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Nuh Violence 2023: नूंह के नए पुलिस अधीक्षक डॉ. अर्पित जैन ने 31 जुलाई 2023 को हुई सांप्रदायिक हिंसा की फाइलों को फिर से खोलने का निर्णय लिया है। इस मामले की गहन जांच के लिए एएसपी ASP को जिम्मेदारी दी गई है। गौरतलब है कि बृजमंडल शोभायात्रा के दौरान हुई इस हिंसक झड़प में सात लोगों की जान चली गई थी। अब पुलिस प्रशासन नए सिरे से सुबूतों और गवाहों की समीक्षा करेगा।
दरअसल, 31 जुलाई 2023 को नलेश्वर मंदिर से निकाली जा रही शोभायात्रा के दौरान इलाके में हिंसक झड़पें हुई थीं। इन घटनाओं में सात लोगों की मौत हो गई थी और कई लोग घायल हुए थे। उस समय पुलिस ने अलग-अलग मामलों में कई आरोपितों को गिरफ्तार कर जेल भी भेजा था।
नूंह दंगे के मामलों में अब पुलिस प्रशासन फिर से सक्रिय हो गया है। नए पुलिस अधीक्षक डॉ. अर्पित जैन के आदेशानुसार, 31 जुलाई 2023 की हिंसा से जुड़ी जांच अब ASP स्तर के अधिकारी करेंगे। यह हिंसा तब हुई थी जब एक शोभायात्रा पर पथराव के बाद स्थिति बिगड़ गई थी, जिसमें 7 लोगों ने अपनी जान गंवाई थी। तत्कालीन पुलिस कार्रवाई के बाद कई आरोपी जेल भेजे गए थे, लेकिन अब फिर से प्रशासन इस पूरे घटनाक्रम की जांच करने के आदेश दिए हैं।
नए एसपी डॉ. अर्पित जैन का कहना है कि मामले की निष्पक्ष तरीके से दोबारा जांच कराई जाएगी। उन्होंने साफ किया कि दोषियों को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा और निर्दोष लोगों को परेशान नहीं किया जाएगा। इस मामले में दर्ज दो एफआईआर में मामन खान का नाम भी शामिल है। फिलहाल वह अदालत से जमानत मिलने के बाद बाहर हैं।
दूसरी ओर, नामजद आरोपितों को लेकर पुलिस फिर से सक्रिय हो गई है। इसी सिलसिले में आफताब अहमद ने नए पुलिस अधीक्षक से मुलाकात कर मामले से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर चर्चा की।
पुलिस का कहना है कि जांच के दौरान सभी पहलुओं की दोबारा समीक्षा की जाएगी, ताकि घटना से जुड़े तथ्यों को स्पष्ट किया जा सके और जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई हो सके।
Published on:
09 Apr 2026 06:28 pm
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