
CJP के छात्र आंदोलन को 'हिंदू रक्षा दल' के पिंकी चौधरी की धमकी, फोटो सोर्स- एक्स ( @nedricknews )
Pinki Chaudhary CJP NEET protest threat: नीट (NEET) परीक्षा धांधली और शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग को लेकर दिल्ली के जंतर-मंतर पर पिछले एक महीने से जारी 'कॉकरोच जनता पार्टी' (CJP) का आंदोलन अब नए विवादों में घिर गया है। गाजियाबाद के चर्चित 'हिंदू रक्षा दल' के प्रमुख पिंकी चौधरी ने प्रदर्शनकारियों को खुलेआम पीटने की धमकी दी है। सोशल मीडिया पर एक वीडियो जारी कर उन्होंने ऐलान किया है कि वे 26 जुलाई को दोपहर 12 बजे अपने समर्थकों के साथ जंतर-मंतर पहुंचकर आंदोलनकारियों का विरोध करेंगे और उन पर हमला करेंगे।
अपने विवादित बयानों के लिए पहचाने जाने वाले पिंकी चौधरी ने वीडियो में आरोप लगाया कि जंतर-मंतर पर जारी यह धरना प्रदर्शन देश की छवि को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर खराब करने की साजिश है। पिंकी चौधरी ने वीडियो में कहा कि 'जंतर-मंतर पर मौजूद लोग देश का माहौल बिगाड़ रहे हैं और सनातन के विरोधी हैं। वे भारत को बदनाम करने का कोई न कोई जरिया ढूंढते रहते हैं। वहां बेटियां जिस तरह की अश्लीलता और भाषा का प्रयोग कर रही हैं, वह असहनीय है। हमारी देश की सेना के खिलाफ भी गलत बातें बोली जा रही हैं।'
पिंकी चौधरी ने धरने में शामिल लोगों की तुलना देश विरोधी तत्वों से करते हुए विपक्षी राजनीतिक दलों और उनके नेताओं को भी अपने निशाने पर लिया। उन्होंने सपा, कांग्रेस और आजाद समाज पार्टी के प्रमुख व सांसद चंद्रशेखर आजाद का जिक्र करते हुए उन्हें भी सीधी धमकी दी। पिंकी चौधरी ने कहा कि चंद्रशेखर रावण, जो अभी सिर्फ एक छोटा पौधा है और खुद को बहुत बड़ा पेड़ समझ बैठा है, हम उसकी भी बुद्धि ठीक करने का काम करेंगे।' उन्होंने दावा किया कि वे जंतर-मंतर पर देश विरोधी एजेंडा चलाने वालों को बर्दाश्त नहीं करेंगे और पूरी ताकत के साथ उनका मुकाबला करेंगे।
राजधानी दिल्ली में CJP के प्रदर्शन और मौजूदा कानून-व्यवस्था की स्थिति को देखते हुए दिल्ली पुलिस ने सभी पुलिसकर्मियों की छुट्टियां अगले आदेश तक रद्द कर दी हैं। पुलिस मुख्यालय की ओर से जारी निर्देश के अनुसार, कांस्टेबल से लेकर वरिष्ठ अधिकारियों तक किसी भी कर्मचारी को नियमित, अर्जित या अन्य सामान्य अवकाश नहीं दिया जाएगा। यह फैसला सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाए रखने और किसी भी आपात स्थिति से प्रभावी ढंग से निपटने के उद्देश्य से लिया गया है।
दिल्ली पुलिस मुख्यालय ने स्पष्ट किया है कि केवल वास्तविक और सत्यापित आपातकालीन परिस्थितियों में ही छुट्टी स्वीकृत की जाएगी। इसके लिए संबंधित सक्षम अधिकारी की पूर्व अनुमति लेना अनिवार्य होगा। आदेश में सभी जिला पुलिस उपायुक्तों (DCP) और अन्य वरिष्ठ अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि वे इस आदेश का सख्ती से पालन सुनिश्चित करें और केवल विशेष परिस्थितियों में ही अवकाश मंजूर करें।
Updated on:
24 Jul 2026 03:02 pm
Published on:
24 Jul 2026 02:11 pm
