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दिल्ली में बच्चों की सुरक्षा का नया ‘एक्शन प्लान’: ओम प्रकाश व्यास ने संभाली DCPCR की कमान, सीएम रेखा गुप्ता से मुलाकात के बाद लिया बड़ा फैसला

Delhi Child Rights Commission: दिल्ली बाल अधिकार संरक्षण आयोग (DCPCR) के नवनियुक्त चेयरमैन ओम प्रकाश व्यास ने पदभार संभालते ही मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता से मुलाकात की। बैठक में बच्चों की सुरक्षा, POCSO कानून के प्रभावी क्रियान्वयन, स्कूलों में चाइल्ड प्रोटेक्शन कमेटी और साइबर सुरक्षा समेत कई अहम मुद्दों पर चर्चा हुई।
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Child Protection Delhi

ओम प्रकाश व्यास ने DCPCR के चेयरपर्सन का पदभार संभाला, CM रेखा गुप्ता से मुलाकात की। फोटो सोर्स-PTI

Delhi Child Rights Commission: राजधानी में मासूमों के अधिकार और उनकी सुरक्षा को लेकर दिल्ली सरकार ने एक बड़ा कदम उठाया है। 'दिल्ली बाल अधिकार संरक्षण आयोग' (DCPCR) के नवनियुक्त चेयरमैन ओम प्रकाश व्यास ने बुधवार को अपना पदभार संभाल लिया है। कुर्सी संभालते ही वह सीधे एक्शन मोड में नजर आए। उन्होंने दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता से मुलाकात की और राजधानी के बच्चों की सुरक्षा, उनके अधिकारों और कल्याण को लेकर एक हाई-लेवल ब्लूप्रिंट पर चर्चा की।

इस अहम मुलाकात के बाद मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने ओम प्रकाश व्यास को बधाई दी। सीएम ने साफ शब्दों में कहा कि दिल्ली में बच्चों के अधिकारों की रक्षा और उनका विकास हमारी सरकार की सबसे प्राथमिकता है। उन्होंने भरोसा जताया कि व्यास के नेतृत्व में कमीशन अब और ज्यादा संवेदनशीलता, पारदर्शिता और जिम्मेदारी के साथ काम करेगा, जिससे दिल्ली का हर बच्चा खुद को सुरक्षित महसूस कर सके।

'चाइल्ड प्रोटेक्शन मंथ' के तहत दिखेगा बड़ा असर

मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने हाल ही में शुरू हुए 'चाइल्ड प्रोटेक्शन मंथ' (बाल संरक्षण माह) का जिक्र करते हुए कहा कि संबंधित विभागों को कड़े निर्देश जारी किए जा चुके हैं। सरकार का पूरा फोकस इस समय पॉक्सो (POCSO) एक्ट को जमीनी स्तर पर सख्ती से लागू करने पर है। इसके तहत अब दिल्ली के हर स्कूल में 'चाइल्ड प्रोटेक्शन कमिटी' (बाल संरक्षण समितियां) बनाई जा रही हैं। इसके साथ ही बच्चों को जागरूक करने के लिए बड़े पैमाने पर कैंपेन चलाए जा रहे हैं, जिसमें DCPCR की भूमिका सबसे अहम होने वाली है।

इन 5 मुद्दों पर रहेगा सबसे ज्यादा फोकस

पदभार ग्रहण करने के बाद ओम प्रकाश व्यास ने मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के संवेदनशील विजन की तारीफ की। उन्होंने कहा कि सीएम की यही सोच कमीशन के लिए गाइडलाइन का काम करेगी। व्यास ने बताया कि बच्चों की सुरक्षा को केवल कागजों तक सीमित न रखकर जमीन पर उतारने के लिए आयोग दिल्ली पुलिस, शिक्षा विभाग, महिला एवं बाल विकास विभाग और अन्य संस्थाओं के साथ मिलकर एक मजबूत 'को-ऑर्डिनेशन नेटवर्क' तैयार कर रहा है।

आयोग की टॉप प्राथमिकताओं में ये बातें शामिल रहेंगी:

सुरक्षित स्कूल: स्कूलों के माहौल को पूरी तरह सुरक्षित और भयमुक्त बनाना।
गुड टच-बैड टच: बच्चों को सुरक्षित और असुरक्षित स्पर्श के प्रति जागरूक करना।
साइबर सेफ्टी: इंटरनेट और सोशल मीडिया के दौर में बच्चों को ऑनलाइन खतरों से बचाना।
आंगनबाड़ी और CCI: आंगनबाड़ी केंद्रों और चाइल्ड केयर संस्थानों के साथ तालमेल बिठाकर हर बच्चे तक पहुंच बनाना।

चेयरमैन ने साफ कर दिया है कि आयोग की पूरी टीम दिल्ली के बच्चों का भविष्य संवारने के लिए 24 घंटे काम करने को तैयार है। इस बड़े बदलाव के बाद अब उम्मीद जताई जा रही है कि दिल्ली में बाल अपराधों पर लगाम लगाने में यह नई टीम बेहद कारगर साबित होगी।