
गोवा के नाइट क्लब अग्निकांड की सर्वाइवल भावना जोशी ने बताया आंखों देखा हाल।
गोवा के नाइट क्लब में हुए अग्निकांड का चैप्टर अभी बंद नहीं हुआ है। पुलिस ने उस क्लब के दोनों मालिक सौरभ लूथरा और गौरव लूथरा को थाईलैंड में हिरासत में ले लिया है। इस अग्निकांड में 25 लोगों की जिंदा जलने से मौत हो गई थी। अभी तक इस मामले की गुत्थी नहीं सुलझी है कि आखिर यह आग लगी कैसे थी? पुलिस इसकी जांच में जुटी है और साथ ही उस क्लब के दोनों मालिकों को भारत लाने का प्रयास कर रही है। वहीं दूसरी तरफ इस घटना की सर्वाइवर और विटनेस भावना जोशी ने आंखो देखा हाल सुनाया है, जो वाकई दिल दहलाने वाला है। उन्होंने सरकार से अवैध रूप से चल रहे और बिना सुरक्षा उपायों वाले ऐसे सभी क्लबों और रेस्टोरेंट्स को तुरंत बंद करने और उनके मालिकों पर कड़ी कार्रवाई करने की अपील भी की है।
भावना जोशी वही महिला हैं, जो जीवन की कुछ सुनहरी यादें सहेजने पति और तीन बहनों के साथ गोवा गई थीं, लेकिन वहां से वह अकेली जिंदा लौटी हैं। उनके पति और तीन बहनों की आग में जिंदा जलने से मौत हो गई। हादसे के बाद से सदमे की हालत में भावना ने उस रात की घटना को याद करते हुए घटना के पीछे के कारणों और क्लब के सुरक्षा प्रबंधों पर सवाल भी उठाए। उन्होंने बताया कि इस पूरी घटना की शुरुआत मामूली सी चिंगारी से हुई थी। अगर समय रहते आग पर काबू पा लिया जाता तो इतनी बड़ी दुर्घटना नहीं होती। साथ ही भावना ने यह भी बताया कि क्लब में सुरक्षा के मानकों का पालन नहीं किया गया और न ही उस घटना के दौरान किसी को बचाने का प्रयास किया गया। उनके अनुसार क्लब में एंट्री-एग्जिट के लिए एक ही गेट था और इस वजह से लोग इधर-उधर भागने के बाद भी क्लब के अंदर ही फंसे रह गए।
भावना जोशी ने बताया कि क्लब में धुआं इतना फैल चुका था कि बहुत से लोग वहां बेहोश हो गए थे। उनके पति और एक बहन की मौत धुएं का वजह से ही हुई। बाकी दो बहनों की पोस्टामार्टम रिपोर्ट में तीसरी डिग्री के जलने की पुष्टि हुई है। यह बताते हुए उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि आग लगने के 40 मिनट बाद फायर ब्रिगेड घटनास्थल पर पहुंची थी। तब तक आग भयंकर रूप ले चुकी थी और उनके अनुसार उस समय क्लब में 200 से 250 लोग फंसे हुए थे। उस समय तक धुआं इतना फैल चुका था कि लोगों के लिए सासं लेना भी मुश्किल हो गया था। उनका मानना है कि अगर समय रहते उपाय किए जाते तो कई जानें बचाई जा सकती थीं।
भावना ने भावुक होते हुए बताया कि वह सभी उस दिन को यादगार बनाना चाहते थे, लेकिन यह हादसा उनके जीवन का वह पल बन गया, जिसे वह कभी भी नहीं भूल पाएंगी। उन्होंने बताया कि वह सभी वहां सिर्फ 15 मिनट के लिए ही रुके थे और सबसे पहले आग उनके पति ने देखा थी। स्टाफ को बताने के बाद भी किसी ने गंभीरता से नहीं लिया। उन्होंने दुख व्यक्त करते हुए कहा कि लोग बस खड़े-खड़े तमाशा देखते रहे और उनके पति भी खुद को नहीं बचा पाए।
इसी बीच, गिरफ्तार किए गए क्लब मालिकों, सौरभ और गौरव लूथरा को भारत में कानूनी झटका लगा है। बुधवार को दोनों भाइयों ने दिल्ली की रोहिणी अदालत में अग्रिम जमानत याचिका दायर की थी, जिसे अदालत ने खारिज कर दिया। याचिका में दावा किया गया था कि उन दोनों भाइयों का गोवा अग्निकांड से कोई लेना-देना नहीं है। खुद को निर्दोष बताते हुए उन्होंने अपने ऊपर लगे आरोपों को गलत बताया। कोर्ट ने उनके किए गए दावों को खारिज कर दिया है। अब भारत आने के बाद दोनों भाइयों से गोवा पुलिस और केंद्रीय एजेंसियां पूछताछ करेंगी।
Updated on:
11 Dec 2025 06:32 pm
Published on:
11 Dec 2025 06:27 pm
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