
एक गर्भवती महिला मंगलवार को सुबह व्यस्त एनएच-24 पर लेबर पेन से तड़प रही थी। सराय काले खां के पास गासपुर कॉलोनी में झुग्गी बस्ती में रहने वाली रेशमा और उसका पति रवि हर आती-जाती गाड़ी को आवाज लगा मदद की गुहार कर रहे थे। मगर कोई भी गाड़ी उनके लिए नहीं रुकी।
महिला ने एनएच-24 पर ही बच्ची को जन्म दिया। पुलिस के अनुसार जब तक वो लोग मौके पर पहुंचे तब तक 21 साल की रेश्मा ने एक बच्ची को जन्म दे दिया था। पुलिस ने अस्पताल ले जाने की कोशिश की लेकिन दंपत्ति ने मना कर दिया। नवजात बच्ची जन्म के दो घंटे बाद ही मर गई।
एक और अमानवीय घटना
देश की राजधानी दिल्ली में एकऔर अमानवीय घटना घटी है। एक चाय वाला बुखार से मर चुकी अपनी पत्नी को सोमवार रातभर शहर की सड़कों पर लेकर भटकता रहा। इस दौरान उसके साथ उसकी छह और चार साल की दो बेटियां भी साथ थीं।
अस्पताल और मकान मालिक ने कुछ देर के लिए भी लाश रखने की इजाजत नहीं दी थी। इस कारण मजबूरन वो भटकता रहा। वहीं पंजाब के जालंधर में समय पर एंबुलेंस नहीं मिलने पर गर्भवती महिला की डिलिवरी सड़क पर ही करानी पड़ी। हालांकि बच्चे की जान नहीं बच पाई।
Published on:
15 Sept 2016 08:08 am
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