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उमर खालिद को दिल्ली कोर्ट से बड़ा झटका: बीमार मां की देखभाल और चाचा के चेहलुम में शामिल होने के लिए नहीं मिलेगी अंतरिम जमानत

Umar Khalid Interim Bail Denied: दिल्ली की एक अदालत ने यूएपीए के तहत जेल में बंद उमर खालिद की 15 दिनों की अंतरिम जमानत याचिका खारिज कर दी है। खालिद ने बीमार मां की देखभाल और चाचा के चेहलुम के लिए राहत मांगी थी।
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नई दिल्ली

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Imran Ansari

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Updated: 19 May 2026, 5:36 PM IST

Delhi Court Umar Khalid

ANI PHOTO

Delhi Court Umar Khalid: दिल्ली की एक अदालत ने मंगलवार को जेल में बंद जेएनयू (JNU) के पूर्व छात्र और सामाजिक कार्यकर्ता उमर खालिद की अंतरिम जमानत याचिका को खारिज कर दिया है। उमर खालिद ने अपने चाचा के निधन के 40वें दिन होने वाली 'चेहलुम' की रस्म में शामिल होने और अपनी बीमार मां की सर्जरी के दौरान देखभाल करने के लिए 15 दिनों की अंतरिम राहत मांगी थी।

15 दिनों की मांगी थी राहत, मां के ऑपरेशन का दिया था हवाला

सुनवाई के दौरान उमर खालिद के वकील ने अदालत से मानवीय आधार पर 15 दिन की अंतरिम जमानत देने की अपील की थी। याचिका में कहा गया था कि खालिद के चाचा के इंतकाल को 40 दिन पूरे होने वाले हैं, जिसकी धार्मिक रस्म (चेहलुम) में उन्हें शामिल होना है। इसके साथ ही उनकी मां काफी बीमार हैं और उनकी एक सर्जरी (ऑपरेशन) होनी है, जिसके लिए बेटे के रूप में उमर खालिद का उनके साथ रहना बेहद जरूरी है। हालांकि, अदालत ने मामले की गंभीरता और अन्य कानूनी पहलुओं को देखते हुए इस याचिका को स्वीकार नहीं किया।

अभियोजन पक्ष की ओर से कड़ा विरोध

अभियोजन पक्ष की ओर से विशेष लोक अभियोजक (Special PP) अमित प्रसाद ने उमर खालिद की इस अर्जी का कड़ा विरोध किया। उन्होंने अदालत के समक्ष दलील दी कि खालिद कोर्ट द्वारा दिखाई जाने वाली उदारता का गलत फायदा उठा रहे हैं और इस बार जमानत के लिए जो आधार बताए गए हैं, वे बिल्कुल भी उचित नहीं हैं। सरकारी वकील ने तर्क दिया कि किसी चाचा की 'चेहलुम' रस्म में शामिल होना इतना अनिवार्य नहीं है और परिवार के दूसरे सदस्य भी इस औपचारिकता को पूरा कर सकते हैं। वहीं, खालिद की मां की सर्जरी पर विरोध जताते हुए अभियोजन पक्ष ने कहा कि उनकी देखभाल के लिए उनके पिता और बहनें मौजूद हैं, और वैसे भी यह एक बेहद मामूली सर्जरी (Minor Surgery) है जिसमें मरीज को सिर्फ लोकल एनेस्थीसिया (शारीरिक हिस्से को सुन्न करना) दिया जाना है।

2020 दिल्ली दंगों की बड़ी साजिश के आरोप में बंद हैं खालिद

बता दें कि उमर खालिद साल 2020 में उत्तर-पूर्वी दिल्ली में हुए सांप्रदायिक दंगों के पीछे कथित तौर पर एक 'बड़ी साजिश' (Larger Conspiracy) रचने के आरोप में सितंबर 2020 से जेल में बंद हैं। उनके खिलाफ कड़े आतंकवाद विरोधी कानून यूएपीए (UAPA) और भारतीय दंड संहिता (IPC) की विभिन्न गंभीर धाराओं के तहत मामला दर्ज है। इस मुख्य मामले में उनकी नियमित जमानत याचिका पर भी लंबे समय से अदालतों में कानूनी लड़ाई चल रही है।

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