
Crude Oil के दाम में लगातार गिरावट के बाद बाद भी पेट्रोल-डीजल की कीमत स्थिर है। (PC: ANI)
Petrol Diesel Price On 25 June 2026: कच्चे तेल की कीमतों में गुरुवार को भी गिरावट दर्ज की गई। अमेरिका-इजराइल और ईरान के बीच तनाव कम होने और स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से तेल टैंकरों की आवाजाही सामान्य होने से सप्लाई में रूकावट की आशंकाएं कम हुई हैं। इसके चलते ग्लोबल मार्केट में तेल सस्ता हो रहा है, जिससे आने वाले समय में तेल आयात करने वाले देशों और उपभोक्ताओं को राहत मिल सकती है। इसलिए भारत में लगातार पेट्रोल-डीजल की कीमतों पर नजर रखी जा रही है। मिडिल ईस्ट में संघर्ष के दौरान भारत में तेल की कीमतों में बढ़ोतरी की गई थी।
गुरुवार, 25 जून को अगस्त डिलीवरी के लिए ब्रेंट क्रूड फ्यूचर्स 1.06 डॉलर गिरकर 72.68 डॉलर प्रति बैरल पर आ गया। वहीं अमेरिकी डब्ल्यूटीआई (WTI) क्रूड 87 सेंट गिरकर 69.47 डॉलर प्रति बैरल पर कारोबार करता दिखा। इससे पहले बुधवार को भी ब्रेंट और डब्ल्यूटीआई दोनों में करीब 3 डॉलर प्रति बैरल की तेज गिरावट दर्ज की गई थी।
क्रूड ऑयल में लगातार गिरावट का असर फिलहाल भारत में पेट्रोल-डीजल की कीमतों पर नहीं देखा जा रहा। भारत में कीमतें फिलहाल 25 मई के बाद नहीं बढ़ाई गई, ये पहले वाले स्तर पर ही बरकरार हैं।
| शहर | पेट्रोल कीमत (₹/लीटर) | डीजल कीमत (₹/लीटर) |
|---|---|---|
| नई दिल्ली | ₹102.12 | ₹95.20 |
| कोलकाता | ₹113.51 | ₹99.82 |
| मुंबई | ₹111.21 | ₹97.83 |
| चेन्नई | ₹107.76 | ₹99.55 |
| गुरुग्राम | ₹102.97 | ₹95.64 |
| नोएडा | ₹101.96 | ₹95.44 |
| बेंगलुरु | ₹111.68 | ₹99.56 |
| भुवनेश्वर | ₹108.97 | ₹100.68 |
| चंडीगढ़ | ₹101.54 | ₹89.47 |
| हैदराबाद | ₹115.69 | ₹103.82 |
| जयपुर | ₹113.19 | ₹98.25 |
| लखनऊ | ₹101.86 | ₹95.36 |
| पटना | ₹113.37 | ₹99.36 |
| तिरुवनंतपुरम | ₹115.49 | ₹104.40 |
डब्ल्यूटीआई क्रूड ने संघर्ष के दौरान हुई अपनी अधिकांश बढ़त गंवा दी है। संघर्ष शुरू होने से पहले WTI की कीमत 67.02 डॉलर प्रति बैरल थी। लेकिन अब इसकी कीमत पहले से केवल 3 डॉलर ऊपर है। जबकि मार्च की शुरुआत में यह 119 डॉलर प्रति बैरल से ऊपर के उच्चतम स्तर पर पहुंच गया था। इसी तरह दूसरे बेंचमार्क वाले तेल की कीमतों में भी नरमी आई है।
अमेरिका और ईरान दोनों ने संघर्ष समाप्त करने के लिए हुई शुरुआती बातचीत को लेकर सकारात्मक संकेत दिए हैं। हालांकि ईरान के परमाणु कार्यक्रम और लेबनान में युद्धविराम जैसे मुद्दों पर अभी भी चुनौतियां बनी हुई हैं, लेकिन बाजार को उम्मीद है कि कोई स्थायी समझौता हो सकता है। इसी भरोसे के चलते अधिक तेल टैंकर स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से सामान्य रूप से गुजरने लगे हैं।
Updated on:
25 Jun 2026 08:49 am
Published on:
25 Jun 2026 08:41 am
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