13 फ़रवरी 2026,

शुक्रवार

Patrika Logo
Switch to English
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

नेतन्याहू वांटेड…दिल्ली में विदेशी दूतावास के कर्मचारी ने इजराइली पीएम के लगाए पोस्टर, पुलिस ने क्या किया?

Netanyahu in Delhi: दिल्ली में विदेशी दूतावास के एक कर्मचारी ने इजराइली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के वांटेड लिखे पोस्टर चिपका दिए। दिल्ली पुलिस ने इस मामले में गृह मंत्रालय को रिपोर्ट भेजी है।

2 min read
Google source verification
Netanyahu in Delhi: नेतन्याहू वांटेड...दिल्ली में विदेशी दूतावास के कर्मचारी ने इजराइली पीएम के लगाए पोस्टर, पुलिस ने क्या किया?

दिल्ली में इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के वांटेड वाले पोस्टर लगाए गए। (Photo : AI)

Netanyahu in Delhi: दिल्ली के हाई-सिक्योरिटी और वीवीआईपी इलाके चाणक्यपुरी में हाल ही में एक असामान्य घटना ने सुरक्षा एजेंसियों और प्रशासन को चौकन्ना कर दिया है। यहां की सड़कों और बिजली के खंभों पर इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के 'वांटेड' पोस्टर लगे मिलने से सनसनी फैल गई। यह घटना 10 से 12 दिन पहले की है, लेकिन इसका खुलासा अब हुआ है। जब पुलिस ने इसकी जांच शुरू की तो सामने आया कि यह हरकत किसी आम नागरिक की नहीं, बल्कि एक विदेशी दूतावास में कार्यरत कर्मचारी की थी, जो कि एक पश्चिमी यूरोपीय देश से है। चौंकाने वाली बात यह रही कि आरोपी के पास डिप्लोमैटिक पासपोर्ट था। इसके चलते उसे राजनयिक छूट प्राप्त है और इसी कारण पुलिस उसे गिरफ्तार नहीं कर सकी।

मॉर्निंग वॉक पर निकले लोगों ने पुलिस को दी सूचना

बीते 10-12 दिन पहले सुबह के समय जब लोग मॉर्निंग वॉक पर निकले तो उन्होंने देखा कि मालचा मार्ग स्थित कार्मेल कॉन्वेंट स्कूल और अमेरिकन एंबेसी स्कूल के पास कई खंभों पर इजराइली प्रधानमंत्री नेतन्याहू के पोस्टर लगे हुए हैं। इन पोस्टरों पर 'वांटेड' लिखा हुआ था। देखते ही देखते यह खबर इलाके में फैल गई और दिल्ली पुलिस को इसकी सूचना दी गई। पुलिस तुरंत हरकत में आई और उन पोस्टरों को हटा दिया गया। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए पुलिस ने तत्काल जांच शुरू कर दी।

यह भी पढ़ें : दिल्ली पुलिस होने जा रही बड़ी भर्ती, सिपाही से लेकर सब इंस्पेक्टर तक बंपर वैकेंसी

सीसीटीवी फुटेज खंगालने के बाद पुलिस को एक संदिग्ध व्यक्ति की पहचान हुई। जो रात के अंधेरे में पोस्टर चिपकाते हुए कैमरे में कैद हुआ था। फुटेज और अन्य इलेक्ट्रॉनिक सर्विलांस के माध्यम से पुलिस उसकी लोकेशन ट्रेस कर पाई और उस व्यक्ति के निवास स्थान तक पहुंच गई। जब उसकी पहचान की गई तो पता चला कि वह व्यक्ति एक पश्चिमी यूरोपीय देश के दूतावास में कार्यरत है और उसके पास डिप्लोमैटिक पासपोर्ट है।

दिल्ली पुलिस ने गृह मंत्रालय को भेजी रिपोर्ट

डिप्लोमैटिक इम्युनिटी होने के कारण पुलिस ने उसके खिलाफ सीधे कोई कानूनी कार्रवाई नहीं की, बल्कि उसका पूरा विवरण इकट्ठा करके मामले की रिपोर्ट गृह मंत्रालय और विदेश मंत्रालय को सौंप दी। पुलिस का कहना है कि जब तक मंत्रालयों से कोई निर्देश नहीं आता। तब तक आगे कोई कदम नहीं उठाया जा सकता।

सूत्रों के अनुसार, यह मामला बेहद संवेदनशील है, क्योंकि इसमें एक विदेशी राजनयिक कर्मी की संलिप्तता है और इजराइल जैसे देश के प्रधानमंत्री को निशाना बनाना एक गंभीर कूटनीतिक मुद्दा बन सकता है। केंद्र सरकार अब इस मामले की जांच कर रही है कि इस व्यक्ति के इस कृत्य के पीछे क्या मंशा थी और क्या यह किसी अंतरराष्ट्रीय साजिश का हिस्सा हो सकता है। गृह मंत्रालय और विदेश मंत्रालय मिलकर इस मामले में आगे की कार्रवाई की रूपरेखा तैयार कर रहे हैं।

यह भी पढ़ें : साहब! हमारा कोई दोष नहीं, हमें बरगलाया गया…पुलिस देख गिड़गिड़ाने लगीं अवैध धंधे में लिप्त युवतियां

इस घटना ने दिल्ली में मौजूद विदेशी दूतावासों की गतिविधियों पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। सुरक्षा एजेंसियां अब दूतावासों के स्टाफ की गतिविधियों पर और अधिक पैनी नजर रखने की दिशा में सोच रही हैं। वहीं इस घटना से भारत-इजरायल के कूटनीतिक रिश्तों पर भी असर पड़ सकता है, जिसे लेकर सरकार बेहद सतर्क है।