5 सितंबर 2026,

शनिवार

Patrika Logo
home_icon

होम

इनस्टॉल ऐप

ई-पेपर

video_icon

शॉर्ट्स

profile_icon

प्रोफाइल

कृषि में कार्बन उत्सर्जन में कमी लाने में गुजरात अग्रणी

सेमिनार के दौरान फसल अवशेष और जैव उर्वरक से प्रदूषण कम करने के उपाय भी सुझाए गए।
less than 1 minute read
Google source verification
Climate change

मेहसाणा में आयोजित वाइब्रेंट गुजरात रीजनल कॉन्फ्रेंस में वर्ल्ड बैंक की क्लाइमेट चेंज की प्रतिनिधि यशिका मलिक सम्बोधित करते हुए।

वर्ल्ड बैंक की क्लाइमेट चेंज प्रतिनिधि यशिका मलिक ने कहा कि गुजरात जलवायु परिवर्तन से निपटने के लिए अग्रणी राज्य के रूप में उभर रहा है। उन्होंने वाइब्रेंट गुजरात रीजनल कॉन्फ्रेंस में कृषि विभाग की ओर से आयोजित एक सेमिनार में यह बात कही। मलिक ने कहा कि गुजरात जलवायु कार्रवाई के लिए आवश्यक ढांचा और क्षमता के विकास में अग्रणी बन रहा है।

सेमिनार के दौरान वराह प्रोडक्ट्स के हेड सूरज सिंह ने फसल अवशेष और जैव उर्वरक से प्रदूषण कम करने के उपाय सुझाए। चिन्मय थोंस ने जलवायु परिवर्तन के संबंध में नेचर बेस्ड सॉल्यूशंस के प्रयासों पर प्रकाश डाला, जिसमें हाई क्वालिटी प्रोजेक्ट्स और रिसर्च स्टडीज शामिल हैं।

कल्पेश गड़ा ने कार्बन प्रोजेक्ट्स के लिए ब्लेंडेड फंडिंग और क्रेडिट गारंटी जैसे वित्तीय उपायों पर चर्चा की। सिद्धार्थ कौल ने नेचुरल फर्टिलाइज़र और बायोगैस के उपयोग को बढ़ावा देने और कार्बन क्रेडिट के विकास पर जागरूकता बढ़ाने की आवश्यकता पर जोर दिया।