
Delhi News: हमारा देश अलग-अलग संस्कृतियों, वेश-भूषाओं और भाषा-बोलियों से दुनिया भर में पहचाना जाता है। यही विविधता भारत की सबसे बड़ी ताकत है, जो लोगों को एक-दूसरे से जोड़ती है और आपसी सम्मान की भावना पैदा करती है। लेकिन राजधानी दिल्ली में एक ऐसी घटना हुई है, जो कहीं न कही देश का आत्मा को ठेस पहुंचा है। दरअसल, नॉर्थ ईस्ट की तीन युवतियों ने एक कपल पर नस्लभेदी टिप्पणी करने का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा है कि अपने ही देश में उन्हें अलग नजर देखा जाता है। मोमो, चाउमीन जैसे नाम से पुकारा जाता है। इतना ही नहीं मसाज और पार्लर वाली भी कहा जाता है।
आपको बता दें कि यह पूरा मामला दिल्ली के मालवीय नगर थाना क्षेत्र का है। नॉर्थ ईस्ट के अरुणाचल प्रदेश की रहने वाली तीन महिलाओं ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराया है कि उनके साथ अपने ही देश में अलग समझा जाता है, नस्लभेदी टिप्पणी किया जाता है। शिकायत पत्र में एक कपल पर आरोप लगाया है कि मालवीय नगर क्षेत्र के एक अपार्टमेंट में रहती हैं। गर्मी के मौसम से पहले उन्होंने अपने घर में एसी लगवाने के लिए मैकेनिक बुलाए थे। एसी इंस्टॉलेशन के दौरान बिल्डिंग में ड्रिलिंग की जा रही थी, जिससे कुछ धूल नीचे वाले फ्लैट की बालकनी में गिर गई। इसी बात को लेकर नीचे रहने वाले लोग आकर मैकेनिक से उलझ गए। जब पीड़ित महिलाएं बीच-बचाव करने पहुंचीं तो उनके साथ भी विवाद किया गया और आरोप है कि दंपती ने उनके प्रति आपत्तिजनक और अभद्र टिप्पणियां कीं।
पीड़ित युवतियों ने आरोप लगाया कि उस दंपती ने उनके साथ बेहद आपत्तिजनक और अपमानजनक भाषा का इस्तेमाल किया। उनका कहना है कि उन्हें मसाज पार्लर में काम करने वाली बताकर चरित्र पर सवाल उठाए गए और पैसों के बदले किसी के साथ संबंध बनाने जैसी घिनौनी टिप्पणियां की गईं। युवतियों ने बताया कि सिर्फ अलग दिखने की वजह से उन्हें लंबे समय से नस्लभेदी ताने सुनने पड़ते रहे हैं, लेकिन इस बार जिस स्तर की गाली-गलौच और मानसिक प्रताड़ना हुई, वह असहनीय थी। उनका कहना है कि यह केवल कुछ व्यक्तियों का नहीं, बल्कि पूरे नॉर्थ ईस्ट समुदाय से जुड़ा मुद्दा है। इसी कारण वे थाने पहुँचीं और औपचारिक शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने उनकी शिकायत पर मामला दर्ज कर लिया है और उन्हें भरोसा दिलाया गया है कि उचित कार्रवाई की जाएगी।
लड़कियों ने कहा कि वे भी इसी देश की नागरिक हैं, लेकिन अलग पहचान और रूप-रंग के कारण उन्हें अक्सर भेदभाव और अपमान का सामना करना पड़ता है। 'मोमो, चाउमीन, चिंकी' जैसे ताने वे लंबे समय से सुनती आ रही हैं, मगर इस तरह का व्यवहार अब स्वीकार्य नहीं है। उनका कहना है कि समाज को बदलने की जरूरत है और नई पीढ़ी को इस सोच के खिलाफ खड़ा होना होगा।
Updated on:
23 Feb 2026 11:59 am
Published on:
23 Feb 2026 11:57 am
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