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दीनानाथ’ की जगह ‘दीनदयाल’ पढ़ने पर भड़के राज ठाकरे, बोले- विधानसभा में मराठी भाषा का अपमान हुआ

raj thackeray controversy: महाराष्ट्र विधानसभा में 'दीनानाथ मंगेशकर' का नाम गलत पढ़े जाने पर राज ठाकरे ने राहुल नार्वेकर और सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने इसे मराठी भाषा के सम्मान से जुड़ा मुद्दा बताया। राज ठाकरे के बयान के बाद महाराष्ट्र में भाषा और विधानसभा की जिम्मेदारी को लेकर नई बहस शुरू हो गई है।
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राज ठाकरे ने राहुल नरवेकर पर टिप्पणी की

photo -IANS

Raj Thackeray commented on Rahul Narwekar: महाराष्ट्र विधानसभा में श्रद्धांजलि प्रस्ताव पढ़ने के दौरान हुई एक गलती ने बड़ा विवाद खड़ा कर दिया है। मशहूर गायिका आशा भोसले के निधन पर शोक प्रस्ताव पेश करते समय विधानसभा अध्यक्ष राहुल नार्वेकर द्वारा दीनानाथ मंगेशकर का नाम सही तरीके से नहीं पढ़े जाने पर राज ठाकरे भड़क गए। राज ठाकरे ने इसे सिर्फ एक नाम की गलती नहीं बल्कि मराठी भाषा के सम्मान से जुड़ा मुद्दा बताया। उन्होंने विधानसभा अध्यक्ष के साथ-साथ मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और भाजपा पर भी निशाना साधते हुए सवाल उठाए कि विधानसभा जैसे बड़े मंच पर मराठी भाषा को लेकर इतनी लापरवाही कैसे हो सकती है। राज ठाकरे के बयान के बाद यह मामला सोशल मीडिया पर भी तेजी से वायरल हो गया और महाराष्ट्र में भाषा को लेकर नई बहस शुरू हो गई।

नाम पढ़ने की गलती से शुरू हुआ विवाद

महाराष्ट्र विधानसभा में श्रद्धांजलि प्रस्ताव के समय हुई एक गलती को लेकर राजनीतिक विवाद खड़ा हो गया है। आशा भोसले के निधन पर शोक प्रस्ताव पढ़ते समय विधानसभा अध्यक्ष राहुल नार्वेकर से दीनानाथ मंगेशकर का नाम गलत पढ़े जाने का मामला सामने आया। इसको लेकर राज ठाकरे ने नाराजगी जताई और कहा कि विधानसभा जैसी अहम जगह पर मराठी भाषा को लेकर इस तरह की लापरवाही नहीं होनी चाहिए।

राज ठाकरे ने राहुल नार्वेकर पर बोला हमला

राज ठाकरे ने राहुल नार्वेकर पर निशाना साधते हुए कहा कि अगर सामने लिखे हुए मराठी भाषण को भी सही तरीके से नहीं पढ़ा जा सकता तो यह चिंता की बात है। उन्होंने सवाल उठाया कि सदन में मौजूद किसी भी विधायक ने इस गलती पर आपत्ति क्यों नहीं जताई। राज ठाकरे ने कहा कि यह सिर्फ एक नाम की गलती नहीं है, बल्कि मराठी भाषा के सम्मान से जुड़ा मामला है।

भाजपा और मुख्यमंत्री पर भी साधा निशाना

राज ठाकरे ने मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और भाजपा पर भी हमला बोला। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि नेताओं को यह समझना चाहिए कि विधानसभा में किस महान व्यक्ति को श्रद्धांजलि दी जा रही है और ऐसे मौके की गंभीरता क्या होती है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार और सदन में मराठी भाषा को लेकर लापरवाही दिखाई जा रही है।

मराठी भाषा को लेकर फिर छिड़ी बहस

राज ठाकरे ने कहा कि महाराष्ट्र में भाषा को लेकर लोगों की भावनाएं जुड़ी हुई हैं और विधानसभा में हुई ऐसी गलती से लोगों को ठेस पहुंचती है। उन्होंने यह भी कहा कि अगर राज्य की विधानसभा में ही मराठी भाषा का सम्मान नहीं होगा तो भाषा को बचाने और बढ़ावा देने की बात कैसे की जा सकती है।

राज ठाकरे का बयान सोशल मीडिया पर वायरल

राज ठाकरे के इस बयान के बाद मामला सोशल मीडिया पर भी चर्चा में आ गया। उनकी पोस्ट तेजी से वायरल हुई और महाराष्ट्र में मराठी भाषा, विधानसभा की जिम्मेदारी और नेताओं की भूमिका को लेकर बहस शुरू हो गई।