
दिल्ली कार धमाका।
Red Fort Blast: दिल्ली के लाल किला के पास हुए धमाके की जांच में लगातार नए खुलासे हो रहे हैं। जांच में सामने आया है कि विस्फोट में इस्तेमाल की गई हुंडई i20 से जुड़े संदिग्धों के पास एक और लाल रंग की फोर्ड इकोस्पोर्ट कार भी थी। इस संदिग्ध कार की तलाश में दिल्ली पुलिस ने राष्ट्रीय राजधानी के सभी थानों, चौकियों और सीमा चौकियों पर अलर्ट जारी किया गया था।
पुलिस ने लाल फोर्ड इकोस्पोर्ट कार की खोज के लिए कम से कम पांच टीमों को तैनात किया गया था। पीटीआई की रिपोर्ट के अनुसार, पड़ोसी राज्यों खासकर उत्तर प्रदेश और हरियाणा पुलिस को भी सतर्क कर दिया गया और उन्हें सीमाओं पर कड़ी निगरानी रखने के निर्देश दिए गए थे। दिल्ली की सभी सीमाओं पर मौजूद जांच चौकियों को अलर्ट पर रखा गया। ताकि संदिग्ध वाहन को पकड़ा जा सके। साथ ही दिल्ली पुलिस ने पड़ोसी राज्यों की पुलिस से तलाशी अभियान में सहयोग की अपील भी की। लाल कार को हरियाणा के खंडावाली गांव से जब्त किया गया है।
न्यूज एजेंसी एएनआई के मुताबिक, जांच एजेंसियों को सीसीटीवी फुटेज में कथित हमलावर डॉ. उमर को मुंबई एक्सप्रेसवे और कुंडली-मानेसर-पलवल (केएमपी) एक्सप्रेसवे पर हुंडई i20 के साथ दिल्ली की ओर जाते हुए देखा गया था। इस बीच पुलिस को जांच में पता चला कि विस्फोट में इस्तेमाल हुंडई i20 से जुड़े अन्य संदिग्धों के पास एक लाल रंग की कार और थी। दूसरी ओर, दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने फरीदाबाद के सेक्टर 37 स्थित रॉयल कार प्लाजा के मालिक अमित को हिरासत में लिया। पुलिस ने दिल्ली और आसपास के राज्यों के सभी सेकेंड-हैंड कार डीलरों को हाल में बेचे गए वाहनों की पूरी जानकारी साझा करने का निर्देश दिया है, ताकि संदिग्ध कारों की खरीद-बिक्री से जुड़े सुराग मिल सकें।
सूत्रों के मुताबिक दिल्ली में हुआ धमाका एक बड़ी आतंकी साजिश का हिस्सा था। जांच में खुलासा हुआ है कि आतंकियों की योजना राष्ट्रीय राजधानी और उसके आसपास के इलाकों में 200 से ज्यादा बम धमाके करने की थी। उनका मकसद साल 2008 में मुंबई में हुए 26/11 हमलों जैसी वारदात को दोहराना था। आतंकी फरीदाबाद में बड़े पैमाने पर विस्फोटक सामग्री जुटा रहे थे और देश के अलग-अलग हिस्सों में एक साथ हमले की तैयारी कर रहे थे। अब तक पुलिस ने इस 'व्हाइट कॉलर' टेरर मॉड्यूल से जुड़े आठ से ज्यादा आतंकियों को गिरफ्तार किया है, जिनसे पूछताछ के आधार पर कई अहम खुलासे हुए हैं।
एनडीटीवी की रिपोर्ट के अनुसार, यह मॉड्यूल दिल्ली के साथ-साथ गुरुग्राम और फरीदाबाद के हाई-प्रोफाइल इलाकों को 200 से ज्यादा शक्तिशाली IED से उड़ाने की योजना बना रहा था। आतंकियों ने लाल किला, इंडिया गेट, कॉन्स्टिट्यूशन क्लब और गौरी शंकर मंदिर जैसे भीड़भाड़ वाले स्थानों को निशाना बनाने के अलावा देशभर के रेलवे स्टेशनों और शॉपिंग मॉल में भी धमाके की योजना बनाई थी। उनका उद्देश्य मुंबई हमले की तरह दिल्ली समेत कई शहरों को एक साथ दहलाने का था।
सूत्रों के अनुसार, आतंकी धार्मिक स्थलों पर हमले करके देश में सांप्रदायिक तनाव भड़काना चाहते थे। इस काम को अंजाम देने के लिए उन्होंने 'व्हाइट कॉलर टेरर मॉड्यूल' बनाया, जिसमें कश्मीर के कुछ कट्टरपंथी डॉक्टर शामिल थे। इन डॉक्टरों को इसलिए चुना गया ताकि वे आसानी से पुलिस और खुफिया एजेंसियों की नजरों से बच सकें। डॉक्टरों ने फरीदाबाद के धौज और फतेहपुर तगा इलाकों में कमरे किराए पर लेकर विस्फोटक इकट्ठा किए।
बताया गया है कि यह मॉड्यूल जैश-ए-मोहम्मद और अंसार गजवत-उल-हिन्द जैसे आतंकी संगठनों से जुड़ा है। गिरफ्तारी से पहले ही उन्होंने जल्दबाजी में दिल्ली ब्लास्ट को अंजाम दिया। हिरासत में लिए गए संदिग्धों में तीन डॉक्टर शाहीन सईद, मुजम्मिल शकील और अदील राथर शामिल हैं, जबकि एक अन्य डॉक्टर उमर नबी लापता है, जो लाल किला धमाके में मारा गया बताया जा रहा है। इस केस में कुल आठ गिरफ्तारियां हुई हैं, जिनमें छह डॉक्टर हैं। अब गृह मंत्रालय ने इस पूरे मामले की जांच एनआईए को सौंप दी है।
Updated on:
13 Nov 2025 09:10 am
Published on:
12 Nov 2025 05:59 pm
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