
Unnao Custodial Death Case:दिल्ली हाई कोर्ट ने उन्नाव हिरासत में मौत से जुड़े मामले में कुलदीप सिंह सेंगर और सीबीआई सहित सभी दोषियों को नोटिस जारी किया है। यह कदम उन्नाव दुष्कर्म पीड़िता की उस याचिका पर उठाया गया है, जिसमें उन्होंने दोषियों की सजा बढ़ाने की मांग की थी। पीड़िता ने अपनी अर्जी में कहा है कि मौजूदा सजा अपर्याप्त है और आरोपियों को और कठोर दंड दिया जाना चाहिए। दिल्ली हाई कोर्ट ने याचिका को गंभीरता से लेते हुए मामले की अगली सुनवाई 2 मार्च को तय की है।
आपको बता दें कि पूर्व भाजपा विधायक कुलदीप सिंह सेंगर को कोर्ट ने 10 साल की सजा सुनाई। सजा के खिलाफ सेंगर ने पहले दिल्ली हाई कोर्ट में जमानत याचिका दाखिल की थी, लेकिन हाई कोर्ट ने उनकी अर्जी को खारिज कर दिया। इसके बाद सेंगर ने सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया। निचली अदालत ने अपने फैसले में स्पष्ट कहा था कि परिवार के इकलौते कमाने वाले व्यक्ति की मौत के मामले में किसी भी तरह की नरमी नहीं बरती जा सकती। अदालत ने यह भी टिप्पणी की थी कि यह अपराध अत्यंत गंभीर है और इसी कारण गैर इरादतन हत्या के अपराध में अधिकतम सजा देना पूरी तरह न्यायसंगत है।
इसके अलावा आरोपी कुलदीप सिंह सेंगर दुष्कर्म के एक अलग मामले में उम्रकैद की सजा भी काट रहे हैं। यह मामला उस समय का है, जब पीड़िता नाबालिग थी। सेंगर 13 अप्रैल 2018 से लगातार जेल में बंद हैं। पीड़िता ने आरोप लगाया था कि 4 जून 2017 को उसे नौकरी दिलाने का झांसा देकर सेंगर के घर ले जाया गया, जहां उसके साथ दुष्कर्म किया गया। बाद में 3 अप्रैल 2018 को पीड़िता अपने परिवार के साथ अदालत में सुनवाई के सिलसिले में उन्नाव पहुंची थी। इसी दौरान पीड़िता के पिता को पुलिस हिरासत में लिया गया, जहां कथित तौर पर मारपीट के बाद उनकी मौत हो गई। इस घटना ने पूरे मामले को और गंभीर बना दिया और देशभर में इसे लेकर जोरदार आक्रोश देखने को मिला।
Updated on:
19 Feb 2026 01:31 pm
Published on:
19 Feb 2026 01:30 pm
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