
Uttam Nagar Delhi: राजधानी दिल्ली के उत्तम नगर में हुए होली कांड की आग ईद को भी अपनी चपेट में ले रही है। दरअसल, घटना के 12 दिन बाद भी इलाके में तनावपूर्ण स्थिति बनी हुई है। वर्तमान में आलम ये है कि अब वहां के मुस्लिम लोग ईद खुशी से मनाने के लिए उत्तम नगर को छोड़ अपने गांव की तरफ रवाना हो रहे हैं। इसके पीछे की वजह है कि बीते दिनों कुछ लोगों ने धमकियां दी थी कि जिन लोगों ने हमारी होली खराब की है हम उनको ईद भी नहीं मनाने देंगे।
HT की रिपोर्ट के अनुसार, उत्तम नगर के स्थानीय निवासियों में इस समय डर और अनिश्चितता का माहौल है। होली के दौरान हुई एक 26 वर्षीय युवक की हत्या के बाद विभिन्न धार्मिक समूहों की ओर से आ रही धमकियों ने लोगों को पलायन पर सोचने के लिए मजबूर कर दिया है। जहां एक तरफ दिल्ली पुलिस शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए स्थानीय बैठकों का हवाला दे रही है और किसी भी पलायन की योजना से इनकार कर रही है, वहीं जमीनी हकीकत कुछ और ही बयां करती है।
रिपोर्ट के अनुसार, मिया जी रेस्तरां चलाने वाले 55 वर्षीय जमील अहमद बताते हैं कि जो पिछले पांच दशकों से इसी इलाके में बसे हैं, अपनी सुरक्षा को लेकर खासे चिंतित हैं। उन्होंने अपनी व्यथा साझा करते हुए कहा 'मेरा पूरा परिवार और तीन पीढ़ियां यहीं पली-बढ़ी हैं, लेकिन अब नेताओं के 'खून की होली' जैसे भड़काऊ बयानों ने हमें अंदर से डरा दिया है। सात पोते-पोतियों वाले इस भरे-पूरे परिवार के साथ मैं आखिर कहां जाऊं? हमारे पास सिर छिपाने के लिए दूसरी कोई जगह नहीं है।'
जमील अहमद ने स्पष्ट किया कि जिस हत्या को मुद्दा बनाया जा रहा है, वह वास्तव में कोई सांप्रदायिक घटना नहीं बल्कि एक पुराना निजी विवाद था। उन्होंने अफसोस जताते हुए कहा कि बाहरी धार्मिक नेता और कुछ उपद्रवी तत्व इस मामले में हस्तक्षेप कर माहौल बिगाड़ रहे हैं। अहमद के अनुसार, 'दोष किसी और का है, लेकिन सजा पूरे समुदाय को मिलने का डर सता रहा है। हम यहां सालों से शांतिपूर्ण तरीके से रह रहे हैं, मगर अब सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे डरावने वीडियो और बाहरी लोगों की धमकियों ने बच्चों के मन में खौफ पैदा कर दिया है।'
होली के दौरान हुई हत्या के बाद उत्तम नगर में उपजे तनाव ने अब कानूनी मोड़ ले लिया है। ईद के अवसर पर संभावित हिंसा और 'खून की होली' खेलने जैसी कट्टरपंथी धमकियों को देखते हुए दिल्ली हाई कोर्ट ने सुरक्षा से जुड़ी एक जनहित याचिका पर सुनवाई के लिए सहमति दे दी है। याचिकाकर्ता ने अदालत से गुहार लगाई है कि त्योहार के दौरान क्षेत्र में शांति व्यवस्था बनाए रखने और किसी भी अप्रिय घटना को रोकने के लिए पुलिस व प्रशासन को कड़े निर्देश जारी किए जाएं।
कोर्ट के समक्ष पेश की गई इस याचिका में इलाके की गंभीर स्थिति का हवाला दिया गया है। याचिका में कहा गया है कि असामाजिक तत्वों और कुछ समूहों द्वारा खुलेआम दी जा रही धमकियों ने स्थानीय निवासियों, विशेषकर अल्पसंख्यकों के मन में गहरा डर पैदा कर दिया है। ईद के पर्व पर हिंसा की आशंका को देखते हुए, याचिका में मांग की गई है कि संवेदनशील इलाकों में अतिरिक्त सुरक्षा बलों की तैनाती सुनिश्चित की जाए ताकि किसी भी तरह के सांप्रदायिक टकराव को टाला जा सके।
Updated on:
18 Mar 2026 01:36 pm
Published on:
18 Mar 2026 01:36 pm
