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दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेस वे: हादसों की रफ्तार तेज, चार साल में लगातार बढ़ा मौत का आंकड़ा

दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे पर न सिर्फ सडक़ दुर्घटनाओं की संख्या लगातार बढ़ी है, बल्कि हर साल मौतों का आंकड़ा भी बढ़ता गया है। वर्ष 2023 में जहां 71 सडक़ हादसों में 50 लोगों की मौत हुई थी, वहीं इस साल 31 जुलाई तक 165 दुर्घटनाओं में 133 लोगों की जान जा चुकी है
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Delhi Mumbai Espress way

नई दिल्ली। तेज और सुरक्षित सफर के दावे के साथ तैयार किए गए दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे पर हादसों और मौतों का ग्राफ लगातार चढ़ता जा रहा है। लोकसभा में सरकार की ओर से पेश आंकड़े बताते हैं कि पिछले चार वर्षों में इस हाईस्पीड एक्सप्रेसवे पर न सिर्फ सडक़ दुर्घटनाओं की संख्या लगातार बढ़ी है, बल्कि हर साल मौतों का आंकड़ा भी बढ़ता गया है। स्थिति यह है कि वर्ष 2023 में जहां 71 सडक़ हादसों में 50 लोगों की मौत हुई थी, वहीं इस साल 31 जुलाई तक 165 दुर्घटनाओं में 133 लोगों की जान जा चुकी है। यह पिछले वर्षों की तुलना में सबसे अधिक है।

लोकसभा में नागौर सांसद हनुमान बेनीवाल के प्रश्न के लिखित उत्तर में सडक़ परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने यह जानकारी दी है। मंत्री ने बताया कि एक्सप्रेसवे पर दुर्घटना के बाद त्वरित राहत के लिए एनएचएआई ने एम्बुलेंस, क्रेन, रूट पेट्रोलिंग वाहन और एडवांस ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम तैनात किया है। दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे पर 25 एम्बुलेंस, 27 क्रेन, 27 रूट पेट्रोलिंग वाहन, 901 पीटीजेड कैमरे और 810 एएनपीआर कैमरों के जरिए निगरानी की जा रही है, ताकि हादसे की स्थिति में तत्काल सहायता पहुंचाई जा सके। हालांकि, सुरक्षा व्यवस्था मजबूत किए जाने के सरकारी दावों के बावजूद एक्सप्रेसवे पर साल-दर-साल बढ़ते हादसे और मौतों के आंकड़े सडक़ सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े कर रहे हैं।

दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेस वे पर हादसों के आंकड़े

वर्ष हादसे मौतें घायल
2023 71 50 79
2024 92 73107
2025 125 124 167
2026* 165 133 223

(31 जुलाई तक)