
राज्यसभा में मल्लिकार्जुन खरगे और जेपी नड्डा। (फोटो- X/Rajya Sabha TV)
दिल्ली के जंतर-मंतर पर नीट पेपर लीक को लेकर विरोध प्रदर्शन जारी है। इस मुद्दे पर राज्यसभा में आज भी जमकर हंगामा हुआ। सदन में पक्ष विपक्ष के बीच जोरदार बहस हुई। इसको लेकर राज्यसभा कल तक के लिए स्थगित कर दी गई है।
सदन में विपक्ष के नेता और कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने जोरदार तरीके से शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग की। खरगे ने सदन को संबोधित करते हुए कहा- जो छात्र आंदोलन कर रहे हैं, उनकी बात सुनी जानी चाहिए, धर्मेंद्र प्रधान को इस्तीफा देना होगा। धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बिना इस मुद्दे पर कोई चर्चा नहीं होगी।
इस पर केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा ने तुरंत जवाब दिया। उन्होंने जिम्मेदारहीन तरीके से काम कर रहा है। जेपी नड्डा ने विपक्ष के इस रवैये की निंदा की। उन्होंने कहा कि सदन की मर्यादा तोड़कर और नारे बाजी करके विपक्ष लोकतंत्र की मूल भावना का अपमान कर रहा है।
नड्डा ने कहा- सरकार हर मुद्दे पर चर्चा को तैयार है, लेकिन विपक्ष पहले शर्तें थोप रहा है। उन्होंने विपक्ष के व्यवहार को जिम्मेदारहीन और लोकतंत्र विरोधी बताया।
इस विवाद के चलते पिछले दो दिनों से राज्यसभा की कार्यवाही प्रभावित हो रही है। एक दिन पहले भी भारी हंगामे के बाद राज्यसभा को स्थगित करना पड़ा। आज भी बार-बार सदन की कार्यवाही में बाधा आई।
विपक्ष ने नियम 267 के तहत चर्चा की मांग की, लेकिन इस्तीफे की शर्त पर अड़ा रहा। सरकार का कहना है कि सदन में सभी दलों के साथ मिलकर समय और नियम तय करके बहस की जा सकती है।
इस बीच, अब केंद्र सरकार जंतर-मंतर पर प्रदर्शन कर रहे छात्रों से बातचीत के लिए तैयार हो गई है। केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह ने कहा कि छात्रों को बातचीत के लिए चार बार प्रस्ताव भेजा गया है।
जितेंद्र सिंह ने कहा- छात्र जहां चाहेंगे, वह वहां बातचीत के लिए तैयार हैं। बातचीत से ही किसी भी समस्या का समाधान हो सकता है। उन्होंने यह भी कहा कि वह और जेपी नड्डा साथ में छात्रों से चर्चा करेंगे।
Updated on:
23 Jul 2026 03:18 pm
Published on:
23 Jul 2026 03:18 pm
