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गुरु पूर्णिमा पर्व… खंडवा-नागपुर रोड पर गूंजने लगा भज लो दादाजी का नाम… भज लो हरिहर जी का नाम

-पांढुर्ना से रथ, निशान लेकर निकले पदयात्री, दूसरा जत्था आज निकलेगा

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खंडवा

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Manish Arora

Jun 16, 2025

गुरु पूर्णिमा पर्व का खंडवा में एक अलग ही महत्व है। अवधूत संत श्री केशवानंद महाराज बड़े दादाजी और श्री हरिहर भोले भगवान छोटे दादाजी के भक्तों द्वारा गुरु पूर्णिमा का पर्व सबसे बड़े त्योहार के रूप में मनाया जाता है। गुरु पूर्णिमा पर्व पर दादाजी महाराज को निशान चढ़ाने की भी परंपरा है। दादाजी भक्त सैकड़ों किमी पैदल चलकर श्री दादाजी धाम पहुंचते है। गुरु पूर्णिमा पर्व पर करीब 10 हजार निशान चढ़ते है। गुरु पूर्णिमा के एक माह पहले से ही नागपुर-खंडवा के बीच भज लो दादाजी का नाम… भज लो हरिहर जी का नाम… की गूंज शुरू हो गई है।

श्री दादाजी धाम में महाराष्ट्र, छिंदवाड़ा, पांढुर्ना, बैतूल जिलों से बड़ी संख्या में भक्त पैदल निशान लेकर पहुंचते है। पांढुर्ना से तीन दिन पूर्व गुरुवार को दादाजी भक्तों का जत्था रवाना हो चुका है। दादाजी रथ के साथ हाथों में निशान थामे, नंगे पैर 40 भक्त, जिसमें महिलाएं, बच्चे भी शामिल है, हाथों से रथ खींचते हुए चल रहे है। ये निशान मामा-भांजे का निशान नाम से प्रसिद्ध है। पिछले 66 सालों से निशान ला रहे मनोहर अरमरकर का पिछले साल गुरु पूर्णिमा पर दादाजी को निशान अर्पित करने बाद वापस लौटते समय हृदयघात से निधन हो गया था। अब इस परंपरा को उनका पुत्र पीयूष निभाते हुए निशान और रथ लेकर आ रहा है।

ऐसे शुरू हुई निशान लाने की परंपरा
बड़े दादाजी श्री केशवानंद महाराज ने 1930 में तीन दिन खंडवा प्रवास किया और यहीं अपना अंतिम पड़ाव बनाते हुए समाधिस्थ हुए थे। छोटे दादाजी महाराज श्री हरिहरानंद महाराज ने यहां वर्ष 1931 से गुरु पूर्णिमा पर्व की शुरुआत की थी। वर्ष 1954 में पहली बार बैतूल बाजार के गंगाधरराव जोशी अपनी पत्नी व अन्य भक्तों के साथ पहली बार निशान लेकर दादाजी धाम आए थे। तब से निशान लाने की परंपरा का आरंभ हुआ। इसके बाद पांढुर्ना से घनश्याम चहुतरे ने निशान लाने की परंपरा शुरू की। इन दोनों निशानों के साथ ही महाराष्ट्र, छिंदवाड़ा, पांढुर्ना, बैतूल, सौंसर, सांगवी, भैंसदेही के भक्त निशान लेकर खंडवा आने लगे। करीब 71 साल पुरानी इस परंपरा को अब अगली पीढ़ी ने संभाल रखा है।

20 को बैतूल बाजार से निकलेंगे निशान
निशान की परंपरा दादाजी धाम में बैतूल बाजार से ही शुरू हुई थी। हर साल की तरह इस साल भी बैतूल बाजार से रथ लेकर भक्तों का जत्था खंडवा आएगा। दादाजी भक्त पार्थ जोशी ने बताया कि 20 जून को उनकी यात्रा शुरू होगी। जत्थे में करीब 90 से 100 लोग शामिल रहेंगे। वहीं, जगदीश परातकर के नेतृत्व में पांढुर्ना से डोला और निशान सोमवार को निकाले जाएंगे। मोई ग्राम में पूजा अर्चना करने के बाद जत्था रवाना होगा। भक्त मनोज गुड़धे ने बताया 40 लोगों के साथ जत्था निकलेगा। रास्ते में यात्री जुड़ते जाएंगे।