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किसी की आवाज और नाम का इस्तेमाल गलत…आंध्र प्रदेश के डिप्टी सीएम पवन कल्याण पर दिल्ली HC का बड़ा फैसला

Pawan Kalyan Case: दिल्ली हाईकोर्ट ने पवन कल्याण के नाम, चेहरे और आवाज के गलत इस्तेमाल पर सख्त रुख अपनाया है। पवन कल्याण का आरोप है कि उनके नाम का बिना अनुमति के कमर्शियल फायदे के लिए इस्तेमाल किया जा रहा है।

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Pawan Kalyan personality rights case delhi high court issued John Doe order

दिल्ली हाईकोर्ट ने पवन कल्याण के पर्सनैलिटी राइट्स के मामले में अपनाया सख्त रुख

Pawan Kalyan Case: दिल्ली हाईकोर्ट में अभिनेता और आंध्र प्रदेश के डिप्टी सीएम पवन कल्याण से जुड़ा मामला सामने आया है। यह मामला उनके पर्सनैलिटी राइट्स से जुड़ा हुआ है, जिसमें उन्होंने याचिका दायर करते हुए यह अपील की है कि सोशल मीडिया और ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म्स पर उनके नाम, आवाज और चेहरे का बिना अनुमति के कमर्शियल फायदे के लिए इस्तेमाल किया जा रहा है और इसीलिए उन्होंने कोर्ट में इस तरह के सभी कंटेंट पर तुरंत रोक लगाने की मांग की। इस मामले की सुनवाई जस्टिस मनमीत प्रीतम सिंह अरोड़ा की एकल पीठ ने की। कोर्ट ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए सख्त रुख अपनाया।

दिल्ली हाईकोर्ट ने क्या कहा?

कोर्ट ने कहा कि पवन कल्याण के नाम, चेहरे, आवाज और तस्वीर का इस्तेमाल उनकी अनुमति के बिना किया जा रहा है। साथ ही यह इस्तेमाल सोशल मीडिया और ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म पर व्यवसायिक लाभ के लिए किया जा रहा है। इसे कोर्ट ने पहली ही नजर में उनके पर्सनल राइट्स का उल्लंघन बताया। साथ ही कोर्ट ने यह भी स्पष्ट किया कि प्रतिवादी उनकी पर्सनैलिटी का उपयोग अनधिकृत तरीके से कर रहे हैं और इससे उनकी छवि पर गलत असर पड़ सकता है।

जॉन डो आदेश जारी

इस मामले में कोर्ट ने जॉन डो आदेश जारी किया है। इसका मतलब है कि जिन लोगों की पहचान अभी साफ नहीं है और जो इस तरह का गलत काम कर रहे हैं, उन सब पर यह लागू होता है। कोर्ट ने माना कि पवन कल्याण एक जानी-मानी हस्ती और आंध्र प्रदेश के डिप्टी सीएम हैं। अगर इस तरह की सामग्री पर अभी रोक नहीं लगाई गई तो पवन कल्याण को इस तरह का नुकसान हो सकता है जिसकी भरपाई बाद में की भी नहीं जा सकेगी। कोर्ट ने उनके पर्सनैलिटी राइट्स का उल्लंघन करने वाले कंटेंट पर एकतरफा अंतरिम निषेधाज्ञा का आदेश दिया है।

वेबसाइट्स को राहत का मौका

अदालत ने निर्देश देते हुए यह भी कहा कि अगर कोई वेबसाइट जो सीधे तौर पर उनके पर्सनैलिटी राइट्स के उल्लंघन में शामिल नहीं है और वह कोर्ट के आदेश से प्रभावित होती है तो कोर्ट में वह आकर अपना पक्ष रख सकते हैं। लेकिन इसके लिए उन्हें कोर्ट को इस बात का भरोसा दिलाना होगा कि उनका इरादा पवन कल्याण के पर्सनैलिटी राइट्स के उल्लंघन करने वाले कंटेंट को फैलाने का नहीं था। कोर्ट ने कहा कि अगर कोर्ट में हालात सही पाए गए तो निषेधाज्ञा में बदलाव करने का सोचा जाएगा। साथ ही कोर्ट ने सोशल मीडिया और ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म्स को भी निर्देश दिया कि पवन कल्याण की याचिका को सूचना प्रौद्योगिकी (मध्यवर्ती दिशानिर्देश और डिजिटल मीडिया आचार संहिता) नियम 2021 के तहत माना जाए। इस मामले की अगली सुनवाई 12 मई को होगी।

पहले भी कई हस्तियों को मिल चुकी है ऐसी राहत

इस तरह के मामले पहले भी कोर्ट में आ चुके हैं। हाल ही में पूर्व क्रिकेटर सुनील गावस्कर, अभिनेता आर माधवन और एनटीआर जूनियर के पर्सनैलिटी राइट्स की रक्षा के लिए भी ऐसे ही आदेश पारित किए गए थे। इसी तरह की शिकायत के साथ सलमान खान ने भी कोर्ट में याचिका दायर की है। साथ ही समन्वय पीठों ने द आर्ट ऑफ लिविंग के संस्थापक श्री श्री रवि शंकर, तेलुगु अभिनेता नागार्जुन, बॉलीवुड की जानी-मानी अभिनेत्री ऐश्वर्या राय बच्चन, अभिनेता अभिषेक बच्चन और फिल्म डायरेक्टर करण जौहर, इन सभी के नाम, चेहरे और पहचान के गलत इस्तेमाल पर रोक लगाते हुए उनके पर्सनैलिटी राइट्स की सुरक्षा की है। पत्रकार सुधीर चौधरी और पॉडकास्टर राज शमानी के भी ऐसे मामले सामने आए थे, जिनमें कोर्ट ने उन्हीं के पक्ष में फैसले लिए थे।