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NSA के फैसले पर ओवैसी का सरकार से सवाल, बोले- क्या प्रदर्शन करना अब राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए खतरा है?

NSA पर ओवैसी का बयान: NSA फैसले पर ओवैसी ने केंद्र सरकार को घेरा, कहा- शांतिपूर्ण प्रदर्शन करने वालों को राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए खतरा नहीं माना जा सकता। दिल्ली पुलिस को मिली NSA कार्रवाई की शक्ति पर उठाए सवाल।
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Asaduddin Owaisi

AIMIM प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने सरकार पर निशाना साधते हुए कई सवाल उठाए हैं। फोटो सोर्स-PTI

NSA Act News: दिल्ली में राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (NSA) को लेकर केंद्र सरकार के एक फैसले पर राजनीति गरमा गई है। गृह मंत्रालय ने दिल्ली पुलिस आयुक्त को तीन महीने के लिए NSA के तहत कार्रवाई करने का अधिकार दिया है। इस फैसले के बाद AIMIM प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने सरकार पर निशाना साधते हुए कई सवाल उठाए हैं।

ओवैसी ने कहा कि अगर कोई युवा अपने हक और भविष्य की मांग को लेकर शांतिपूर्ण तरीके से प्रदर्शन कर रहा है, तो उसे राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए खतरा कैसे माना जा सकता है। उनके मुताबिक सरकार को युवाओं की समस्याएं सुननी चाहिए, न कि उन पर सख्त कानून लगाने की तैयारी करनी चाहिए।

प्रदर्शन को राष्ट्रीय सुरक्षा से जोड़ना सही नहीं

उन्होंने कहा कि एक तरफ प्रधानमंत्री न्याय और लोगों की बात सुनने की बात करते हैं, लेकिन दूसरी तरफ सरकार ने दिल्ली पुलिस आयुक्त को NSA के तहत कार्रवाई की शक्ति दे दी है। ओवैसी का कहना है कि इस कानून के तहत किसी व्यक्ति को लंबे समय तक हिरासत में रखा जा सकता है, जिससे लोगों में चिंता बढ़ना लाजिमी है।

जंतर-मंतर पर चल रहे प्रदर्शनों का जिक्र करते हुए ओवैसी ने कहा कि देश के युवा रोजगार और अपने भविष्य को लेकर आवाज उठा रहे हैं। उनका कहना है कि इन प्रदर्शनों को राष्ट्रीय सुरक्षा से जोड़ना सही नहीं है। उन्होंने कहा कि देश की बड़ी आबादी युवा है और अगर उनकी मांगों को गंभीरता से नहीं लिया जाएगा, तो नाराजगी बढ़ेगी।

सख्त कानूनों के इस्तेमाल पर सवाल

ओवैसी ने यह भी कहा कि सरकार एक ओर विशेष अदालतों की बात करती है, वहीं दूसरी ओर ऐसे कानून का इस्तेमाल करना चाहती है जिसमें हिरासत में लेने के कारणों का खुलासा भी तुरंत जरूरी नहीं होता। उनके मुताबिक इससे लोकतांत्रिक अधिकारों और अभिव्यक्ति की आजादी को लेकर सवाल खड़े होते हैं।

उन्होंने आरोप लगाया कि मौजूदा हालात को संभालने में सरकार नाकाम रही है और अब सख्त कानूनों का सहारा लिया जा रहा है। उनका कहना है कि लोकतंत्र में लोगों को अपनी बात रखने का अधिकार है और शांतिपूर्ण प्रदर्शन को राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए खतरा बताना उचित नहीं है।

बता दें कि गृह मंत्रालय ने 19 जुलाई से अगले तीन महीने तक दिल्ली पुलिस आयुक्त को राष्ट्रीय सुरक्षा कानून, 1980 के तहत निरोधात्मक कार्रवाई करने की शक्तियां दी हैं। इस फैसले के बाद विपक्ष लगातार सरकार से जवाब मांग रहा है, जबकि इस मुद्दे पर राजनीतिक बहस भी तेज हो गई है।

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