
हाजी इकबाल का प्रतीकात्मक फोटो
Saharanpur News सहारनपुर जिलाधिकारी ने हाजी इकबाल की 2.75 अरब रुपए कीमत की अचल संपत्ति को कुर्क करने के आदेश जारी किए हैं। हाजी इकबाल पूर्व बसपा एमएलसी रह चुके हैं। वर्तमान में इकबाल पर कई मुकदमे चल रहे हैं और वह एक लाख रुपये का इनामी है। पूर्व में भी हाजी इकबाल की कई संपत्तियां कुर्क की जा चुकी हैं। अब सहारनपुर जिलाधिकारी मनीष बंसल ने उनकी 56 और संपत्तियों को कुर्क करने के आदेश जारी किए हैं, जिनकी अनुमानित कीमत लगभग 2.75 अरब रुपए मानी जा रही है। उधर हाजी इकबाल के एडवोकेट ने कहा है कि वह इस आदेश के खिलाफ हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट जाएंगे।
हाजी इकबाल के एक मुकदमे की सुनवाई जिला अधिकारी की कोर्ट में चल रही थी। इस दौरान मजिस्ट्रेट ने फैसला सुनाया कि हाजी इकबाल की 56 संपत्तियों को कुर्क कर लिया जाए और इन आदेशों में प्रभावी प्रबंधन के लिए बेहट तहसीलदार को प्रशासक नियुक्त कर दिया। आदेशों में कहा कि हाजी इकबाल ने अपने सहयोगियों के साथ मिलकर वन क्षेत्र से खैर की लकड़ी की चोरी की इसके अलावा अवैध खनन किया और सरकारी व गैर सरकारी जमीनों पर कब्जा करके अवैध संपत्ति इकट्ठा कर ली और अपना गिरोह बना लिया। इसी के चलते आज इकबाल की करीब 56 संपत्तियों को कुर्क करने के आदेश जारी किए गए।
बसपा शासनकाल में हाजी इकबाल सहारनपुर से एमएलसी रह चुके हैं। इनका खनन का काफी बड़ा कारोबार बसपा काल में रहा।समाजवादी पार्टी की सरकार में भी हाजी इकबाल अपना कारोबार चलाते रहे लेकिन उत्तर प्रदेश में जब भाजपा की सरकार आई तो हाजी इकबाल की उल्टी गिनती शुरू हो गई। इकबाल के लड़कों के खिलाफ भी मुकदमे दर्ज हैं। इकबाल पर एक लाख का इनाम होने के साथ-साथ कई मुकदमे चल रहे हैं। पुलिस लंबे समय से हाजी इकबाल की तलाश कर रही है। अब जो आदेश जिलाधिकारी की अदालत से किए गए हैं उनको लेकर हाजी इकबाल के अधिवक्ता राम प्रकाश पांडे और इंद्रभान यादव ने मीडिया कर्मियों को दिए एक बयान में कहा है कि जो आदेश हुए हैं वह सुप्रीम कोर्ट के परित निर्देशों के खिलाफ हैं। ऐसे में वह इन आदेशों के खिलाफ हाई कोर्ट और सुप्रीम कोर्ट जाएंगे।
जिलाधिकारी मनीष बंसल का कहना है कि इकबाल उर्फ बाला और उनके बेटों मोहम्मद जावेद मोहम्मद वाजिद आलीशान अफजल निवासी मिर्जापुर पोल और उनके नौकर व सहअभियुक्त नसीम व राव लईक निवासी ग्राम रायपुर ने मिलकर एक गिरोह बनाया और गिरोह बंद तरीके से अवैध संपत्ति अर्जित करये रहे। वर्ष 2022 में गैंगस्टर अधिनियम में उनके खिलाफ मुकदमा दर्ज हुआ था। मंगलवार शाम को गैंग लीडर की अवैध धन से अर्जित की गई करीब 276 करोड रुपए कीमत की 56 संपत्तियों को कुर्क करने के आदेश मनीष बंसल की आदत से दिए गए।
Published on:
18 Feb 2026 11:24 am
