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मुख्यमंत्री संजीवनी क्लीनिक : निगम अफसरों का फिसड्डी ठेकेदार को एक्सटेंशन

नगर निगम ने मुख्यमंत्री संजीवनी क्लीनिक का निर्माण कराने में फिसड्डी ठेकेदार को छह माह का एक्सटेंशन दे दिया है। शहर सरकार की कमजोर मॉनीटरिंग के चलते मुख्यमंत्री संजीवनी क्लीनिक का निर्माण निर्धारित समय में पूर्ण नहीं हो सका। जिम्मेदारों की शिथिलता इस कदर है कि सिगाड़ तलाई में संजीवनी क्लीनिक की नींव डालकर निर्माण कार्य करना भूल गएनगर निगम ने अपग्रेड तीन क्लीनिक भवन हैंडओवर करने स्वास्थ्य विभाग को लिखा पत्र, अधूरे कार्य को पूर्ण करने अप्रैल तक बढ़ाई समय सीमा

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खंडवा

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Rajesh Patel

Oct 14, 2024

Health

शहर में मुख्यमंत्री संजीवनी क्लीनिक की नींव डालकर निर्माण कार्य करना भूल गए

-नगर निगम ने मुख्यमंत्री संजीवनी क्लीनिक का निर्माण कराने में फिसड्डी ठेकेदार को छह माह का एक्सटेंशन दे दिया है। शहर सरकार की कमजोर मॉनीटरिंग के चलते मुख्यमंत्री संजीवनी क्लीनिक का निर्माण निर्धारित समय में पूर्ण नहीं हो सका। जिम्मेदारों की शिथिलता इस कदर है कि सिगाड़ तलाई में संजीवनी क्लीनिक की नींव डालकर निर्माण कार्य करना भूल गए, नगर निगम ने अपग्रेड तीन क्लीनिक भवन हैंडओवर करने स्वास्थ्य विभाग को लिखा पत्र, अधूरे कार्य को पूर्ण करने अप्रैल तक बढ़ाई समय सीमा

छह माह का एक्सटेंशन दे दिया

नगर निगम ने मुख्यमंत्री संजीवनी क्लीनिक का निर्माण कराने में फिसड्डी ठेकेदार को छह माह का एक्सटेंशन दे दिया है। शहर सरकार की कमजोर मॉनीटरिंग के चलते मुख्यमंत्री संजीवनी क्लीनिक का निर्माण निर्धारित समय में पूर्ण नहीं हो सका। जिम्मेदारों की शिथिलता इस कदर है कि सिगाड़ तलाई में संजीवनी क्लीनिक की नींव डालकर निर्माण कार्य करना भूल गए। डेढ़ साल बीतने के बाद भी अभी तक दीवार तक खड़ी नहीं कर सके। यही नहीं निर्धारित समय से कार्य पूर्ण नहीं करने वाले ठेकेदार को निगम ने अप्रैल 2025 तक एक्सटेंशन दे दिया है। भवन प्रभारी का कहना है कि तीन संजीवनी क्लीनिक अपग्रेड हो गई हैं। तीनों को स्वास्थ्य विभाग को हैंडओवर करने पत्र लिखा गया है। शेष के निर्माण 70 प्रतिशत पूर्ण हो गए हैं।

अप्रैल में 2024 में करना पूर्ण करना था निर्माण

शहर में मुख्यमंत्री संजीवनी क्लीनिक निर्माण के लिए वित्तीय वर्ष अप्रैल 2022-23 में टेंडर हुआ। ठेका सोहन लाल सेठी को मिला है। अप्रैल 2024 तक कार्य पूर्ण की डेडलाइन दी गई। सभी कार्य डेढ़ साल बाद भी पूर्ण नहीं हुए। अब कार्य पूर्ण करने के लिए नगर निगम अधिकारियों ने ठेकेदार को आगामी अप्रैल तक कार्य पूर्ण करने का एक्सटेंशन दिया है।

डेढ़ साल में भी पूर्ण नहीं हुए निर्माण

नगर निगम रिकार्ड के अनुसार कस्तूरबा कन्या शाला परिसर में पुराने भवन को अपग्रेड कर मुख्यमंत्री संजीवनी क्लीनिक के भवन पूर्ण हो गए हैं। इसी तरह अंबेडकर और मराठी स्कूल भवन को अपग्रेड हो गए। तीनों का कार्य पूर्ण कर लिया गया है। शेष गुलमोहर कालोनी, महालक्ष्मी माता वार्ड, हजरत खानसावली, छिपा कालोनी में निर्माण अधूरा है। डेढ़ साल बीतने के बाद भी अभी तक सिर्फ 70 प्रतिशत निर्माण पूर्ण होने का दावा है।

निर्माण में दोयम दर्ज की सामग्री का उपयोग, शिकायत

-रानी दुर्गावती ( सिघाड़ तलाई ) वार्ड में दो अलग-अलग जगहों पर मुख्यमंत्री संजीवनी क्लीनिक का निर्माण किया जा रहा है। पहली क्लीनिक का नींव डाल कर छोड़ दिया है। और दूसरी क्लीनिक ब्राह्मण टोला में निर्माणाधीन है। वार्ड पार्षद चंद्रकांत मेलूंदे ने नगर निगम उपायुक्त को आवेदन देकर गुणवत्ता पूर्ण निर्माण की मांग की है। सूचना दी है कि निर्माण में ईंट समेत अन्य सामग्री दोयम दर्जे की उपयोग की जा रही है। इसकी जांच कराई जाए।

निगम ने हैंडओवर के लिए लिखा पत्र

नगर निगम भवन प्रभारी का कहना है कि तीन संजीवनी क्लीनिक के कार्य पूर्ण हो गए हैं। कस्तूरबा कन्या शाला परिसर में भवन को संजीवनी क्लीनिक के रूप में अपग्रेड किया गया। इसी तरह अंबेडकर व मराठी स्कूल के भवन को उन्नयन कर क्लीनिक के लिए भवन तैयार कर दिया गया है। स्वास्थ्य विभाग को हैंडओवर के लिए पत्र लिखा है।

इनका कहना-भवन प्रभारी राधेश्याम उपाध्याय का कहना है कि संजीवनी क्लीनिक के तीन भवन तैयार हो गए हैं। शेष छह क्लीनिक के भवन को पूर्ण करने आगामी अप्रैल तक समय सीमा बढ़ाई गई है। जल्द सभी भवन पूर्ण होंगे। गुणवत्ता पूर्ण निर्माण किया जा रहा है। शिकायत मिली है, जांच कराएंगे।