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आदि कर्मयोगी योजना : मप्र में आदिवासी बहुल 11 हजार गांवों की तकदीर बदलेंगे तीन लाख कर्मयोगी

प्रदेश में 11 हजार 294 आदिवासी बहुल ग्रामों की तस्वीर अब बदलेगी। सबकुछ योजना के तहत हुआ तो आदिवासी खुद ही ग्रामों में विकास का नया ढांचा तैयार करेंगे। इसके लिए 3 लाख आदि कर्मयोगी तैयार किए जाएंगे।

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खंडवा

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Rajesh Patel

Aug 30, 2025

Ministry of Tribal Affairs Department

राज्य स्तरीय मास्टर ट्रेनर्स प्रशिक्षण के दौरान मंचासीन अधिकारी

प्रदेश में 11 हजार 294 आदिवासी बहुल ग्रामों की तस्वीर अब बदलेगी। सबकुछ योजना के तहत हुआ तो आदिवासी खुद ही ग्रामों में विकास का नया ढांचा तैयार करेंगे। इसके लिए 3 लाख आदि कर्मयोगी तैयार किए जाएंगे। दरअसल केंद्र सरकार ने आदि कर्मयोगी योजना बनाई है। इस योजना में देशभर में 29462 ग्रामों में बीस लाख आदि कर्मयोगी तैयार किए जाएंगे।

योजना को अमली जामा पहना रहे अफसर

केंद्र सरकार आदिवासी बहुल गांवों की गलियों को चमकाने के लिए आदि कर्मयोगी योजना लेकर आई है। इसकी शुरूआत दो अक्टूबर से करने की तैयारी है। प्रारंभिक चरण में योजना को अमली जामा पहनाया जा रहा है। इसमें सिविल सोसाइटी संगठन ( सीएसओ ) की मुख्य भूमिका होगी। योजना के प्रारंभिक चरण में पांच विभागों के अधिकारी प्रशिक्षण लेकर भी लौट आए हैं। जो जिला व ब्लॉक स्तर के गांव में कर्मयोगी तैयार करेंगे। योजना को 2 अक्टूबर गांधी जयंती से लागू करने की तैयारी है। जिला कलेक्टर विलेज डेवलपमेंट प्लान बनाने में जुटे हैं।

18 विभागों की 25 स्कीम होगी लागू

ग्रामों को विकसित करने 18 विभागों को जिम्मेदारी सौंपी है। जनजातीय कार्य विभाग, पंचायत, महिला बाल विकास,, स्वास्थ्य, वन, पीएचई समेत अन्य विभागों की 25 स्कीम शामिल हैं।

पांच विभागों के अधिकारियों को प्रशिक्षण

आदि कर्मयोगी अभियान के तहत रेस्पॉन्सिव गवर्नेंस प्रोग्राम में स्टेट स्तर पर पांच विभाग जनजाति कार्य, पंचायत, महिला बाल विकास, स्वास्थ्य, पीएचई व वन के अधिकारियों को प्रशिक्षित किया जा चुका है। एक सितंबर से जिला, ब्लाक व ग्राम पंचायत स्तर पर प्रशिक्षण की तैयारी है।

खंडवा के इन अधिकारियों को प्रशिक्षण

खंडवा, इंदौर संभाग के अधिकारियों को भोपाल में 22 व 26 अगस्त प्रशिक्षण दिया गया। खंडवा कलेक्टर ने जिपं सीइओ को नोडल अधिकारी नियुक्त किया है। खंडवा से जनजातीय कार्य विभाग में मंडल प्रशासक नीरज पाराशर, मंडल संयोजक प्रमोद काशीगर, पंचायत विभाग से पीओ मनरेगा किरण, पीएचई से रोहित महेश्वर, महिला बाल विकास से अजय गुप्ता को प्रशिक्षण दिया गया है। अब ये प्रशिक्षक जिला, ब्लाक स्तर पर मास्टर ट्रेनर को प्रशिक्षित करेंगे।

दो चरण में शुरू होगी योजना

योजना दो चरणों में शुरू की गई है। पहले चरण में 17 जिलो में व दूसरे चरण में 24 जिलों का शामिल किया गया है। इन जिलों के 242 ब्लाकों के 11,242 ग्रामों में बेसिक विकास का खाका तैयार किया जाएगा। इसमें खंडवा के 305 ग्रामों को शामिल किया गया है।

यहां के कलेक्टरों को भेजा पत्र

खंडवा, खरगोन, बुरहानपुर, अलिराजपुर, छिंदवाड़ा, डिंडोरी, सिवनी, बालाघाट, गुना, श्योरपुर, धार, शहडोल, अनूपुर, बैतूल, उमिरया, रतलाम, रीवा, सतना, सिंगरौली समेत 41 ग्रामों में योजना को शुरू करने शासन ने कलेक्टरों को पत्र भेजा है।

ऐसे बनेगी कार्य योजना

15-15 ग्रामों के बनेंगे बनेंगे क्लस्टर

क्लस्टर, ब्लाक, जिला स्तर पर कार्य योजना का होगा अनुमोदन।

दो अक्टूबर तक विलेज डेवलपमेंट प्लान तैयार करने की डेडलाइन।

एक से 15 सितंबर तक कर्मचारियों को प्रशिक्षण।

सिविल सोसाइटी संगठन ( सीएसओ ) की होगी।

इनका कहना--ऋषव गुप्ता, कलेक्टर

आदि कर्मयोगी योजना में ट्राइबल ग्राम विकसित होंगे। मास्टर टेनर्स भोपाल से प्रशिक्षण ले चुके हैं। योजना में ग्रामीण लीडरशिप करेंगे। उनके द्वारा गांव में किस तरह का विकास होगा। इसकी कार्य योजना बनाएंगे।