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AIADMK Crisis: हफ्तों चले घमासान के बाद AIADMK में सुलह; EPS और बागी गुट ने वापस लीं याचिकाएं, विधायकों ने मांगी माफी

AIADMK Crisis: तमिलनाडु में कई हफ्तों से चल रहे अंदरूनी विवाद के बाद AIADMK में सुलह के संकेत मिले हैं। EPS और बागी गुट ने एक-दूसरे के खिलाफ दायर याचिकाएं वापस ले ली हैं, जबकि कई विधायकों ने माफी पत्र भी सौंपे हैं। फ्लोर टेस्ट विवाद के बाद शुरू हुई खींचतान के बीच पार्टी अब एकजुटता का संदेश देने में जुटी है।

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भारत

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Rahul Yadav

May 28, 2026

AIADMK Crisis

AIADMK Crisis (AI Image)

AIADMK Crisis: तमिलनाडु की प्रमुख विपक्षी पार्टी AIADMK में कई हफ्तों से चल रहा अंदरूनी विवाद अब सुलझता नजर आ रहा है। पार्टी के दोनों गुटों ने एक-दूसरे के खिलाफ दायर याचिकाएं वापस ले ली हैं और बागी विधायकों ने पार्टी नेतृत्व से माफी भी मांग ली है। दरअसल, एसपी वेलुमणि और सीवी शणमुगम गुट के विधायकों ने तमिलनाडु विधानसभा अध्यक्ष जेसीडी प्रभाकर को दिया गया वह पत्र वापस ले लिया है, जिसमें नए विधायक दल के नेता और मुख्य सचेतक की नियुक्ति की मांग की गई थी।

वहीं, महासचिव एडप्पडी के. पलानीस्वामी (EPS) गुट ने भी बागी विधायकों के खिलाफ दल-बदल कानून के तहत कार्रवाई की मांग वाली याचिका वापस ले ली है।

फ्लोर टेस्ट के बाद बढ़ा था विवाद

यह विवाद उस समय गहरा गया था जब मुख्यमंत्री विजय के फ्लोर टेस्ट के दौरान AIADMK के 25 विधायकों ने तमिलगा वेट्ट्री कझगम (TVK) सरकार के समर्थन में मतदान किया था। इसके बाद पार्टी के भीतर EPS गुट और शणमुगम-वेलुमणि गुट के बीच टकराव खुलकर सामने आ गया था।

EPS गुट ने पार्टी व्हिप का उल्लंघन करने वाले नेताओं के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई शुरू की थी। कई नेताओं को संगठनात्मक पदों से भी हटाया गया था।

माफी पत्र के बाद सुलह के संकेत

अब दोनों गुटों के बीच सुलह की प्रक्रिया तेज होती दिखाई दे रही है। सूत्रों के अनुसार, शणमुगम-वेलुमणि गुट के नेताओं और EPS के बीच हुई बैठक में बागी विधायकों ने माफी पत्र सौंपा। हालांकि इस बैठक में वरिष्ठ नेता सीवी शणमुगम मौजूद नहीं थे, लेकिन लगभग सभी बागी विधायक इसमें शामिल हुए।

AIADMK बोली- अब नहीं होगा कोई विभाजन

AIADMK ने सोशल मीडिया पर दिवंगत नेता जे. जयललिता का हवाला देते हुए पार्टी में एकजुटता का संदेश दिया। पार्टी ने कहा कि अब संगठन में कोई विभाजन नहीं होगा और AIADMK एक “स्टील फोर्ट्रेस” की तरह मजबूती से खड़ी रहेगी। एसपी वेलुमणि ने भी कहा कि पार्टी में कोई टूट नहीं है, केवल विचारों का मतभेद था।

फिर भी झटकों से उबर नहीं पाई पार्टी

सुलह की कोशिशों के बीच पार्टी को झटका भी लगा है। अंबासमुद्रम से AIADMK विधायक एसाक्की सुबैया ने इस्तीफा दे दिया। इससे पहले तीन अन्य विधायक भी TVK के समर्थन में जा चुके हैं। इन इस्तीफों के बाद तमिलनाडु विधानसभा में AIADMK की संख्या घटकर 43 विधायकों तक पहुंच गई है।

अब पार्टी नेतृत्व एकजुटता का संदेश देकर संगठन को स्थिर करने और आगामी चुनावी चुनौतियों के लिए खुद को तैयार करने में जुटा है।