नाटक के बेंगलुरु में प्री मॉनसून एक्टिव होने वाला है। इस रविवार से लगभग प्रत्येक दिन प्री मॉनसूनी बारिश होने की संभावना है। ये बारिश काफी तेज होगी। ज्यादातर शाम 4 बजे से 8 बजे रात्रि तक अधिक बारिश होने की संभावना व्यक्त की की गई है। इसके साथ ही बात अगर दिल्ली-एनसीआर समेत उत्तर भारतीय क्षेत्र की करें तो पश्चिमी हिमालयी क्षेत्र में एक नया पश्चिमी विक्षोभ तैयार है। जिसका असर 18 से 20 अप्रैल तक उत्तर-पश्चिम भारत में देखने को मिलेगा। इस दौरान दिल्ली-एनसीआर समेत आसपास के मैदानी इलाकों में गरज-चमक के साथ बारिश और तेज हवाएं चलने की संभावना है।
भारतीय मौसम विभाग के अनुसार, विक्षोभ की तीव्रता 18 और 19 अप्रैल को सबसे अधिक रहने की संभावना है। IMD ने 19 अप्रैल को दिल्ली में आंशिक रूप से बादल छाए रहने और तेज हवाएं चलने की भविष्यवाणी की है। हवाओं की गति 20 से 30 किलोमीटर प्रति घंटा रह सकती है, जो कभी-कभी 40 किलोमीटर प्रति घंटा तक भी पहुंच सकती है। राहत की बात यह है कि इस दौरान लू चलने की संभावना नहीं है। अधिकतम तापमान 38 से 40 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 25 से 27 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान है। इसके अलावा 20 अप्रैल को भी मौसम सुहावना बना रहेगा।
Updated on:
17 Apr 2025 05:38 pm
Published on:
17 Apr 2025 05:38 pm
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