6 फ़रवरी 2026,

शुक्रवार

Patrika Logo
Switch to English
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

लोकसभा पहुंचा नारी शक्ति वंदन अधिनियम,जानिए महिला आरक्षण विधेयक की 10 बड़ी बातें

Women Reservation Bill in Parliament : भारत की नए संसद भवन में महिला आरक्षण विधेयक को नारी शक्ति वंदन अधिनियम 2023 के नाम से लोकसभा में पेश कर दिया गया है।

2 min read
Google source verification
women_bill.png

Women Reservation Bill in Parliament : भारत की नए संसद भवन में महिला आरक्षण विधेयक को नारी शक्ति वंदन अधिनियम 2023 के नाम से लोकसभा में पेश कर दिया गया है। इसके साथ ही बहुत जल्द ही इसके पारित होने की संभावना है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सदन की सभी पार्टियों से इसे र्निविरोध पारित कराने की अपील की है। 2019 के लोकसभा चुनाव में 78 महिला सदस्य चुनी गई। संसद में 543 की तुलना में 15 फीसदी से भी कम है। उपचुनाव के बाद 17वीं लोकसभा में अब सबसे अधिक 82 महिला सांसद हैं। यह 15.21 फीसदी है। अब नारी शक्ति वंदन अधिनियम 2023 आया है तो आइए आपको बताते हैं 10 विशेष बातें...


नारी शक्ति वंदन अधिनियम 2023 की दस बड़ी बातें...

1 महिला आरक्षण विधेयक पहली बार 1996 में पेश किया गया था लेकिन तमाम कारणों से यह 27 साल तक अटकता रहा।

2 19 सितंबर 2023 को केंद्रीय कानून मंत्री अर्जुन राम मेघवाल ने इसे लोकसभा में नारी शक्ति वंदन अधिनियम नाम से पेश किया। यह संविधान में 128वां संविधान संशोधन है।

3 अधिनियम में महिलाओं को लोकसभा और विधानसभा में 33 फीसदी आरक्षण देने का प्रावधान किया गया है।

4 आरक्षण लागू होने के बाद संसद में महिलाओं की संख्या 181 हो जाएगी। अभी कुल 82 महिला सांसद ही सदन में हैं

5 नारी शक्ति वंदन अधिनियम 2023 कानून बनने के बाद तीन चरणों में पूरे देश में 15 साल के लिए लागू होगा। इसे जरूरत के अनुसार आगे भी बढ़ाया जा सकता है।

6 नारी शक्ति वंदन अधिनियम 2023 को देश में जनगणना और परिसीमन होने के बाद ही लागू किया जाएगा। इसके कारण यह 2029 से पहले लागू नहीं हो पाएगा।

7 नारी शक्ति वंदन अधिनियम 2023 के कानून बनते ही दिल्ली विधानसभा में इसे लागू किया जाएगा।

8 नारी शक्ति वंदन अधिनियम 2023 के तहत अनुसचित जाति और अनुसूचित जनजाति के लिए निर्धारित सीटों में से ही एक तिहाई सीटें महिलाओं को दी जाएगी।

9 महिलाओं की राजनीति में बराबरी की बात स्वतंत्रता संग्राम सेनानी रही सरोजनी नायडू के समय 1931 के आसपास उठी थी।

10 कांग्रेस नेता अधीर रंजन चौधरी ने कहा कि कांग्रेस का पुराना बिल लागू किया जाए तो गृहमंत्री अमित शाह ने उन्हें बताया कि वह बिल लोकसभा कार्यकाल के साथ खत्म हो गया।