
- विजयपुर जिला अस्पताल में भी खुलेगा ब्रेस्ट मिल्क बैंक
बेंगलूरु.
विजयपुर जिला अस्पताल में ब्रेस्ट मिल्क बैंक (मां के दूध का बैंक) स्थापित होगा। इस पहल से नवजात शिशुओं में मृत्यु दर को कम करने और कुपोषण को दूर करने में मदद मिलने की उम्मीद है। हैदराबाद के सुषेना हेल्थ फाउंडेशन और जिला अस्पताल के बीच सहयोग से शुरू की गई इस परियोजना का उद्देश्य समय से पहले जन्मे और उच्च जोखिम वाले नवजात शिशुओं को आवश्यक मां का दूध उपलब्ध कराकर उनकी देखभाल को बेहतर बनाना है।
ब्रेस्ट मिल्क बैंक Breast Milk Bank से उन शिशुओं को लाभ मिलेगा जिनका जन्म के समय वजन कम है, जिनकी सर्जरी हुई है या जिनकी माताएं स्तनपान कराने में असमर्थ हैं। व्यापक स्तनपान प्रबंधन इकाई-मदर मिल्क बैंक सुरक्षित और कुशल दूध संग्रह और वितरण सुनिश्चित करने के लिए राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के दिशा-निर्देशों का पालन करेगी। ऐसे मिल्क बैंक उन नवजातों के लिए वरदान है, जिन्हें विभिन्न कारणों से अपनी मां का दूध नहीं मिल पाता है। मां के दूध के अभाव में शिशुओं को कई स्वास्थ्य समस्याओं से जूझना पड़ता है।
राष्ट्रीय परिवार स्वास्थ्य सर्वेक्षण के अनुसार छह माह से कम उम्र के 46 फीसदी शिशुओं को ठीक से मां का दूध नसीब नहीं होता है। इस कमी से निपटने के लिए सरकार ने आठ मार्च 2021 को बेंगलूरु मेडिकल कॉलेज एंड रिसर्च इंस्टीट्यूट (बीएमसीआरआइ) स्थित वाणी अस्पताल में पहले ब्रेस्ट मिल्क बैंक की स्थापना की थी।
हालांकि, जागरूकता की कमी के कारण भी महिलाएं अपेक्षित संख्या में दान के लिए आगे नहीं आ पा रही हैं। बैंक में रखे दूध Milk को पाश्चुरीकृत करने के बाद पैक और संरक्षित किया जाता है। इसे बच्चे को देते समय सामान्य तापमान पर लाया जाता है। इसे छह महीने तक स्टोर किया जा सकता है। निजी ब्रेस्ट मिल्क बैंकों में 150 मिली दूध की कीमत 6,500 रुपए से 8,000 रुपए है। सरकारी ब्रेस्ट मिल्क बैंकों में जरूरतमंद बच्चों को मां का दूध नि:शुल्क उपलब्ध कराया जाता है।
Updated on:
17 Sept 2024 03:56 pm
Published on:
16 Sept 2024 07:26 pm
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