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एफडी घोटाले में आरजीपीवी के रजिस्ट्रार और कुलपति के घर ईडी की दबिश

आरजीपीवी में हुए एफडी घोटाले को लेकर सोमवार को प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की टीम ने दबिश दी।

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भोपाल. राजीव गांधी प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (आरजीपीवी) में हुए एफडी घोटाले को लेकर सोमवार को प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की टीम ने दबिश दी। आरजीपीवी के तत्कालीन रजिस्ट्रार आरएस राजपूत और तत्कालीन कुलपति प्रो. सुनील कुमार के आवास पर टीम पहुंची। घोटाले से जुड़े दस्तावेजों की जांच की। सूत्रों के मुताबिक ईडी की टीम सुबह करीब आठ बजे आवास पर पहुंची। शाम तक पूछताछ करती रही।मामले में 10 दिन पहले ही सुप्रीम कोर्ट ने तत्कालीन रजिस्ट्रार प्रो. राजपूत की अग्रिम जमानत याचिका खारिज कर सरेंडर करने के निर्देश दिए हैं।
सोते मिले निलंबित रजिस्ट्रार
भोपाल में सुबह 5 से 6 बजे के बीच ईडी के 4 अफसरों की टीम लेकपर्ल गार्डन पहुंची। इस समय आरजीपीवी के निलंबित रजिस्ट्रार आरएस राजपूत घर में नींद में थे। जबकि, लेकपर्ल वाले घर से पूर्व कुलपति प्रो. सुनील बहुत पहले चूनाभट्टी शिफ्ट हो चुके हैं। उनके घर में किराएदार मिले। टीम बाद में प्रो. सुनील के चूनाभट्टी वाले घर भी पहुंची।
जमा करा लिए मोबाइल
अफसरों ने राजपूत के घर के अंदर एंटर होते ही उनका और उनकी पत्नी के मोबाइल जमा कर लिए। ईडी के अफसरों ने निलंबित रजिस्ट्रार के घर से दस्तावेज जमा किए।
यह है पूरा मामला
फरवरी 2024 महीने में आरजीपीवी के सरकारी खाते से 19.48 करोड़ रुपए निजी खाते में ट्रांसफर कराए गए थे। इस केस में तत्कालीन रजिस्ट्रार राजपूत के साथ तत्कालीन कुलपति प्रो. सुनील, बैंक अधिकारी कुमार मयंक, तत्कालीन फाइनेंस कंट्रोलर ऋषिकेश वर्मा के खिलाफ भोपाल के गांधीनगर थाने में एफआइआर दर्ज कराई गई थी। बाद में पुलिस ने आरबीएल बैंक भोपाल के तत्कालीन मैनेजर कुमार मयंक, एक्सिस बैंक पिपरिया के तत्कालीन मैनेजर रामकुमार रघुवंशी और सोहागपुर की संस्था दलित संघ के सह सचिव सुनील रघुवंशी को गिरफ्तार किया था।
ईडी ने जारी किया था नोटिस
मामले में 30 मई को ईडी ने नोटिस जारी कर बैंक अकाउंट की जानकारी मांगी थी। आरजीपीवी के रजिस्ट्रार डॉ. मोहन सेन बीते 3 जून को बैंक डिटेल के साथ ईडी दस्तर तलब हुए थे।
फरवरी में बनाई थी तीन सदस्यीय समिति
जांच के लिए 19 फरवरी 20224 को तकनीकी शिक्षा, कौशल विकास एवं रोजगार विभाग ने तीन सदस्यीय समिति बनाई थी।
बैंक अफसर देता रहा फर्जी स्टेटमेंट
इस मामले में नया खुलासा हुआ है कि बैंक में फ्लैक्सी फिक्स डिपॉजिट अकाउंट खोलने के लिए दिए गए चेक को बैंक में बतौर टास्क हेड कार्यरत रहे कुमार मयंक ने एक्सिस बैंक के अपने पर्सनल अकाउंट में जमा किया था। कुमार मयंक ने आरजीपीवी के अफसरों को फर्जी अकाउंट स्टेटमेंट भी दिया था।

सोहागपुर और पिपरिया में भी ईडी की रेडप्रवर्तन निदेशालय ने सोहागपुर के सरदार वार्ड में दलित संघ के पदाधिकारी रतन उईके के यहां सोमवार को छापे की कार्रवाई की है। सुबह से दबिश देकर पहुंची ईडी की टीम देर शाम तक पूछताछ करती रही और तमाम दस्तावेजों की भी जांच करती रही। इस दौरान उईके के घर के बाहर पुलिस तैनात रहा और अंदर ईडी के अधिकारी जांच करते रहे। बता दें दलित संघ के एक पदाधिकारी के खिलाफ भी आरजीपीवी के मामले में ईडी ने पूर्व में भी कार्रवाई की थी। इसके अलावा ईडी की टीम ने पिपरिया के अनाज व्यापारी मंगलम फूड के संचालक रोहित अग्रवाल के घर और फैक्ट्री में व एक अन्य स्थान सिंह ट्रेडर्स में कार्रवाई की। रात तक कार्रवाई जारी रही। अनाज व्यापारी और बिल्डर के यहां की गई कार्रवाई किस कारण की गई इन वजहों का खुलासा नहीं हो पाया।