
जंतर-मंतर पर विरोध प्रदर्शन का चौथा दिन
CJP Protest Jantar Mantar: NEET-UG पेपर लीक विवाद को लेकर केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग कर रही कॉकरोच जनता पार्टी CJP का विरोध प्रदर्शन मंगलवार को चौथे दिन में प्रवेश कर गया। संगठन ने अभिभावकों से अपील की कि वे अपने बच्चों को इस आंदोलन में शामिल होने दें। CJP ने सभी UPSC और SSC उम्मीदवारों को मंगलवार को जंतर-मंतर आने के लिए आमंत्रित किया और कहा कि मंच उनके लिए खुला रहेगा ताकि वे अपनी शिकायतें जनता के सामने रख सकें। इस बीच भारतीय किसान यूनियन ने CJP को अपना समर्थन दिया है।
CJP ने जंतर-मंतर पर उन छात्रों को श्रद्धांजलि देने के लिए कैंडललाइट मार्च निकाला, जिनकी कथित तौर पर NEET-UG पेपर लीक विवाद और दोबारा परीक्षा के दबाव के कारण आत्महत्या से मौत हो गई थी। सोमवार शाम विरोध स्थल पर बड़ी संख्या में लोग जमा हुए, उन्होंने मोमबत्तियां हाथ में लीं और मृत छात्रों की तस्वीरों वाले पोस्टर के सामने उन्हें जलाया। प्रदर्शनकारियों ने उनकी याद में मौन भी रखा। सभा को संबोधित करते हुए, CJP प्रमुख अभिजीत दिपके ने केंद्र सरकार से मृत छात्रों के परिवारों को 1 करोड़ रुपए का मुआवजा देने की मांग की। इनमें से कुछ परिवारों ने अपने बच्चों को पढ़ाने के लिए कर्ज लिया था। CJP संगठन NEET-UG पेपर लीक मामले और शिक्षा व्यवस्था की कमियों को लेकर शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग कर रहे हैं। उनका कहना है कि जब तक मंत्री इस्तीफा नहीं देते, तब तक उनका विरोध जारी रहेगा।
कुछ परिवारों के लिए ये छात्र ही एक भविष्य की एकमात्र उम्मीद थे। कोई भी सोच सकता है कि इन परिवारों पर क्या बीत रही होगी। डिपके ने कहा, हम सरकार से अपील करते हैं कि वह परिवारों को 1 करोड़ रुपए का मुआवजा दे। CJP के प्रवक्ता आशुतोष रांका ने माता-पिता से अपील की कि वे छात्रों को विरोध प्रदर्शन में शामिल होने से न रोकें। रांका ने कहा यहां आए कुछ छात्रों ने हमें बताया कि उनके माता-पिता उन्हें विरोध प्रदर्शन में शामिल होने की अनुमति नहीं देते क्योंकि उन्हें डर है कि कुछ बुरा हो सकता है। मैं माता-पिता से अपील करना चाहता हूं कि उन्हें रोकें नहीं। हम यह उनके लिए ही कर रहे हैं।
यह विरोध सरकार या किसी पार्टी के खिलाफ नहीं है, बल्कि छात्रों के हक और उनके भविष्य के लिए है। संगठन का कहना है कि युवाओं को देश के लिए कुछ करने का मौका मिलना चाहिए। उनका आरोप है कि सरकार और सिस्टम छात्रों की समस्याओं को ठीक से नहीं संभाल पाए हैं। उन्होंने कहा कि यह आंदोलन किसी नेता या पार्टी को निशाना बनाने के लिए नहीं है, बल्कि शिक्षा व्यवस्था में हुई गलतियों और लापरवाही के खिलाफ है। जो लोग प्रदर्शन में शामिल नहीं हो पाए, उनसे अपील की गई है कि वे मारे गए छात्रों की याद में अपने घरों में मोमबत्ती जलाएं। CJP संगठन NEET-UG पेपर लीक मामले और शिक्षा व्यवस्था की कमियों को लेकर शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग कर रहा है।
Published on:
23 Jun 2026 02:28 pm
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