
चुनावी मौसम में फिर खुली चुनावी बॉण्ड की बिक्री
नई दिल्ली। राजस्थान-मध्यप्रदेश समेत पांच राज्यों में विधानसभा चुनावों के धूमधड़ाके के बीच केंद्र सरकार ने शनिवार को चुनावी बॉण्ड की बिक्री खोलने की घोषणा कर दी। लगातार दूसरे महीने चुनावी बॉण्ड की बिक्री खोली गई है। केंद्र सरकार ने गत 4 से 13 अक्टूबर तक भी चुनावी बॉण्ड की बिक्री खोली थी। बॉण्ड की बिक्री ऐसे समय में खोली गई है जब इसे लेकर सुप्रीम कोर्ट में याचिका पर सुनवाई चल रही है।
चुनावी बॉण्ड की बिक्री स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (एसबीआई) की अधिकृत 29 ब्रांचों से सोमवार से शुरू होगी और 20 नवम्बर तक जारी रहेगी। राजनीतिक दल इसी अवधि में बॉण्ड इन बैंक शाखाओं से भुना भी सकेंगे। बॉण्ड खरीदने-भुनाने के लिए चुनिंदा राज्य या संघ शासित प्रदेश की राजधानियों में एसबीआई की एक-एक शाखा को अधिकृत किया गया है।
केंद्रीय वित्त मंत्रालय ने शनिवार को चुनावी बॉण्ड योजना के 29वें चरण की अधिसूचना जारी करते हुए कहा कि कोई भी भारतीय नागरिक किसी भी राजनीतिक दल के लिए आगामी 6 से 20 नवम्बर तक अधिकृत एसबीआई बैंक शाखा से बॉण्ड खरीद सकेंगे। इलेक्टोरल बॉण्ड जारी करने की तिथि से पन्द्रह कैलेण्डर दिवस के लिए वैध होंगे। राजनीतिक दल इस अवधि में जिस दिन बॉण्ड जमा करवाएंगे, उसकी राशि उसी दिन उसके खाते में जमा कर दी जाएगी, लेकिन यह अवधि समाप्त होने के बाद जमा करवाए जाने वाले बॉण्ड का भुगतान नहीं होगा।
उल्लेखनीय है कि केंद्र सरकार ने 2 जनवरी 2018 को अधिसूचना जारी कर इलेक्टोरल बॉण्ड योजना जारी की थी। इसके बाद इसमें गत वर्ष 7 नवम्बर को कुछ संशोधन भी किया गया। योजना के प्रावधानों के अनुसार कोई भी भारतीय नागरिक एकल या संयुक्त रूप से यह बॉण्ड खरीद कर किसी राजनीतिक दल को दे सकता है।
ये पार्टियां भुना सकती हैं बॉण्ड
लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 (1951 का 43) की धारा 29क के तहत पंजीकृत राजनीतिक दल या लोकसभा अथवा विधानसभा चुनाव में डाले गए कुल वोटों का कम से कम एक प्रतिशत वोट हासिल करने वाली पार्टियां ये बॉण्ड भुना सकती है। इन पार्टियों को इनके प्राधिकृत बैंक के निर्दिष्ट बैंक खाते के माध्यम से ही भुगतान किया जाता है।
Published on:
04 Nov 2023 08:22 pm
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