
दिल्ली के वसंत विहार ट्रिपल मर्डर केस में प्रेमी के खिलाफ गवाही देगी प्रेमिका।
Vasant Vihar Triple Murder Case: राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली के बहुचर्चित वसंत विहार ट्रिपल मर्डर केस में नया मोड़ आ गया है। इस जघन्य हत्याकांड की आरोपी प्रीति सहरावत अब सरकारी गवाह बनने के लिए अदालत पहुंची हैं। कोर्ट में याचिका दायर कर उन्होंने खुद को घटनाक्रम में मजबूरीवश शामिल बताते हुए मुख्य आरोपी के खिलाफ बयान देने की इच्छा जताई है। अदालत में दिए गए हलफनामे में प्रीति सहरावत ने खुलासा किया है कि 22 जून 2019 की रात उसके लिव-इन पार्टनर मनोज भट्ट ने वसंत एन्क्लेव स्थित बुजुर्ग दंपति 80 साल के विष्णु स्वरूप माथुर और 75 साल की उनकी पत्नी शशि माथुर, 20 साल की उनकी सहायक खुशबू की बेरहमी से हत्या की थी। प्रीति ने दावा किया कि वह इस भयावह वारदात में मनोज के दबाव के चलते शामिल हुई थी।
प्रीति की याचिका के अनुसार, हत्या से कुछ दिन पहले 17 जून को वह रेकी करने बुजुर्ग के घर गई थी। वह पहले से इस परिवार को जानती थी। जिससे उसे घर में प्रवेश में कोई परेशानी नहीं हुई। 22 जून की रात को वह और मनोज एक बाइक पर सवार होकर मौके पर पहुंचे। रात करीब 11:15 बजे वे बुजुर्ग के घर दाखिल हुए। प्रीति के मुताबिक, मनोज ने घर में मौजूद घरेलू सहायिका 20 साल की खुशबू से चाय बनाकर लाने को कहा। जब खुशबू चाय बनाकर लाई तो मनोज ने चाकू से उसका गला रेत दिया। इसके बाद शशि माथुर का गला काटा गया और अंत में विष्णु स्वरूप माथुर पर पेचकस से हमला कर उन्हें मौत के घाट उतार दिया गया। हत्या के बाद आरोपी वहां से गहने और कीमती सामान लूटकर फरार हो गए थे।
पुलिस ने प्रीति की याचिका का विरोध किया है और कहा है कि वह घटना में बराबर की सहभागी है। हालांकि, अदालत अब इस याचिका पर सुनवाई कर रही है और जल्द ही इस पर फैसला सुनाया जा सकता है। गौरतलब है कि इस सनसनीखेज हत्याकांड के बाद क्राइम ब्रांच ने गुरुग्राम से प्रीति सहरावत और उसके प्रेमी मनोज भट्ट को गिरफ्तार किया था। जांच के बाद पुलिस ने मामले में 19 फरवरी 2020 को चार्जशीट दाखिल की थी। जिस पर अदालत ने संज्ञान लिया था। तब से अब तक दोनों आरोपी न्यायिक हिरासत में हैं।
याचिका में प्रीति ने अपने निजी जीवन का उल्लेख करते हुए बताया है कि उसकी दो शादियां टूट चुकी थीं। इसके बाद साल 2016 में उसकी मुलाकात मनोज भट्ट से हुई। मनोज ने खुद को एक फाइनेंसर और कारोबारी बताया था। इसके बाद दोनों लिव-इन रिलेशनशिप में रहने लगे और साथ में व्यवसाय भी शुरू किया। जो टिक नहीं सका। इसके बाद आर्थिक तंगी और असफल व्यापार के चलते मनोज ने उस पर लूटपाट और हत्या में शामिल होने के लिए दबाव बनाया। अब प्रीति खुद को इस अपराध से अलग करने और न्याय प्रक्रिया में सहयोग करने के लिए सरकारी गवाह बनना चाहती है। अदालत का फैसला आने तक यह मामला फिर से चर्चाओं में आ गया है।
पुलिस की चार्जशीट के अनुसार, ट्रिपल मर्डर केस में आरोपी प्रीति सहरावत उर्फ मोना बुजुर्ग महिला शशि माथुर की सहेली की बेटी है। जबकि प्रीति का प्रेमी मनोज भट्ट अपनी पत्नी के मर्डर केस में जेल जा चुका है। अब उसके ऊपर ट्रिपल मर्डर केस भी चल रहा है। होटल मैनेजमेंट में डिप्लोमा कर चुकी प्रीति सहरावत उर्फ मोना के माता-पिता दिल्ली के नांगलोई में रहते हैं। प्रीति की पहली शादी कपिल नाम के शख्स से हुई थी। इससे उनका एक बेटा है और वह पहले पति के पास ही रहता है।
इसके बाद प्रीति ने साल 2000 में निकोलस नाम के युवक से शादी की। प्रीति और निकोलस का एक बेटा और एक बेटी है। साल 2005 में निकोलस प्रीति को छोड़कर कनाडा शिफ्ट हो गया। इसके बाद से ये दोनों बच्चे प्रीति के सहारे ही हैं। जो फिलहाल प्रीति के माता-पिता के पास रहते हैं। दिल्ली पुलिस के रिकॉर्ड के अनुसार, निकोलस के जाने के बाद साल 2016 में प्रीति की मुलाकात मनोज भट्ट से हुई थी। इसके बाद दोनों लिव-इन रिलेशनशिप में रहने लगे। दोनों ने रेस्तरां और पीजी का काम किया तो काफी घाटा हो गया। दोनों लाइफ सेटल करने के लिए काम की तलाश में थे, क्योंकि दोनों की फाइनेंशियल हालत काफी खराब हो गई थी।
Updated on:
20 Jun 2025 02:01 pm
Published on:
20 Jun 2025 02:01 pm
