
स्वागत है 'गंगा'... देश में पैदा हुई गिर नस्ल की पहली क्लोन बछड़ी
करनाल. देश में पहली बार गिर नस्ल की क्लोन बछड़ी पैदा हुई है। वैज्ञानिकों ने यह कारनामा हरियाणा के करनाल मे किया। जन्म के समय इसका वजन 32 किलोग्राम था। इसका नाम 'गंगा' रखा गया है। इसे पूरी तरह स्वस्थ बताया गया है। करनाल के राष्ट्रीय डेयरी अनुसंधान संस्थान (एनडीआरआइ) ने देहरादून के लाइव स्टॉक डेवलपमेंट बोर्ड के सहयोग से 2021 में गिर, साहीवाल और रेड-सिंधी जैसी देशी गायों की क्लोनिंग की परियोजना पर काम शुरू किया था। दो साल बाद गिर का क्लोन तैयार करने में कामयाबी मिली।
वैज्ञानिकों की टीम के प्रमुख डॉ. नरेश सेलोकर ने बताया कि इससे पहले करीब 15 साल तक भैंस की क्लोनिंग पर काम किया गया था। इस दौरान हुए अनुभवों को लेकर गायों की क्लोनिंग का फैसला किया गया। देशी गायों के सरंक्षण और संख्या में वृद्धि के लिए इनकी क्लोनिंग तकनीक विकसित करना बेहद चुनौतीपूर्ण रहा। क्लोनिंग के लिए गायों की तीन नस्ल चुनी गई थीं। साहीवाल नस्ल की क्लोनिंग में कामयाबी नहीं मिली। शोध के बाद गिर नस्ल की क्लोनिंग पर काम शुरू किया गया। गिर नस्ल का इस्तेमाल अन्य नस्लों की गुणवत्ता सुधारने के लिए भी किया जा रहा है।
साहीवाल की कोशिकाएं, अंडाणु गिर गाय का
परियोजना से जुड़े वैज्ञानिकों के मुताबिक गिर गाय के क्लोन के लिए कोशिकाएं अल्ट्रासाउंड के जरिए साहीवाल के अंडाणु से निकाली गईं, जबकि अंडाणु गिर गाय से लिए गए। सात-आठ दिन के इन विट्रो कल्चर (कोशिकाओं, ऊतकों और अंगों के विकास की विधि) के बाद विकसित शुक्राणु को एक गाय में स्थानांतरित किया गया। इस प्रक्रिया के नौ महीने बाद गिर की क्लोन बछड़ी ने जन्म लिया।
दूसरी नस्लों के मुकाबले ज्यादा सहनशील
गिर देशी गाय की प्रसिद्ध नस्ल है, जो मूलत: गुजरात में पाई जाती है। यह अन्य नस्लों के अपेक्षा ज्यादा सहनशील होती है। अत्यधिक और न्यूनतम तापमान को सहन करने वाली यह नस्ल रोग प्रतिरोधक क्षमता के लिए भी जानी जाती है। इस नस्ल की अमरीका, ब्राजील, मैक्सिको और वेनेजुएला में काफी मांग है।
Published on:
28 Mar 2023 11:31 pm
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